24 वर्ष में खर्च 100 करोड़, नहीं बदली तस्वीर

स्वाधीन तिवारी

ज्ञानपुर (भदोही) : जनपद सृजन के चौबीस वर्षों बाद भी जिले के गांवों की दशा में रत्ती भर सुधार नहीं हुआ है, जबकि शासन से मिले डेढ़ सौ करोड़ रुपये में से 100 करोड़ विकास कार्यों पर खर्च भी कर दिए गए हैं। विकास की असली तस्वीर कुछ यूं है कि गांवों में बुनियादी समस्या पेयजल, जल निकासी की समस्या और जर्जर सड़कों आज भी विकास के दावों को पोल खोल रही है। जिससे ग्रामीण अंचलों में निवास कर रहे लोगों की जलालत दूर होती नहीं दिख रही हैं।

दरअसल, पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रत्येक जिले में गांवों के विकास के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों का गठन किए जाने का प्रावधान किया गया है। जिसमें जिला पंचायत के जिम्मे पूरे जिले के ग्रामीण अंचलों के विकास का दायित्व होता है, लेकिन विभागीय स्तर से उपेक्षा व उदासीनता से जिले की बदहाली आज भी दूर नहीं हो पाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत से बनी सड़कें जर्जर हो चली हैं। गांवों में पेयजल की समस्या की जलालत झेल रहे लोग दूषित पानी-पीने को लाचार हैं। हालांकि जिला पंचायत का प्रतिनिधित्व करने वाले माननीयों की आर्थिक स्थिति कुर्सी मिलने के बाद बदलाव हुआ है और रातों-रात आलीशान बंगला और लग्जरी वाहन दरवाजे की शोभा बढ़ाने के लिए हो जाते हैं।

-जल निकासी की जलालत झेल रहे ग्रामीण

आरटीआइ के तहत मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1994 से 2016 तक कुल 100 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक धनराशि विभिन्न मदों में खर्च की गई, लेकिन खर्च धनराशि के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति की पहिया अत्यंत सुस्त है। गांवों की दशा में बदलाव न होने से स्थिति जस का तस है। गांवों में जल निकासी की समस्या की जलालत झेल रहे ग्रामीणों की दिक्कत पर्याप्त बजट व्यय होने के बावजूद भी दूर नहीं हो पाई है।

-आंकड़ों की बानगी

वित्त वर्ष व्यय राशि

2011-12 413.75

2012-13 465.33

2013-14 1592.86

2014-15 1349.49

2015-16 1830.828

नोट-व्यय राशि लाख में है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.