तमंचे के बल पर जीतना चाहता था चुनाव, तमंचे के साथ हुआ गिरफ्तार

उसके पास तमंचा नहीं था इसलिए वह दबंगई नहीं दिखा सका और चुनाव हार गया था।

तमंचे और रंगबाजी के बल पर प्रधानी का चुनाव जीतने का ख्वाब देख रहे प्रधान प्रत्याशी को किला पुलिस ने चेकिंग के दौरान तमंचे के साथ धर दबोचा। आरोपित ने बताया कि ग्राम प्रधान ने पिछला चुनाव तमंचे के बल पर जीता था।

Publish Date:Fri, 15 Jan 2021 05:30 PM (IST) Author: Sant Shukla

बरेली, जेएनएन। तमंचे और रंगबाजी के बल पर प्रधानी का चुनाव जीतने का ख्वाब देख रहे प्रधान प्रत्याशी को किला पुलिस ने चेकिंग के दौरान तमंचे के साथ धर दबोचा। पूछताछ में उसने जो बताया पुलिस वाले भी उससे चौंक गए। आरोपित ने बताया कि ग्राम प्रधान ने पिछला चुनाव तमंचे के बल पर जीता था। उसके पास तमंचा नहीं था इसलिए वह दबंगई नहीं दिखा सका और चुनाव हार गया था। इस बार उसे रंगबाजी दिखाते हुए चुनाव जीतना है। इसलिए उसने पहले ही तमंचा खरीद लिया और चुनाव से पहले कई और तमंचे अपने साथियों के लिए खरीदेगा। फिलहाल पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया है।

किला चौकी इंचार्ज सन्नी चौधरी देर रात सिपाही विशाल के साथ गश्त पर थे। सत्यप्रकाश पार्क के पास एक ढाबे के सामने एक युवक खड़ा था। पुलिस को देख अचानक वह बाइक स्टार्ट करने लगा तो शक होने पर चौकी इंचार्ज ने उसे रोक लिया। सिपाही ने उसकी तलाशी ली तो उसके कमर में तमंचा लगा मिला। उसने पुलिस से हाथ छुड़ाकर भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे घेराबंदी कर दबोचा लिया और थाने लेकर आई। पुलिस ने उसका तमंचा देखा तो वह बेहद आधुनिक था। उस पर अच्छी पालिश की गई थी। पूछताछ में बताया कि उसने पांच हजार में यह तमंचा बनवाया था। युवक ने अपना नाम हर प्रसाद गंगवार निवासी सहसिया हुसैनपुर सीबीगंज बताया। दारोगा सन्नी चौधरी ने पूछताछ की तो आरोपित ने बताया कि वह प्रधानी का चुनाव लड़ चुका है। इस बार भी प्रधानी चुनाव का दावेदार है। प्रधान ने चुनाव तमंचे के बल पर गुंडई करते हुए जीता था। उसके पास तमंचा नहीं था। इस बार वह तमंचे के बल पर रंगबाजी से चुनाव लड़ेगा और तमंचे के बल पर जीतेगा। उसने कहा कि चुनाव से पहले वह और तमंचे खरीदेगा। उसे तमंचे का शौक है। 

चुनाव से पहले चलेगा ऑपरेशन पाताल

आइजी राजेश पांडेय का कहना है कि तमंचा कारोबारियों और फैक्ट्रियों को पकड़ने के लिए जल्द ही ऑपरेशन पताल रेंज भर में चलाया जाएगा। पंचायत चुनाव से पहले तमंचा के शौकीनों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

 

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