रंग-रोगन कर चमकाया, शौचालय में दरवाजा नहीं लगवाया

जागरण संवाददाता ऊंज (भदोही) स्वच्छ भारत मिशन को जिम्मेदार पलीता लगा रहे हैं। सामुदायिक

JagranTue, 28 Sep 2021 04:33 PM (IST)
रंग-रोगन कर चमकाया, शौचालय में दरवाजा नहीं लगवाया

जागरण संवाददाता, ऊंज (भदोही) : स्वच्छ भारत मिशन को जिम्मेदार पलीता लगा रहे हैं। सामुदायिक शौचालय के निर्माण के नाम पर लापरवाही जारी है। संचालन के नाम पर महिला समूहों को धनराशि आवंटित कर दिए जाने के बाद भी कहीं निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है तो कहीं बनने के बाद ताला लगा दिया है। परिणाम ग्रामीणों को खुले में शौच से मुक्ति नहीं मिल रही है। जरूरत के वक्त पर महिलाओं, बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक को खेतों की राह थामनी पड़ रही है।

स्वच्छता मिशन को लेकर शासन बेहद गंभीर है। गंभीरता का आलम यह है कि प्रत्येक गांव में दो-दो सामुदायिक शौचालय के निर्माण को स्वीकृति दी है तो इसके लिए राज्य व 14वें वित्त से पर्याप्त धनराशि खर्च करने की भी छूट दे रखी है। इतना ही नहीं सामुदायिक शौचालयों के संचालन के नाम पर महिला समूहों को कहीं 27 हजार तो कहीं 54 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। जबकि अधिकांश शौचालय वास्तविक रूप से आज तक संचालित ही नहीं हो सके हैं। डीघ ब्लाक क्षेत्र के कालिकानगर (कोइरौना) बाजार में निर्मित शौचालय का निर्माण कार्य आज तक अधूरा छोड़ दिया गया है। आज तक दरवाजा नहीं लगवाया गया। न तो पानी टंकी की व्यवस्था की गई। इतना जरूर है कि बाहर से उसे लक-दक कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप रहा कि जिला प्रशासन से भले ही शौचालय संचालन के नाम पर महिला समूह के खाते में धन भेज दिया गया है लेकिन संचालन आज तक नहीं हो सका है। इसकी गहराई के साथ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

क्या बोले ग्रामीण

प्रदेश सरकार एक कदम स्वच्छता की ओर के तहत प्रत्येक परिवार को खुले में शौचमुक्त करने का प्रयास कर रही है। पर्याप्त धन भी उपलब्ध करा रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार लापरवाही कर रहे हैं। डीघ ब्लाक के कोइरौना, कालिकानगर गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। दरवाजे नहीं लग सके हैं तो पानी की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इससे जरूरत के वक्त लोगों को खेतों की राह थामनी पड़ रही है। जबकि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी शौचालय शोपीस बना है।

चित्र 4-- अजय कुमार पांडेय

---------

- केंद्र व प्रदेश की सरकार गांवों को हर सुविधा से सुसज्जित करने को लेकर गंभीर है। यहां तक की अनुदान पर बन रहे व्यक्तिगत शौचालयों के साथ प्रत्येक गांव में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण कराया जा रहा है। शासन के निर्देश के बाद भी काम कराने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कालिकानगर में सामुदायिक शौचालय को दीवार खड़ी कर रंग रोगन कर चमका दिया गया। जबकि न तो दरवाजा लगवाया गया न ही पानी की व्यवस्था की गई।

चित्र 5-- भुल्लन मिश्र

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.