Vat Savitri Vrat 2021 : महिलाएं आज वट वृक्ष की पूजा कर करेंगी अखंड सौभाग्य की कामना, जानें शुभ मुहूर्त

Vat Savitri Vrat 2021 हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत बेहद खास और महत्त्वपूर्ण होता है इसे सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य के लिए रखती हैं। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन रखा जाता है।

Samanvay PandeyThu, 10 Jun 2021 08:39 AM (IST)
वट सावित्री व्रत अखंड सौभाग्य की कामना और संतान प्राप्ति की दृष्टि से बहुत ही शुभ फलदायी होता है।

बरेली, जेएनएन। Vat Savitri Vrat 2021 : हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत बेहद खास और महत्त्वपूर्ण होता है, इसे सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य के लिए रखती हैं। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन रखा जाता है। वट सावित्री व्रत अखंड सौभाग्य की कामना और संतान प्राप्ति की दृष्टि से बहुत ही शुभ फलदायी होता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा के मुताबिक इस बार वट सावित्री अमावस्या पर शुक्र ग्रह की वृष राशि में सूर्य, चंद्र, बुध, और राहु यह चारों ग्रह एक साथ विराजमान रहेंगे वृष राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं, जो दांपत्य जीवन और सौंदर्यता के कारक माने जाते हैं। इन्हीं की राशि वृष में एक साथ चार ग्रहों का विराजमान होना किसी अद्भुत संयोग से कम नहीं है। दरअसल, चार ग्रह एक साथ में होना चतुर्ग्रही योग कहलाता है, और वृष राशि में चतुर्ग्रही योग का संयोग सुहागिन महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योग सुहागिन महिलाओं के कई कष्टों का निवारण भी करेगा और दांपत्य जीवन में मिठास भी खोलेगा। इसलिए इस बार पर्व का महत्व कई गुना अधिक बढ़ गया है।

वटवृक्ष की पूजा महत्व : हिंदू शास्त्रों के अनुसार, वटवृक्ष के मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु तथा अग्रभाग में शिव का वास माना गया है। वट वृक्ष यानी बरगद का पेड़ देव वृक्ष माना जाता है। देवी सावित्री भी इस वृक्ष में निवास करती हैं। मान्यताओं के अनुसार, वटवृक्ष के नीचे सावित्री ने अपने पति को पुन: जीवित किया था, तब से ये व्रत ‘वट सावित्री’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए वटवृक्ष की पूजा करती हैं। वृक्ष की परिक्रमा करते समय इस पर 108 बार कच्चा सूत लपेटा जाता है। महिलाएं सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं।

शुभ मुहूर्त

व्रत तिथि : 10 जून 2021 दिन गुरुवार

अमावस्या प्रारंभ : 9 जून 2021 को दोपहर 01:57 बजे

अमावस्या समाप्त : 10 जून 2021 को शाम 04:20 बजे

व्रत पारण : 11 जून 2021 दिन शुक्रवार

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