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एक करोड़ उड़ाने वाले पकड़े गए सात साइबर ठग

एक करोड़ उड़ाने वाले पकड़े गए सात साइबर ठग
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 10:10 PM (IST) Author: Jagran

बस्ती: आयुष्मान योजना के नाम पर ग्रामीणों को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार इनामी हैं। गिरोह के सदस्य तीन साल के अंदर बस्ती सहित अन्य जिलों में लगभग एक करोड़ रुपये बैंक खाते से उड़ा चुके हैं।

बुधवार को पुलिस टीम की इस उपलब्धि की जानकारी सीओ सिटी गिरीश कुमार सिंह ने पत्रकारों को दी। बताया प्रभारी निरीक्षक गौर पंकज गुप्ता, प्रभारी साइबर सेल विकास यादव की संयुक्त टीम ने गिरोह के सदस्यों को रेलवे स्टेशन टिनिच से गिरफ्तार किया है। बीते 28 जुलाई को गौर थाना क्षेत्र के ढोढरी गांव निवासी श्याम गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके पिता सुभाषचंद्र के ज्वाइंट खाते से विभिन्न तिथियों में 10-10 हजार करके तीन बार में 30 हजार रुपये उड़ा दिए थे। उसके गांव व गांव के आस पास के लगभग 100 लोगों के खातों से यह लोग पिछले चार दिनों से रुपये निकाल रहे थे। बताया कि बैंक से जानकारी करने पर बताया गया कि रकम आधार कार्ड के जरिए किसी ग्राहक सेवा केंद्र से निकाली गई हैं। गौर पुलिस आयुष्मान योजना के नाम पर श्याम गुप्ता व अन्य से आधार कार्ड की फोटो कापी लेने और अंगूठा व हस्ताक्षर कराने के आरोप में धनुषधारी निवासी ढोढरी व पंकज तिवारी निवासी बहादुरपुर थाना गौर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छानबीन कर रही थी। जांच के दौरान बैंक पहुंचने पर कई अन्य व्यक्तियों ने प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उनके खाते से भी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रुपयों की निकासी की जा रही है। पुलिस की छानबीन में यह गिरोह प्रकाश में आया।

साइबर ठगों में इनामी संजय कुमार पाण्डेय उर्फ नाना,निवासी केवटली थाना महुली जिला संतकबीरनगर,सर्वेश द्विवेदी निवासी पिकौरा बक्श हाईडिल कॉलोनी थाना कोतवाली जनपद बस्ती, शहाबुद्दीन उर्फ सुनील मिश्रा उर्फ रविद्र कुमार निवासी बारीगांव, बनकटा थाना सिकरीगंज जनपद गोरखपुर, उसकी पत्नी राखी मिश्रा उर्फ कृपा मिश्रा के अलावा अमर बहादुर सिंह निवासी बारीगांव थाना घुघली जनपद महराजगंज,सुरेंद्र मिश्रा निवासी रोशनगंज थाना रौनापार जिला आजमगढ़ व सूर्य प्रकाश शुक्ला निवासी उफरौली थाना सिकरीगंज जनपद गोरखपुर शामिल हैं।

गिरोह के लोग यूं करते थे ठगी

अभियुक्तों ने बताया कि वे लोग सरकारी योजना के नाम पर गांव में जाते हैं और लोगों से आधार कार्ड की प्रति लेकर एक अंगूठे की छाप ले लेते हैं। उसी अंगूठे की छाप से क्लोन तैयार कर लेते थे। उसमें से यदि कोई पैन कार्ड वाला मिल गया तो उसके नाम से आनलाइन सीएसपी जारी करा लेते थे। इसके बाद अभिलेखों का उपयोग कर बैंक खाता खुलवाकर क्लोन किए गए अंगूठे का प्रयोग कर खाते से रकम उड़ा देते थे।

यह हुई बरामदगी

पकड़े गए लोगों के पास से 2.20 लाख नकद बरामद किए गए हैं। विभिन्न खातों में 6.91 लाख रुपये फ्रीज कराया गया है। इसके अलावा एक लाख रुपये का जेवर, दो बाइक, नौ मोबाइल,एक लैपटाप, एक सीपीयू, एक स्कैनर, प्रिंटर,एक टैबलेट, एक माइक्रो एटीएम, 12 एटीएम कार्ड, एक मंत्रा डिवाइस, मार्फो मशीन, ग्लू मशीन, अंगूठा निशान बनाने की क्लोनिग मशीन व केमिकल आदि बरामद किए गए हैं।

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