शिक्षा प्रेरकों के मानदेय का फंसा एक करोड़

जागरण संवाददाता ज्ञानपुर (भदोही) बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित भारत साक्षर मिशन के

JagranThu, 16 Sep 2021 03:47 PM (IST)
शिक्षा प्रेरकों के मानदेय का फंसा एक करोड़

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित भारत साक्षर मिशन के जिला समन्वयक नीरज उपाध्याय, राजकुमार तिवारी का करीब डेढ़-डेढ़ लाख रुपये मानदेय बकाया है। तो इसी तरह ब्लाक समन्वयकों का ढाई से तीन लाख व शिक्षा प्रेरकों का 20 से लेकर 50 हजार रुपये मानदेय बाकी है। इस तरह चार जिला समन्वयक, छह ब्लाक समन्वयक से लेकर 962 शिक्षा प्रेरकों के मानदेय का करीब एक करोड़ रुपये फंसा है। आज तक वह भुगतान की राह ही तक रहे हैं। जबकि उनकी सेवा समाप्त हुए दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। बार-बार भुगतान की मांग करके थक चुके समन्वयक व प्रेरक अब आंदोलन की राह थामने की तैयारी कर रहे हैं।

किसी कारणवश प्राथमिक शिक्षा से वंचित रह गए 15 वर्ष से उपर के लोगों को अक्षर ज्ञान कराकर संचालित की गई भारत साक्षर मिशन के तहत जिले के 481 गांवों में दो-दो कुल 962 शिक्षा प्रेरकों की तैनाती की गई है। इन्हें महज दो हजार रुपये प्रति माह मानदेय तय था। वह भी समय से भुगतान नहीं किया जा रहा था। इस तरह किसी का साल भर तो किसी का 15 से 20 माह तक का भुगतान बकाया था। इस बीच दो वर्ष पहले योजना को बंद कर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। आश्वासन दिया गया था कि उनका बकाया मानदेय शीघ्र उनके खाते में भेज दिया जाएगा लेकिन वह आज तक खाते में मानदेय आने का इंतजार कर रहे है। साक्षरता मिशन के जिला समन्वयक रहे नीरज उपाध्याय सहित अन्य प्रेरकों का कहना रहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। विभाग से शासन को ग्रांट के लिए डिमांड भी की गई है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि अब जल्द ही बकाए मानदेय के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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