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कोरोना संक्रमण रोकने में सतर्कता व बचाव है कारगर हथियार

कोरोना संक्रमण रोकने में सतर्कता व बचाव है कारगर हथियार

सकारात्मक बनें और दूसरों को बचाव के उपायों को जरूर बताएं

JagranSun, 16 May 2021 11:19 PM (IST)

जागरण संवाददाता, बस्ती : कोरोना संक्रमण को लेकर चहुंओर हाय-तौबा है। लेकिन इस बीच सकारात्मक रहकर खुद के साथ दूसरों को भी इस महामारी से बचा सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति कत्तई न घबराएं। चिकित्सकों के परामर्श को अपनाएं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम में बचाव ही कारगर हथियार है, ऐसे में जागरूकता व बचाव जरूरी है।

दूसरी लहर पर ब्रेक लगाने को खुद के साथ दूसरे को जागरूक करें। सकारात्मक बनें और और दूसरों को बचाव के उपायों पर अमल करने को प्रेरित करें। दिनचर्या में सुधार लानी होगी। कोरोना संक्रमितों की संख्या जिले में कम हो रही है, रिकवरी दर बढ़ी है, फिर भी सर्तकता जरूरी है, ताकि जिले से कोरोना को जल्द भगाया जा सके। कोरोना से यदि कोई व्यक्ति संक्रमित हो भी जाए तो उसे घबराना नहीं चाहिए। बेहतर देखभाल व उपचार की बदौलत कोरोना को हरा सकते हैं। कोविड प्रोटोकाल का ठीक से पालन करें। प्रतिदिन योग करें। शरीर की इम्युनिटी मजबूत करने के लिए विटामिनयुक्त खाद्य पदार्थ का सेवन अधिक करें। भोजन में पौष्टिक आहार वाले खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करें। इससे संक्रमण का खतरा कम रहता है। नियमित हाथ धुलते रहें। मास्क लगाने की आदत डालें। कोई वस्तु छूने के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल जरूर करें। साबुन से भी हाथ धुलते रहे। कोर्माबिड वाले जैसे ब्लड प्रेशर, शुगर आदि मरीजों को इस महामारी में अधिक सावधानी बरतें। चिकित्सकों का कहना है कि यदि किन्हीं कारणों से कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो भी जाता है तो आठ दिन में स्वस्थ होकर घर लौट जा रहे हैं। जरूरी नहीं कि वह अस्पताल में जाकर तत्काल भर्ती हो जाए। चिकित्सक से सलाह जरूर लें। चिकित्सकों के अनुसार घर पर ही रहकर कोरोना को हराया जा सकता है। अफवाहों से बचने की जरूरत है।

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पाजिटिव आए भी तो चिकित्सक से संपर्क करके दवा का सेवन करें :

सीएमओ आफिस के कंट्रोल रूम के चिकित्साधिकारी डा. रुपेश कुमार हलदार ने बताया कि कोरोना महामारी से निजात पाने को बचाव जरूरी है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। हौसलों से कोरोना को हराया जा सकता है। घर में रहें, सुरक्षित रहें। कोविड वैक्सीन लगवाएं। दिन में गलाला सेंधा नमक अथवा हल्दी के साथ करें। भाप भी लेते रहे। स्वास्थ्य खराब होने पर यदि लक्षण दिख रहे हों तो तत्काल कोविड की जांच कराएं। इससे घबराए नहीं। पाजिटिव आए भी तो चिकित्सक से संपर्क करके दवा का सेवन करें। स्वस्थ हो जाएंगे। लक्षण वाले लोग पहले परिवार को, फिर अन्य मिलने-जुलने वाले को संक्रमित कर सकते हैं, ऐसे में समस्या हो तत्काल लोगों से दूरी बना लें। नियमित हाथ धुलते रहें। सैनिटाइजर का प्रयोग करें। मास्क जरूर लगाते रहें। जरूरी कार्य न हो तो बाहर कत्तई न निकलें। योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करें। नीबू, संतरा, आंवला का अधिक सेवन अधिक करें। हरी सब्जी का प्रयोग करें। इम्युनिटी पावर मजबूत करें, ताकि संक्रमण से लड़ा जा सके।

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संकट में हैं तो इन नंबरों पर मांगें मदद कोरोना महामारी के दौरान यदि कोई व्यक्ति संकट में हैं तो इमरजेंसी नंबरों पर मदद जरूर मांगें। विकास भवन स्थित कोविड-19 कमांड एवं कंट्रोल सेंटर 24 घंटे सक्रिय है। सेंटर के इस नंबर पर 05542245672 संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा सीएमओ आफिस में कंट्रोल रूम सक्रिय है। 05542-287774 पर फोन करके कोरोना से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। कोई संकट में हो तो सहयोग मांग सकते हैं। शहर और गांव में जरूरी स्थलों पर सैनिटाइजेशन के लिए भी इन नंबरों का इस्तेमाल किया जा सकता है। शहर में नगर पालिका तो गांव में पंचायतीराज विभाग सैनिटाइजेशन कराएगा। इसके अलावा डायल-112, एंबुलेंस के लिए 102, 108 पर तथा सीएमओ से संपर्क एवं शिकायत के लिए 8005192643 पर काल कर सकते हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस से भी 8005192739, मेडिकल कालेज में एल-टू हास्पिटल प्रभारी से 9415038392 पर व जिलाधिकारी से 9454417528 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कोरोना संकट काल में इन नंबरों पर 05542245672, 05542245699, 7398372931, 7392828423, 7522065967, 8604579857 पर संपर्क कर सकते हैं।

