महंगाई ने बिगाड़ा किचन का बजट, ठंडे पड़ गए उज्ज्वला के चूल्हे

महंगाई ने बिगाड़ा किचन का बजट, ठंडे पड़ गए उज्ज्वला के चूल्हे

रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा उपभोक्ताओं का बजट

JagranFri, 26 Feb 2021 11:53 PM (IST)

जागरण संवाददाता, बस्ती : लगातार बढ़ते गैस सिलेंडरों के मूल्य से उपभोक्ताओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। उपभोक्ता समय से गैस सिलेंडर नहीं भरा पा रहे हैं। अब तो महंगाई के चलते किचन का भी बजट बिगड़ गया है और अधिकतर उपभोक्ताओं के घर उज्ज्वला के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के तहत कनेक्शन विहीन लोगों को निश्शुल्क में रसोई गैस सिलेंडर व चूल्हा दिया गया था। इसके लिए जगह-जगह शिविर लगाकर सांसद व विधायकों ने अपने हाथों से कनेक्शन दिए थे। हाल यह है कि मौजूदा समय में जिले में बमुश्किल 40 फीसद लोग ही गैस सिलेंडर ले पा रहे हैं। सिलेंडर न भरा पाने वाले उपभोक्ताओं के घरों में भी लकड़ी के चूल्हे पर भोजन तैयार किया जा रहा है। बानगी के तौर पर भानपुर तहसील क्षेत्र को ही लें। यहां तीन गैस एजेंसियां हैं। श्री बाला जी गैस एजेंसी पटखौली की ओर से 5500 उपभोक्ताओं को,जय अंबे ग्रामीण गैस वितरक अमरौली शुमाली ने 3600 व सारिका गैस एजेंसी बांसपार ने 10000 उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया गया था। इनमें से मात्र 40 फीसदी उपभोक्ता ही हर महीने गैस भरवा रहे हैं। 15 फीसदी उपभोक्ता ऐसे हैं जो हर दूसरे व तीसरे महीने गैस भरवाते हैं। 25 फीसदी उपभोक्ता ऐसे हैं जो साल में सिर्फ एक या दो बार ही सिलेंडर भरवाते हैं। भानपुर संवाददाता के अनुसार अमरौली शुमाली टोला चिरैयाडांड़ की विमला देवी ने बताया कि उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन मिला था। बढ़ती कीमतों के कारण अब रसोई गैस भरवाना बस की बात नहीं रह गई है। अब लकड़ी से चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है। वहीं इसी गांव की इंद्रावती ने बताया कि सुबह का भोजन रसोई गैस पर बनाती हैं, जबकि शाम का लकड़ी पर। ऐसा गैस की बचत करने के लिए करना पड़ रहा है। बताया कि दाम बहुत बढ़ गया है व सब्सिडी भी नहीं आ रही है।

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