UP Sugar Production : चीनी उत्पादन में इजाफे से बदली गन्ना किसानों की किस्मत, प्रदेश के किसानों ने रचा इतिहास, जानिए कैसे

UP Sugar Production शाहजहांपुर में गन्ने की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। समर्थन मूल्य के साथ प्रति हेक्टेयर 129.12 क्विंटल की औसत उपज में वृद्धि तथा सह फसली खेती से आय में इजाफा होने पर 55.73 फीसद गन्ना रकबा बढ़ गया।

Ravi MishraMon, 20 Sep 2021 02:49 PM (IST)
UP Sugar Production : चीनी उत्पादन में इजाफे से बदली गन्ना किसानों की किस्मत

बरेली, नरेंद्र यादव। UP Sugar Production : शाहजहांपुर में गन्ने की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। समर्थन मूल्य के साथ प्रति हेक्टेयर 129.12 क्विंटल की औसत उपज में वृद्धि तथा सह फसली खेती से आय में इजाफा होने पर 55.73 फीसद गन्ना रकबा बढ़ गया। चीनी मिलों की पेराई क्षमता बढ़ने से गन्ना खरीद और चीनी उत्पादन में भी दो गुनी वृद्धि दर्ज हुई। गन्ना मूल्य में 120 फीसद की रिकार्ड वृद्धि दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश समेत पांच प्रांतों की मिठास में शाहजहांपुर स्थित गन्ना शोध परिषद की अहम भूमिका है। परिषद के तहत संचालित नौ शोध संस्थानों ने नई गन्ना किस्म किसानों को मुहैया कराई जाती है। गत पांच वर्षों के भीतर जनपद में गन्ना खेती में नई क्रांति आई। धान, गेहूं समेत दलहन, तिलहन के सापेक्ष गन्ना खेती किसानों के लिए मुफीद साबित हुई है। सहफसली खेती का चलन बढ़ने से गन्ना खेती से किसान दोगुनी से तीन गुनी तक कमाई कर रहे है। नतीजतन जनपद समेत प्रदेश में पांच वर्षों के भीतर गन्ना उपज, रकबा, चीनी उत्पादन, गन्ना मूल्य भुगतान में रिकार्ड वृद्धि हुई है।

चीनी उत्पादन में रिकार्ड इजाफा

वर्ष 2015-16 में जनपद में 181.63 लाख क्विंटल गन्ना खरीद के साथ 20.22 लाख चीनी उत्पादन हुआ। पांच साल में कायाकल्प हो गया।

वर्ष 2019-20 में 373.74 लाख क्विंटल गन्ना खरीद के साथ 41.46 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ। 2020-21 में मौसम की मार के बावजूद 373.74 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा गया।

वर्ष 2015-16 से अब तक वर्षवार हुई जनपद की गन्ना खरीद व चीनी उत्पादन (लाख क्विंटल में)

पेराई सत्र : गन्ना खरीद - चीनी उत्पादन

2015-16 : 181.63 - 20.22

2016-17 : 280.31 - 29.85

2017-18 : 429.96 - 45.97

2018-19 : 355.04 - 45.97

2019-20 : 373.74 - 41.46

2020-21 : 329.56 - अप्राप्त

जनपद में 129.12 क्विंटल तथा प्रदेश में 150.70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बढ़ी उपज

ट्रेंच विधि गन्ना बुवाई के साथ उन्नतशील गन्न किस्म ने किसानों का जीवन बदल दिया। सहफसली खेती से किसानों ने लागत निकाली। औसत उपज दर में भी 129.12 क्विंटल से 150.70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का इजाफा हुआ।

पांच वर्ष में जनपद तथा प्रदेश की औसत गन्ना उपज दर (क्विंटल प्रति हेक्टेयर)

पेराई वर्ष : जनपद - उत्तर प्रदेश

2016-17 : 671.24 - 664.70

2017-18 : 745.92 - 791.90

2018-19 : 811.32 - 800.50

2019-20 : 800.36 - 815.00

2020-21 : अप्राप्त - अप्राप्त

पांच साल में 34390 हेक्टेयर बढ़ा रकबा, 82 हजार किसान

गन्ना की मिठास किसानों को खूब भा रही है। किसानों ने धान, गेहूं की खेती कम करके गन्ना खेती बढ़ा ली। पांच वर्ष के भीतर गन्ना रकबा 61704 के सापेक्ष 96094 हेक्टेयर हो गया। 34390 हेक्टेयर की वृद्धि के साथ ही किसानों की संख्या में भी 82 हजार के करीब इजाफा हुआ है। कुल गन्ना मूल्य 51570 लाख रुपये बढ़कर 114450 लाख का आंकड़ा पार कर गया।

वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक वर्षवार गन्ना क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) गन्ना किसान तथा गन्ना मूल्य भुगतान (लाख रुपये में) पर एक नजर

पेराई वर्ष : गन्ना क्षेत्रफल - किसान - गन्ना मूल्य

2015-16 : 61704 - 97180 - 51570.37

2016-17 : 59604 - 109964 - 86961.33

2017-18 : 86622 - 142457 - 138253.47

2018-19 : 108323 - 158419 - 114375.96

2019-20 : 94423 - 163500 - 114450.16

2020-21 : 96094 - 180000 लगभग - परिणाम बाकी

गन्ना आयुक्त व अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने नई गन्ना नीति से गन्ना खेती में नई क्रांति ला दी है। पांच साल में इतिहास बदल गया है। गन्ना किसानों की आय में दूना इजाफा हुआ है। सहफसली खेती की वजह से गन्ना किसानो के लिए संपूर्ण फसल साबित हो रही है। डा. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.