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अधिशासी अभियंता नलकूप का वेतन रोकने का निर्देश

बस्ती : जिले में कई विभागों की ओर से मनरेगा के तहत श्रमिकों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध न कराए जाने पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने असंतोष जताया है। उन्होंने स्वीकृत कार्य के सापेक्ष वर्क आइडी तथा वर्क आइडी के सापेक्ष मस्टररोल जारी करने में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने का आदेश भी किया है। नलकूप विभाग द्वारा 26.73 लाख के 55 कार्य स्वीकृत कराए गए है। केवल एक कार्य की आइडी जनरेट हुई है, तथा 07 मस्टररोल जारी हुआ है। मात्र 20 मजदूर काम पर लगाए गए है। इस शिथिलता के लिए जिलाधिकारी ने वेतन रोककर मजदूरों की संख्या बढाने का निर्देश दिया है।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कार्य की आइडी जनरेट करते हुए जीओ टैग करें तथा मस्टररोल निकालें। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को जिम्मेदारी दी है कि वे कार्य स्थल पर मांग के अनुसार श्रमिक उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि विभाग के जेई तथा गांव के सचिव प्रत्येक कार्य के लिए नोडल बनाएं जाएं तथा वे आपसी तालमेल से कार्य कराना सुनिश्चित करें।

सरयू ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के दो कार्य स्वीकृत हुए हैं। दोनों पर आइडी जनरेट हो गई है, परंतु कोई मस्टररोल जारी नहीं हुआ है। जिलाधिकारी ने पूर्व की एक बैठक में अधिशासी अभियंता से बस्ती जिले में नालों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था परंतु उसे भी वे उपलब्ध नहीं करा पाए। इस शिथिलता के लिए उनको कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।

समीक्षा में उन्होंने पाया कि कुल 12 विभागों द्वारा 398 कार्य स्वीकृत कराए गए हैं जिसकी लागत 729 लाख रुपये है। 272 कार्यों की आइडी जनरेट हुई और मात्र 77 पर मस्टररोल जारी किया गया। इस प्रकार कुल 2351 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो पाया। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया है तथा कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इस मौके पर सीडीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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