चुनाव के लिए जहां बना रहे थे असलाह वहां खरीदार बनकर पहुंच गई पुलिस, जानिये फिर क्या हुआ

Illegal arms factories in Badaun गंगा नदी की खादर में कोठरी बनाकर विधानसभा चुनाव के लिए अवैध तमंचे तैयार किए जा रहे थे। करीब छह दिन पहले अपराध नियंत्रण विशेष टीम को मिली इस सूचना पर सहसवान थाने के साथ मिलकर जाल बिछाया गया।

Samanvay PandeyWed, 01 Dec 2021 10:55 AM (IST)
विशेष अपराध नियंत्रण टीम और सहसवान पुलिस ने बिछाया था जाल, फैक्ट्री चला रहे दो पकड़े

बदायूं, जेएनएन। Illegal arms factories in Badaun : गंगा नदी की खादर में कोठरी बनाकर विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) के लिए अवैध तमंचे तैयार किए जा रहे थे। करीब छह दिन पहले अपराध नियंत्रण विशेष टीम (Special Crime Control Team) को मिली इस सूचना पर सहसवान थाने के साथ मिलकर जाल बिछाया गया। सोमवार रात विशेष टीम खरीदार बनकर खादर पहुंची और मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपित फरार हो गया। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में तमंचे और हथियार बनाने का सामान बरामद किया है।

एसएसपी डा. ओपी सिंह ने बताया कि अपराध नियंत्रण के लिए बनाई गई टीम को सूचना मिली थी कि सहसवान के खादर क्षेत्र में कुछ लोग अवैध असलाह (Illeagal arms) बनाने की फैक्ट्री संचालित कर रहे हैं। इस पर यह टीम उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी। सहसवान पुलिस के साथ मिलकर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पूरा प्लान तैयार किया गया। इसमें असलाह बेचने वाले एक व्यक्ति को भरोसे में लेने के बाद टीम के सदस्य ग्राहक बनकर फैक्ट्री तक पहुंचे। कई बार सौदेबाजी हुई और बड़ी खेप मांगी गई। असलाह बनाने वालों को विश्वास में लेने के बाद सोमवार देर शाम टीम खादर पहुंची जहां बड़ी संख्या में असलाह तैयार देख सहवान पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया।

पुलिस देख आरोपितों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन दो को पकड़ लिया गया, एक आरोपित भागने में सफल रहा। पूछताछ में आरोपितों ने अपने नाम सहसवान थाना क्षेत्र के गांव वसौलिया निवासी यामीन और कोल्हार निवासी गेंदनलाल बताया, जबकि फरार साथी का नाम वसौलिया निवासी कामिल बताया है। एसएसपी (SSP) ने इस राजफाश के लिए लगी विशेष टीम और सहसवान पुलिस को पंद्रह हजार का इनाम दिया है। साथ ही पकड़े गए आरेापितों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई करने के भी आदेश दिए हैं। एसएसपी डा. ओपी सिंह ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

दिल्ली व एनसीआर के जिलों में थी सप्लाईः विशेष टीम के प्रभारी देवेंद्र सिंह व कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि यामीन, गेंदनलाल और कामिल तीनों ही तमंचे बनाने के माहिर हैं। यह तीनों तमंचे बनाते हैं जबकि इनके अन्य एजेंट तमंचा सप्लाई करने और आर्डर लाने का काम करते हैं। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वह 315, 312, अधिया तक बनाते हैं। उनकी तमंचों की सप्लाई दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, हरियाणा, बिजनौर समेत एनसीआर के अन्य जिलों में भी है। जहां उनके एजेंटों के जरिए माल भेजा जाता है। विशेष टीम प्रभारी ने बताया कि इस पूरे गिरोह को पकड़ने के बाद एजेंटों की भी तलाश की जा रही है।

विस चुनाव में खपाने की थी योजनाः एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि उक्त आरोपितों ने बताया कि चुनाव के समय अवैध असलाहों की विशेष डिमांड रहती है। इसके चलते ही तैयारी शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने भी झांसा देने को बड़ा आर्डर दिया था। इसके चलते वह लोग दिन रात काम करने में जुटे थे। पुलिस ने दस तैयार तमंचों के अलावा तमंचे बनाने में उपयोग की जाने वाली लोहे की कई नाल, एक ड्रिल मशीन, सिलिंडर, रेती चौड़ी, रेती तिकोनी, एक सडासी सादा, सडासी गोल, दो सुंभी, तीन छैनी, दो हथौड़ी, एक पत्ती टेढ़ी, समेत अन्य कई सामग्री बरामद की है।

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