ED के निशाने पर बरेली में एसआइटी जांच में फंसे दो और शराब कारोबारी, कर सकती है छापेमारी

अवैध रूप से शराब खपाकर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। सौ करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स चोरी का मामला होने के चलते गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपित शराब कारोबारियों के कई ठिकानों पर छापे मारे।

Ravi MishraSat, 31 Jul 2021 12:50 PM (IST)
ED के निशाने पर बरेली में एसआइटी जांच में फंसे दो और शराब कारोबारी, कर सकती है छापेमारी

बरेली, जेएनएन। अवैध रूप से शराब खपाकर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी के मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। सौ करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स चोरी का मामला होने के चलते गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोपित शराब कारोबारियों के कई ठिकानों पर छापे मारे। जांच में फंसे अजय जायसवाल के घर ईडी के छापे के बाद अब मनोज जायसवाल और प्रणव अनेजा के बरेली स्थिति ठिकानों पर भी छापामार कार्रवाई हो सकती है। दोनों पर ईडी की निगाहें हैं।

तीन मार्च को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी पर छापामार कार्रवाई में अवैध रूप से शराब खपाकर करोड़ों रूपये की टैक्स चोरी का मामला पकड़ा था। डिस्टलरी को सीज कर आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपितों की निशानदेही पर टीम ने उन्नाव व कानपुर में भी छापे मारे। सामने आया कि अवैध रुप से शराब खपाकर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के पीछे शराब कारोबारियों का एक सिंडिकेट काम कर रहा है। मसला गंभीर होने के चलते शासन ने मामले की जांच एसआइटी को सौंप दी।

एसआइटी ने माडल टाउन निवासी डिस्टलरी के मालिक प्रणव अनेजा, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल समेत 18 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। छापामार कार्रवाई के बाद से आरोपित शराब कारोबारी फरार हैं। करोड़ों रुपये के वित्तीय अपराध के बाद ईडी सक्रिय हुई। गुरुवार को अजय जायसवाल के इज्जतनगर स्थित वीरसावरकर नगर में छापा मारा। पता चला कि आरोपित वर्ष 2016 से पत्नी से ही अलग रह रहा। अजय जायसवाल के घर ईडी के छापे के बाद मनोज जायसवाल व प्रणव अनेजा के घर भी जल्द ही कार्रवाई संभव है। ईडी की कार्रवाई से आरोपितों में हड़कंप मचा हुआ है।

आरोपितों के विरूद्ध एसआइटी दर्ज कर चुकी है आरोप पत्र

आरोपितों के विरूद्ध एसआइटी द्वारा आरोप पत्र दर्ज किये जाने के बाद से ही ईडी ने कार्रवाई शुरू की है। लिहाजा, साफ है कि आराेप पत्र दाखिल होने के बाद अब आरोपितों के पास बचने का भी कोई विकल्प नहीं है। लिहाजा, आरोपित भागे-भागे घूम रहे हैं। ईडी के साथ एसआइटी अब आरोपितों के संपर्क में रह लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। जल्द ही जांच की जद उनके करीबियों तक पहुंच सकती है।

बार, हाेलसेल व देशी शराब का लाइसेंस हुआ था निलंबित

टपरी डिस्टलरी से मामला जुड़ने के बाद आबकारी विभाग ने आरोपितों के कई लाइसेंस निलंबित किये थे। इसमें मनोज जायसवाल का हाेटल डाउन-टाउन व डीडीपुरम स्थित तमाशा रेस्टारेंट के बार का लाइसेंस निलंबित किया था। अजय जायसवाल के होलसेल शराब का लाइसेंस निलंबित किया गया था। एसआइटी जांच में फंसे एक और आरोपित अश्वनी उपाध्याय के टिसुआ फरीदपुर स्थित देशी शराब का लाइसेंस का लाइसेंस भी निलंबित किया गया था। इसके अतिरिक्त आवासीय नक्शे पर कामर्शियल गतिविधि करने के लिए बीडीए ने डाउन-टाउन सील भी कर दिया था लेकिन अब वह फिर से कैसे शुरू हो गया। इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले में आबकारी विभाग की ओर से मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल व अश्वनी उपाध्याय के लाइसेंस निलंबित कर दिये गए थे। इन सभी के लाइसेंस निलंबित ही हैं।- देव नरायन दुबे, जिला आबकारी अधिकारी

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