अपरिपक्व चालकों के हाथ में स्टेय¨रग से बढ़ रही दुर्घटनाएं

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : अपरिपक्व वाहन चालकों की बेपरवाही से सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए ¨चता का विषय हैं। दुर्घटनाओं के लिए एक तरफ जहां खराब सड़कें दोषी हैं तो दूसरी ओर यातायात नियमों के पालन के प्रति लापरवाही भी काफी हद तक जिम्मेदार। संबंधित विभाग के साथ नियमों के पालन के प्रति गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। विशेषकर किशोरवय युवाओं व अप्रशिक्षित चालकों के हाथ में स्टेय¨रग घातक साबित हो रही है।

विशेषकर युवाओं के हाथ में बाइक पकड़ाने से पहले न तो रफ्तार पर काबू रखने की हिदायत दी जाती है न तो लाइसेंस साथ रखने की जरूरत समझी जाती है। बाइक दुर्घटना में अधिकतर युवा ही शिकार होते हैं। घटना के बाद दूसरे वाहन चालक को अक्सर दोष दिया जाता है जबकि वास्तविकता यह है कि नियमों के प्रति अनभिज्ञता तथा तेज रफ्तार वाहन चलाने के कारण ही अक्सर घटनाएं होती हैं।

इसी तरह अप्रशिक्षित चालकों के हाथ में स्टेय¨रग भी परेशानी का सबब साबित हो रहा है। ऐसे लोगों को परिवहन कार्यालय से जारी हो रहे ड्राइ¨वग लाइसेंस से भी सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रहीं हैं। कम पढ़े लिखे भी मौका मिलते ही लग्जरी वाहनों की स्टेय¨रग थाम सड़कों पर वाहन चलाते देखे जाते हैं। ऐसे अप्रशिक्षित लोगों के पास न तो यातायात नियमों के प्रति कोई जानकारी होती है न ही अनुभव।

थोड़ी सी सावधानी से दुर्घटनाएं टाली जा सकती हैं। वाहन चलाते समय सहयात्री से बात करना भी दुर्घटना को बढ़ावा देता है। नियमानुसार निर्धारित उम्र के बाद ही बाकायदा वाहन चलाने का प्रशिक्षण तथा लाइसेंस जारी किया जाना चाहिए। अभिभावकों की भी यह जिम्मेदारी होती है कि अवयस्क बच्चों के हाथ में किसी भी वाहन चाबी नहीं सौंपे। अधिकतर बाइक सवार हेलमेट पहनना तथा जरूरी कागजात साथ में रखना तौहीन समझते हैं। ट्रैक्टर चालकों के पास न तो लाइसेंस होता न ही उन्हें शहरों में वाहन चलाने का अनुभव। ऐसे चालकों पर अंकुश लगाने की जरूरत है।

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बेतरतीब पार्किंग भी एक कारण

बेतरतीब वाहन पार्किंग अलग ही समस्या का कारण है। शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण बाजारों में पटरियों से सड़क तक आड़े तिरछे खड़े वाहन देखे जा सकते हैं। कई बार इसके कारण भी घटनाएं होती हैं। इस दिशा में जिले में अक्सर पुलिस द्वारा लोगों को चेतावनी देने के साथ साथ कार्रवाई भी करती है लेकिन हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर लोग कायम हैं।

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