प्रधान, बीडीसी और जिपं सदस्य पद पर 78 ने दर्ज कराई आपत्ति

प्रधान, बीडीसी और जिपं सदस्य पद पर 78 ने दर्ज कराई आपत्ति

आठ मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। आपत्तियां प्राप्त करने के लिए गुरुवार को विकास भवन में पंचायती राज विभाग की ओर से एक पटल स्थापित किया गया। इस पर चार कर्मचारियों को आपत्ति लेने के लिए लगाया गया। पहले दिन प्रधान पद के आरक्षण को लेकर 78 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई।

JagranThu, 04 Mar 2021 11:41 PM (IST)

बस्ती: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कार्यक्रम के तहत ग्राम प्रधान, बीडीसी, प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य के आरक्षण की सूची जारी होने के बाद गुरुवार से आपत्तियां प्राप्त की जाने लगी। पहले दिन कुल 78 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई।

आठ मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। आपत्तियां प्राप्त करने के लिए गुरुवार को विकास भवन में पंचायती राज विभाग की ओर से एक पटल स्थापित किया गया। इस पर चार कर्मचारियों को आपत्ति लेने के लिए लगाया गया। पहले दिन प्रधान पद के आरक्षण को लेकर 78 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई। अधिकतर ग्राम पंचायत में जातीय जनसंख्या का हवाला देते हुए आरक्षण बदलने की मांग की गई है। इसी प्रकार जिला पंचायत सदस्य के नौ वार्डों में तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) के आठ सीटों पर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरक्षण बदलने की मांग की गई है। पटल सहायक अतुल पांडेय ने बताया कि पहले दिन शाम पांच बजे तक कुल 78 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

नौ मार्च को डीपीआरओ कार्यालय में सभी आपत्तियां एकत्र की जाएंगी। 10 से 12 मार्च के बीच आपत्तियों का परीक्षण और निस्तारण डीएम के द्वारा गठित समिति करेगी और अंतिम रूप से सूची तैयार करेगी। 13 से 14 मार्च के बीच वार्ड की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि 15 मार्च को जिलाधिकारी की ओर से पंचायती राज निदेशालय को अंतिम सूची भेज दी जाएगी।

संचारी रोग नियंत्रण के प्रति किसानों को किया गया जागरूक

राजकीय कृषि बीज गोदाम हर्रैया में गुरुवार को जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिड्रोम (एईएस) बीमारी के रोकथाम के उपाय सुझाए गए।

संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत चूहा और छछूंदर के नियंत्रण की जानकारी दी गई। बीज गोदाम प्रभारी संजय निगम ने कहा कि किसान अपने घरों की साफ-सफाई के अलावा आसपास की नालियों की भी सफाई करवाने में सहयोग करें ताकि मच्छरों से निजात मिले। नाली में कीटनाशक व मिटटी के तेल का छिड़काव करें। खेत खलिहान में चूहों के बिल के पास लुभावना चारा रखें। चारा में फासफाइस नामक रसायन मिलाकर रखे। मरे हुए चूहों को मिट्टी में दबा दें। किसान रामदीन, मनोज कुमार श्रीवास्तव, रामललित, रामबक्स सिंह आदि मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.