धूल फांक रही 55 लाख के घोटाले की फाइल

मनमानी - बगैर डीएम की अनुमति खरीदा गया था डस्टबिन दो बार शासन को भेजी जा चुकी है रिपोर्ट

JagranMon, 18 Oct 2021 08:03 PM (IST)
धूल फांक रही 55 लाख के घोटाले की फाइल

मनमानी

- बगैर डीएम की अनुमति खरीदा गया था डस्टबिन, दो बार शासन को भेजी जा चुकी है रिपोर्ट

- नपं अध्यक्ष ने अपने भाई की पत्नी के फर्म से डस्टबिन खरीदने का मामला

- जारी किया जा चुका है आरोपपत्र, नोटिस जारी कर मांगा गया था जवाब

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही जीरो टालरेंस की बात कर रहे हों लेकिन उनके ही नगर विकास विभाग में 55 लाख घोटाले की फाइल धूल फांक रही है। नगर पंचायत खमरिया में बगैर जिलाधिकारी की अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर अध्यक्ष के भाई की पत्नी के फर्म से डस्टबिन खरीद के मामले में दो बार रिपोर्ट जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में शासन की ओर से इस संबंध में नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के साथ ही साथ आरोपपत्र भी जारी किया जा चुका है। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि दो बार सत्यापित कर रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जा चुकी है। शासन स्तर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डीएम के माध्यम से फिर पत्र भेजा जाएगा।

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क्या है पूरा मामला

नगरीय क्षेत्रों के विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच और उसके भुगतान को बनी टीम अपना खजाना भरने में जुटी हुई है। अधिकारियों की टीम लाखों-करोड़ों का भुगतान करने की संस्तुति कर दे रही है। नगर पंचायत खमरिया में 70 लाख रुपये की डस्टबिन खरीदी गई थी। इस मामले की जांच तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कविता मीना ने जांच कर रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी को सौंपी थी। इसी जांच को अपर जिलाधिकारी ने नगर विकास विभाग को भेजी है। शासन की ओर से रिपोर्ट के आधार पर डीएम के माध्यम से नोटिस भी जारी गई। इस मामले में डीएम की ओर से शासन को रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है । ----------------------

शासन की ओर से जारी आरोपपत्र

प्रमुख सचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि 30 लाख रुपये तक की खरीदारी सीधे जैम पोर्टल से की जा सकती है। यदि सभी डस्टबिन के मूल्यों को जोड़ दिया जाए तो एक ही फर्म को 30 लाख से अधिक का सामान खरीदने के लिए चयन किया गया है। जिसकी सूचना नगर पंचायत खमरिया द्वारा डीएम को न दी गई और न अनुमति ली गई। उक्त वर्णित स्थिति से स्पष्ट है कि डस्टबिन क्रय में एक ही फर्म से 30 लाख से अधिक का सामान विक्रय के लिए चयन किया गया है, जो नियमानुसार नहीं है। दूसरा आरोप यह है कि अध्यक्ष ने अपने भाई की पत्नी शशिकला के फर्म हरि इम्पेक्स से डस्टबिन खरीदी है।

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