CM Yogi in Bareilly : मुख्यमंत्री से बोले केंद्रीय मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फोन नहीं उठाते, जानिये विधायकों ने सीएम से क्या कहा

45 मिनट की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कोविड के हालात पर दिए सुझाव।

CM Yogi in Bareilly केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप और भाजपा के पांच विधायकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कोविड के हालात से निपटने के लिए मशवरा किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेडिकल से जुड़े अधिकारी फोन नहीं उठाते। आपने निर्देश दिए थे संवाद बनाएंं।

Samanvay PandeySun, 09 May 2021 10:10 AM (IST)

बरेली, जेएनएन। CM Yogi in Bareilly : केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, सांसद आंवला धर्मेंद्र कश्यप और भाजपा के पांच विधायकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कोविड के हालात से निपटने के लिए मशवरा किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेडिकल से जुड़े अधिकारी फोन नहीं उठाते। आपने निर्देश दिए थे कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों की सलाह लीजिए। बिथरीचैनपुर विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने 300 बेड अस्पताल का नाम बदलकर प्रदेश सह संगठन मंत्री भवानी सिंह के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया।

केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा, मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन प्लॉट लगाने के इच्छुक एमएसएमई के उद्योगों को पचास फीसद छूट मिलती है। बरेली में भी जल्दी प्लांट मुहैया कराया जाए। कोविड में मल्टी पैरा मॉनीटर, बायोपैक मशीन, वेंटीलेटर समेत जरूरी उपकरण व्यापारी डेढ़ गुना कीमत पर ले रहे हैं। सरकार द्वारा इनका रेट निर्धारित होना चाहिए। एमएसएमई के अस्पतालों को छूट मिलनी चाहिए। बरेली में खाली ऑक्सीजन सिलिंडर की बहुत कमी है। शहर के लोगों ने घरों में भी ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर किए है। ऐसे लोग मनमाने दाम पर सिलिंडर को बेच रहे है। मेडिकल से जुड़े कुछ अधिकारी फोन नहीं उठाते। शिकायत और सुझाव दोनों है कि ऐसे अधिकारी संवाद किया करें।

ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाई जाए

शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार ने कहा, ऑक्सीजन बढ़ाई जाए। होम आइसोलेशन वालों काे सिलिंडर नहीं मिलते है। सभी नर्सिंग होम को कोविड की तरह ही माना जाए। ऑक्सीजन अधिक दी जाए। जांच और कॉटेक्ट ट्रैसिंग, वैक्सीनेशन बढ़ा दिया जाए। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट जल्दी आना चाहिए। एंटीजन से टेस्ट बढ़ाए जाएंं। कोविड के मरीजों को भी प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया जाए। उन्हें कोविड की सुविधा दी जाए।ऑक्सीजन की कालाबाजारी पर रोक लगनी चाहिए। कई मरीजों के भर्ती होने के बाद उनकी रिपोर्ट लेट आती। मृत्यु के बाद आरटीपीसीआर की पॉजिटिव रिपोर्ट आ रही है। बॉडी निगेटिव बताकर दी जाती है। परिवार संक्रमण की जद में आते है।

रेमडिसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की हो जांच

बिथरीचैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने कहा कि कोविड में रेमडिसिवर इंजेक्शन की खूब कालाबाजारी हुई है। कमेटी बनाकर इसकी जांच करवाई जाए। जिले के खाली होटल को कोविड अस्पताल बनाए जा सके। होटलों का भी गुजारा-भत्ता चल सकेगा। टोल-फ्री नंबर एक ही होना चाहिए। सरकार के प्रयासों को विफल करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार ने सभी अस्पतालों को कोविड में शामिल किया है। यहां भी ऐसा हो सकता है। सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी कोविड वैक्सीन लगाई जानी चाहिए। उत्तराखंड सरकार ने एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को बिना पेपर कराए, प्रमोट किया। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश में भी लागू होनी चाहिए।

सीएचसी से सीधे रेफर की हो सुविधा

मीरगंज विधायक डॉ डीसी वर्मा ने कहा, मरीज सीएचसी रेफर होने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के लिए पहले जिला अस्पताल से फिर मेडिकल कॉलेज के लिए जाना हाता है। फिर जिला अस्पताल से ही दूसरे अस्पताल रेफर कराया जाता है। सीएचसी से सीधे रेफर करने की व्यवस्था होना चाहिए। ताकि दौड़भाग में किसी की जान न जाए। सीएचसी पर सभी पर 20 बेड का एल-वन अस्पताल में बदल दिया जाए। ताकि गांव के मरीज वही पर भर्ती हाे सके। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आठ से नौ दिन में आ रही है। कोविड लक्षण वाले का भी अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकॉल में होना चाहिए। तीन आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को एल-वन अस्पताल बना दिये जाए।

अधिक संसाधन की जरूरत

बहेड़ी विधायक छत्रपाल गंगवार ने कहा, मतगणना के बाद से देहात में कोविड संक्रमण बढ़ रहा है। बहेड़ी के व्यक्ति को इलाज के लिए बहुत दिक्कत हो रही है। बहेड़ी में 10 बेड का कोविड सेंटर बना दिया जाए। हर ब्लॉक में यही व्यवस्था होनी चाहिए। ऑक्सीजन प्लांट बहेड़ी सीएचसी में लगाने की स्वीकृति मिली है। मैंने अपनी विधायक निधि से भी मदद करने के लिए कहा है। कोविड के हालात से निपटने के लिए हमें और संसाधन की जरूरत होगी।फरीदपुर विधायक डॉ श्यान बिहारी ने कहा, फरीदपुर में ट्रूनॉट मशीन की स्ट्रीप हमें चाहिए। जांच में एंटीजन और आरटीपीसीआर में तेजी लाने की जरूरत है। कुआंटांडा और फरीदपुर में 30 बेड एल-2 स्तर के बनाए जाए। कोविड संक्रमण को कम करने के लिए जरूरी है कि सौ फीसद परिवारों की जांच हो और उन्हें टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाए।

सीएम ने पूछा, अब तक क्या किए इंतजाम

कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण पर सीएम ने अधिकारियों से पूछा कि अब तक क्या इंतजाम किए हैं। बच्चों के लिए कितने आईसीयू बेड, कितने वेंटिलेटर समेत अन्य किस तरह की सुविधाओं की व्यवस्था की। इस पर अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। तब योगी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि आइएमए और बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ इसको लेकर प्री-कार्ययोजना तैयार कर लें। बाल रोग विशेषज्ञ के साथ बैठक करके कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी कर लें। ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर और सामान्य बेड की व्यवस्था रखें। ताकि बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।

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