बंद हो रही खिड़कियां, आरक्षण केंद्र पर लटकेगा ताला!

जागरण संवाददाता, भदोही : रेलवे को हाईटेक करने तथा यात्री सुविधाओं में वृद्धि के इतर रेलवे के आरक्षण केंद्रों पर ताला लटकने की नौबत आ गई है। खिड़कियां एक एक कर बंद होती जा रही हैं। भदोही स्टेशन के आरक्षण केंद्र को प्रतिमाह 60 से 70 लाख की कमाई होती है, लेकिन यहां महज एक खिड़की से आरक्षण सेवा की जा रही है।

वाराणसी-लखनऊ रेलखंड स्थित कालीन नगरी के प्रमुख स्टेशन भदोही से विभाग को भारी भरकम कमाई होती है। सामान्य दिनों में आरक्षण केंद्र के माध्यम से दो से ढाई लाख रुपये की आमदनी प्रतिदिन होती है जबकि मई व जून में आकंड़ा तीन से साढ़े तीन लाख पहुंच जाता है। तीन वर्ष पहले केंद्र पर तीन खिड़कियों से यात्री सेवा की जाती थी लेकिन वर्तमान समय महज एक खिड़की संचालित की जा रही है।

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कर्मचारियों की कमी ने बढ़ाई समस्या

सेवानिवृत्ति के बाद एक एक कर कर्मचारी कम तो हुए लेकिन नए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई। आलम यह है कि केंद्र पर नौ सापेक्ष सुपरवाइजर सहित चार कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। परिणामस्वरूप न सिर्फ विभाग की कमाई घट रही है बल्कि यात्रियों को भी निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

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मुसाफिर बोले, आरक्षण सुविधा होनी चाहिए चाक-चौबंद

डा. सैलेश पाठक का मानना है कि रेलखंड के महत्वपूर्ण स्टेशन पर आरक्षण सुविधा चाक चौबंद होनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार कर्मचारियों की नियुक्ति करने के साथ संसाधनों को दुरुस्त करने की जरूरत है। ताकि यात्रियों को निराश होकर वापस न लौटना पड़े। आदिल सिद्दीकी का कहते हैं कि आरक्षण केंद्र दलालों का अड्डा बन चुका है।विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से तत्काल टिकट पर दलालों का कब्जा हो जाता है जबकि दूर दूराज से आकर घंटों लाइन लगाने वाले मुंह ताकते रह जाते हैं। उधर मनोज गुप्ता भी आरक्षण केंद्र की सेवा असंतुष्ट नजर आए।

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मार्च में 68 लाख की हुई थी टिकट बिक्री

आरक्षण पर्यवेक्षक राजेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के संबंध में कई बार विभाग को लिखा गया लेकिन गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।बताया कि गत माह मार्च में आरक्षण केंद्र से कुल 68 लाख के टिकट बिके थे जबकि कभी दो कभी एक खिड़की से ही सेवा दी जा रही है। कहा कि पर्याप्त कर्मचारी होते तो तीनों खिड़कियों का संचालन होता।

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भदोही स्टेशन के आरक्षण केंद्र की समस्या संज्ञान में है। इसके लिए वाणिज्यिक विभाग को कहा गया है। जल्द ही कर्मचारियों को भदोही स्टेशन भेजा जाएगा।

-रवि प्रकाश चतुर्वेदी, एडीआरएम, वाराणसी

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