प्रभारी मंत्री के सामने कालीन उद्यमियों ने रखी शर्त

ग्रीन जोन वाले जनपदों में औद्योगिक इकाइयों का संचालन प्रारंभ करने की कवायद के तहत प्रभारी मंत्री जयप्रकाश निषाद ने शुक्रवार को औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों व निर्यातक सदस्यों से वीडियो कांफ्रेंसिग कर वार्ता की। शासन की मंशा से अवगत कराते हुए निर्यातकों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा गया।

JagranFri, 24 Apr 2020 06:25 PM (IST)
प्रभारी मंत्री के सामने कालीन उद्यमियों ने रखी शर्त

- सुना दर्द

- वीडियो कांफ्रेंसिग के दौरान उद्योग संचालन के लिए मांगा सहयोग

- प्रभारी मंत्री ने विचार कर जल्द ही निर्णय लेने का दिया आश्वासन

जासं, भदोही : ग्रीन जोन वाले जनपदों में औद्योगिक इकाइयों का संचालन प्रारंभ करने की कवायद के तहत प्रभारी मंत्री जयप्रकाश निषाद ने शुक्रवार को औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों व निर्यातक सदस्यों से वीडियो कांफ्रेंसिग कर वार्ता की। निर्यातकों से उनकी समस्याएं पूछीं। कालीन उद्यमियों ने लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए प्रशासन की पिछली शर्तों के बारे में बताया। प्रशासन द्वारा इतनी कड़ी शर्तें रखी गई थी, जिसे वे पूरा करने में असमर्थ हैं।

अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के संयुक्त सचिव आलोक बरनवाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान शारीरिक दूरी, सैनिटाइज व साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्था तो उद्यमी कर सकते हैं लेकिन किसी अप्रिय घटना के दौरान निर्यातकों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की शर्त उन्हें मंजूर नहीं है। बताया कि प्रशासन द्वारा उनसे हलफनामा भरवाने को कहा जा रहा है जबकि वे पहले से ही आवश्यक कानून प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। प्रभारी मंत्री के सामने अपनी समस्या रखते हुए शर्तों में लचीलापन लाने की मांग रखी गई। प्रभारी मंत्री ने मांग पत्र देने को कहा। आश्वासन दिया कि उद्यमियों की मांगों पर विचार कर उन्हें अवगत कराया जाएगा। कांफ्रेंसिग में भाजपा जिलाध्यक्ष विनय श्रीवास्तव, भदोही विधायक रवींद्रनाथ त्रिपाठी, एकमा अध्यक्ष ओएन मिश्रा, सीईपीसी चेयरमैन सिद्धनाथ सिंह, संजय गुप्ता, ओंकारनाथ मिश्रा बच्चा और संगीता खन्ना आदि मौजूद रहे।

मंत्री के सामने उद्यमियों की मांगे

इकाई संचालन के लिए कालीन उद्यमियों ने पांच सूत्रीय मांग प्रभारी मंत्री के सामने रखा। काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पास जारी कराया जाए। निर्यातकों को गैरजनपदों में आवागमन के लिए भी वाहन पास मिले। बुनाई का कार्य आसपास के जनपदों के साथ शाहजहांपुर, आगरा सहित अन्य शहरों में होता है। इसके अलावा रा मैटेरियल के लिए भी उन्हें अनुमति मिलनी चाहिए। कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार कर्मचारियों को वेतन देना है लेकिन कामकाज ठप होने व पेमेंट आदि रुकने के कारण उनके सामने भी आर्थिक संकट है। ऐसे में वेतन संबंधी शर्त में राहत मिलनी चाहिए।

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