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योग से दूर करें फेफड़ों का इंफेक्शन, कमर बनाएं लचीला :

मुख्य योग शिक्षक आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि योग हमारे पूर्वज ऋषियों द्वारा दिया गया एक पूर्ण व्यवस्थित ज्ञान है जिसमें शरीर और मन को स्वस्थ बनाए रखने का विज्ञान छिपा हुआ है। इसे जीवनशैली में शामिल करके हम केवल स्वस्थ व आनंदित ही नहीं होते बल्कि दूसरों को भी स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन प्रदान कर सकते हैं। योग शिक्षक आनन्द प्रताप सिंह बताते हैं कि योग से जुड़ने के पश्चात व्यक्ति का कायाकल्प हो जाता है। आसनों का अभ्यास करने से शरीर से रोग और मन से संताप धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं और अंतत: समाप्त हो जाते हैं। कटिचक्रासन उन्हीं आसनों में से एक है इसके लिए

सबसे पहले ताड़ासन में आएं। पैरों को एक-दूसरे से 12 इंच दूर रखते हुए जमीन पर जमकर खड़े हो जाएं। अब बांहों को छाती के सामने से बाहर की ओर ऐसे फैलाएं कि हथेलियां आमने-सामने हों। सांस भरें और सांस छोड़ते हुए अपने बांहों को धीरे-धीरे अपने शरीर की दाईं ओर ले जाएं। अपने शरीर को दाईं ओर घुमाइए। शरीर को कमर से मोड़िए और अपनी बांहों को यथासंभव पीछे की ओर ले जाने का प्रयास कीजिए। जब आप अच्छी तरह घूम जाते हैं तो इस स्थिति को बनाए रखें और फिर सांस लेते हुए आप बीच में आएं। यही प्रक्रिया बाईं ओर भी दोहराएं। यह एक चक्र हुआ

इस तरह से आप पहले तीन से पांच चक्र करें फिर इसको धीरे-धीरे बढ़ाते जाएं। इस आसन के तेज अभ्यास से से आप अपने वजन को कम कर सकते हैं। इस आसान के अभ्यास से आप खास तौर पर औरतें अपनी कमर को पतली कर सकती हैं। यह आपके कमर को स्लिम एवं खूबसूरत, लचीला और मजबूत बनाता है। इसके अभ्यास से आप अपने छाती को चौड़ा कर सकते हैं और सांस से सम्बंधित रोगों को कम कर सकते हैं। यह आपके फेफड़े के लिए बहुत ही फायदेमंद योगाभ्यास है। इससे आप अपने कब्ज को कम कर सकते हैं और पाचन संबंधी समस्या से बच सकते हैं।

पसलियां लोचदार बन जाती हैं, जिससे कई श्वसन रोग यहां तक कि फेफड़ों के क्षय (टीबी) रोग से भी बचाव हो सकता है। इससे कंधे, गर्दन, बांहें, पेट, पीठ और जांघ मजबूत होती हैं। ज्यादा कमर दर्द वाले रोगियों को व जिनका चार माह पूर्व कोई सर्जरी हुई हो तो इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।

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मंदिरों में जाने से बचें, घर में ही करें पूजा

हनुमानबाग चकोही के पुजारी पं. रामचंद्र दास ने लोगों से आह्वान किया कि कोरोना संक्रमण काल में पूजा-पाठ में बहुत अधिक सर्तकता बरतने की जरूरी है। यदि संभव हो तो कुछ दिन मंदिरों में जाने से बचें। घर में ही पूजा-पाठ करें। यदि कहीं पूजा-पाठ के लिए जा भी रहे हैं तो बचाव के साथ अर्चन करें। मंदिरों में लोग भीड़ न बढ़ाएं। मंदिर व धार्मिक स्थलों पर यदि जरूरी न हो तो जाने से बचें। घर में मन से पूजा करने पर उतना ही फल मिलेगा जितना कि मंदिर में जाकर पूजन-अर्चन करने से होगा। श्रद्धाभाव से पूजा पाठ करने से हर जगह फल मिलेगा। लोगों का भी कर्तव्य है कि इस महामारी की लड़ाई में साथ दें और खुद सुरक्षित हो और दूसरे को भी सुरक्षित करें। महामारी रोकने में सबका सहयोग जरूरी है। कोरोना महामारी पर जनजागरूकता से ही फतह मिलेगी। कोशिश करें कि नियमित हवन-पूजन का क्रम चलता रहे। संकट के इस दौर में धैर्य व हौसला बनाए रखें।

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जिले में कोविड अस्पताल की स्थिति

- रिक्त बेड की सूचना

- एल-वन अस्पताल सीएचसी मुडेरवा- 40 बेड रिक्त है

- आश्रय स्थल बस्ती - 50 बेड रिक्त है

- आश्रम पद्धति विद्यालय भानपुर -100 बेड रिक्त है

- कैली में आइसीयू बेड 90 बेड, सभी फुल

- कैली में सामान्य बेड 210 (आक्सीजनयुक्त)- 48 बेड खाली

- कैली में टोटल 173 मरीज भर्ती, 152 बेड रिक्त है

- कैली में आक्सीजनयुक्त बेड 48 रिक्त है

- कैली में आक्सीजन के 260 सिलेंडर उपलब्ध है

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