पत्नी बोली, हनीमून पर हवाई जहाज से गए थे गोवा, पति ने कहा-साइकिल पर फेरी लगाकर करता है गुजर बसर, जानें क्या हुआ फैसला

Bareilly Crime Against Women शादी के चार माह बाद ही महिला को उसके ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता ने कहा कि उसे ससुराल वाले भूखा प्यासा रखते और दहेज की मांग करते थे।

Samanvay PandeyFri, 24 Sep 2021 09:37 AM (IST)
फैमिली कोर्ट ने पति को पत्नी के हक में 20 हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण देने का आदेश दिया है।

बरेली, जेएनएन। Bareilly Crime Against Women : शादी के चार माह बाद ही महिला को उसके ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया तो उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता ने कहा कि उसे ससुराल वाले भूखा प्यासा रखते और दहेज की मांग करते थे। फैमिली कोर्ट ने पति को पत्नी के हक में 20 हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण पोषण देने का आदेश दिया है। मोहल्ला शक्तिनगर थाना बारादरी निवासी सुगंधा की शादी दिसंबर 2018 में बड़ौत जिला बागपत निवासी प्रसून जैन से हुई थी। दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने पर विवाहिता अपने मायके आ गई।

उसने फैमिली कोर्ट में दावा किया कि पति के सोने जवाहरात के शोरूम हैं। फलों के बगीचे हैं। वह तीन लाख रुपये प्रतिमाह कमाता है। उसने कोर्ट को यह भी बताया कि विवाहित जोड़ा शादी के चार दिन बाद हनीमून पर हवाई जहाज के जरिए गोवा गया था। पीड़िता ने अपनी शादी के महंगे एल्बम व शादी के कार्ड भी कोर्ट में दाखिल किए। जिनकी कीमत 40-40 हजार रुपये बताई गई। विपक्षी ने अपने जवाब में कहा कि वह साइकिल पर फेरी लगाकर पत्थर बेचता है।

फैमिली कोर्ट के जज शैलोज चंद्रा ने अपने आदेश में कहा कि महंगे एल्बम व अन्य सबूत देखकर यह शादी किसी मध्यम वर्ग के परिवार की नहीं लगती। पत्नी को पति की हैसियत के मुताबिक ही जीवन बसर करने का हक है। वादिनी के अधिवक्ता मुस्तजीब उर्रहमान ने बताया कि कोर्ट ने पीड़िता को 20 हजार रुपये प्रतिमाह पति से दिलाए जाने के आदेश जारी किए हैं। विपक्षी चार सौ रुपये हर तारीख पर यात्रा खर्च व साढ़े पांच हजार रुपये अधिवक्ता की फीस भी अदा करेगा। मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर को होगी।

घर से भागकर दिल्ली जा रहे दो किशोर को आरपीएफ ने पकड़ा : बरेली जंक्शन पर दो नाबालिग प्लेटफार्म पर गुरुवार को टहल रहे थे। जिन्हें प्लेटफार्म पर ड्यूटी कर रहे रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने देखा। मामला संदिग्ध लगने पर उन्हें पकड़ पूछताछ की गई। पहले तो दोनों आनाकानी करने लगे, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने खुद को बिहार के नरकटियागंज का रहने वाला बताया। उन्होंने बताया कि वह घर से बिना बताए घर से दिल्ली काम करने जा रहे थे। पकड़े गए किशोरों में एक की उम्र 12 साल तो दूसरे की उम्र 14 साल बताई। आरपीएफ उप निरीक्षक चांदनी ने बताया कि दोनों बच्चों के स्वजनों को बुला देर शाम उन्हें उनके सुपुर्द कर दिया।

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