Ultrasound Center Raid : डीएम के आदेश पर दौड़े बरेली सीएमओ, फरीदपुर और शीशगढ़ अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर मारा छापा, किया सील

Ultrasound Center Raid जिले में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ दैनिक जागरण की मुहिम का असर देखने को मिला। जिलाधिकारी नितीश कुमार के मामला संज्ञान में लेने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सुबह निरीक्षण किया।

Ravi MishraWed, 15 Sep 2021 09:56 AM (IST)
Ultrasound Center Raid : डीएम के आदेश पर दौड़े बरेली सीएमओ

बरेली, जेएनएन। Ultrasound Center Raid : जिले में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ दैनिक जागरण की मुहिम का असर मंगलवार को देखने को मिला। जिलाधिकारी नितीश कुमार के मामला संज्ञान में लेने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.बलवीर सिंह ने सुबह शीशगढ़ में निरीक्षण किया। यहां अवैध रूप से चल रहे जनता और होमलाइफ अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा मारा। कई खामियां पाईं और इसके बाद सीएमओ ने साक्ष्य जुटाए और दस्तावेज जब्त किए। वहीं, पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा.आरएन गिरी ने फरीदपुर क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहा रेनू अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया।

जनता अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सीएमओ ने पकड़ा फर्जीवाड़ा 

मुख्य चिकित्साधिकारी डा.बलवीर सिंह ने कस्बे में दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी की। वह पूर्वाह्न करीब 11 बजे पहुंचे तो सेंटर पर एक महिला का अल्ट्रासाउंड हो रहा था। वहीं एक युवती कंप्यूटर से रिपोर्ट बना रही थी। अल्ट्रासाउंड कर रही युवती ने खुद को रेडियोलाजिस्ट बताया तो मुख्य चिकित्साधिकारी ने उससे प्रमाण पत्र दिखाने को कहा, युवती कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकी। युवती ने अपना नाम शिफा बताया लेकिन वह डाक्टर का नाम नहीं बता पाई। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी रिकार्ड जब्त कर लिए।

बिना पंजीकरण चल रहा था इलाज, मेडिकल स्टोर भी मिला 

सीएमओ ने अल्ट्रासाउंड सेंटर के साथ ही एक मरीज को भी अस्पताल में भर्ती पाया। जिसके ड्रिप लगी थी। सीएमओ ने मोबाइल से उसका फोटो खींच लिया। पता किया कौन इलाज करता है। मगर कोई जवाब नहीं मिला। अस्पताल में मौजूद डा. रियाज से दस्तावेज दिखाने को कहा, मगर कागज नहीं मिले। मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी मौके पर नहीं दिखा पाए। उन्हें अल्ट्रासाउंड सेंटर व मेडिकल स्टोर के रिकार्ड जब्त कर लिए गए। सेंटर डा. मदन कुमार के नाम से चल रहा था।

कस्बे में झोलाछाप की दुकानों और पैथोलाजी पर लगे ताले 

अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा मारने पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आने की सूचना कुछ ही देर में कस्बे में फैल गई। इसके बाद आसपास के इलाकों में खुली झोलाछापों की दुकानों और पैथोलाजी और मेडिकल स्टोरों पर ताले लटक गए।

अल्ट्रासाउंड सेंटर का ताला खुलवाया, जब्त किए कागज 

वहीं कस्बे के बिलासपुर अड्डे पर होमलाइफ अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी पहुंचे। यहां सेंटर पर ताला लटका हुआ था। सीएमओ ने सेंटर संचालक डा. एसएस चौधरी से ताला खुलवाया और अल्ट्रासाउंड मशीन के पास रखा रजिस्टर व अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए। बताया कि बुधवार को पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत बनी कमेटी फिर से इन केंद्रों पर पहुंचेगी। इस कमेटी में पीसी-पीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी, इलाकाई एसडीएम और संबंधित क्षेत्र के चिकित्साधीक्षक शामिल होते हैं।

गलत रिपोर्ट से खतरे में आ चुकी है जच्चा-बच्चा की जान 

जनता अल्ट्रासाउंड सेंटर पर 29जून को गांव धर्मपुरा के मुईम खां ने तबीयत खराब होने पर पत्नी शबाना बी की जांच कराई थी। रिपोर्ट में रसौली बताई गई थी। जिसके बाद दवाई चल रही थी। बाद में बरेली स्थित एक अल्ट्रासाउंड पर महिला की हुई जांच में गर्भस्थ शिशु की बात पता चली थी। इधर, रसौली की दवाई से गर्भस्थ शिशु व महिला की हालत गंभीर हो गई थी। महिला के पति ने थाने में तहरीर दी थी। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। उससे पहले प्रसव कराने आई एक महिला का अस्पताल में आपरेशन भी कर दिया गया। हालत बिगडऩे पर महिला की मौत हो गयी थी। तब स्वजन ने हंगामा किया था।

नोडल अधिकारी ने अवैध चल रहे रेनू अल्ट्रासाउंड सेंटर की मशीन की सील

संस, फरीदपुर : फरीदपुर में भी अवैध रूप से कई अल्ट्रासाउंड सेंटर चल रहे हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से चल रहे इन सेंटरों पर पांच से छह सौ रुपये वसूले जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग में एसीएमओ और पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा.आरएन गिरी ने मंगलवार को फरीदपुर सीएचसी केंद्र अधीक्षक डा.बासित अली के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित रेनू अल्ट्रासाउंड पर छापा मारा। पिछले काफी समय से अवैध रूप से चल रहे इस अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहले डा.गिरी ने स्टाफ से पिछले दो सालों में किए अल्ट्रासाउंड का रिकार्ड मांगा, जो स्टाफ मौके पर नहीं दिखा सका। जांच की तो सामने आया जिस डाक्टर के नाम से सेंटर का रजिस्ट्रेशन है, वे भी यहां नहीं बैठते हैं। तीन सालों में किए गए अल्ट्रासाउंड का ब्योरा व रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज भी स्टाफ नहीं दिखा सका। एसीएमओ ने अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी। हालांकि अभी सेंटर सील नहीं किया गया है।

देव और साई अल्ट्रासाउंड की सील किसने खोली 

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने कुछ समय पहले देव एवं साई अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भी छापेमारी की थी। तब भी दस्तावेज न दिखा पाने पर सेंटरों को सील किया गया था। मगर कुछ समय बाद बगैर किसी की अनुमति के ये सेंटर फिर से चालू हो गए। हालांकि सेंटर किसकी अनुमति से खुले, इसकी जानकारी स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी नहीं दे सके। उधर, एक अवैध अल्ट्रासाउंड पर टीम पहुंचने की सूचना पर इलाके के दूसरे अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक केंद्रों को बंद कर खिसक लिए।

जनता अल्ट्रासाउंड सेंटर की कई बार शिकायत मिली थी। सेंटर पर एक लड़की अल्ट्रासाउंड कर रही थी। इसके अलावा अवैध ढंग से मेडिकल स्टोर और अस्पताल होने के दस्तावेज भी नहीं दिखाए जा सके। दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। आरोपितों के खिलाफ पीसी-पीएनडीटी एक्ट कमेटी कार्रवाई करेगी। वहीं, फरीदपुर का रेनू अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कर दिया गया है। डा. बलवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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