बिना हैंडओवर के हुआ था अस्पताल का उद्घाटन, जांच हुई तो खुल सकती हैं घपले की परतें

मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में ही दो कर्मचारी आपस में उलझ गए। फिलहाल फाइल की खोजबीन हो रही है।

300 बेड अस्पताल के लिए तीन साल पहले करोड़ों का बजट जारी हुआ था। हाल में अस्पताल का भवन हैंडओवर करने के लिए फाइल चली। इस बीच अस्पताल के लिए हुई खरीदारी की फाइल गायब हो गई है। अब पूरे कार्यालय में हड़कंप मचा है।

Publish Date:Wed, 20 Jan 2021 03:29 PM (IST) Author: Sant Shukla

 बरेली, जेएनएन।  300 बेड अस्पताल के हैंडओवर की फाइल गायब होने से खलबली मची है। हालांकि इसके पहले भी तीन सौ बेड अस्पताल उस समय विवादों में आया था जब बिना ही हैंडओवर के इसका जल्दबाजी में उद्घाटन करा दिया गया था। जबकि नियमों के तहत उद्घाटन हैंडओवर के बाद ही होना चाहिए। अब जब उदघाटन के बाद हैंडओवर की अधिकारियों को याद आई तो फाइल हो गई। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अस्पताल निर्माण में अंदरखाने घपला तो नहीं किया गया जिसकी वजह से हैंडओवर करने में आनाकानी की जा रही है और फाइल के गायब होने का बहाना बनाया जा रहा है। अस्पताल को राजकीय निर्माण निगम ने बनाया है। अस्पताल के निर्माण में देरी होने पर कई बार सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने निर्माण निगम एजेंसी के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। तब कहीं जाकर अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा हो पाया था। वहीं कोरोना के चलते प्रशासन को एक ऐसा अस्पताल परिसर चाहिए था जहां पर मरीजों के बीच शारीरिक दूरी का पालन हो सके। यही वजह रही है कि तीन सौ अस्पताल को जल्द से जल्द पूरा कराया गया। हालांकि अब जब हैंडओवर की फाइल गायब हो गई है तो तरह तरह की चर्चाएं शुरु हो गई हैं। अस्पताल  के लिए तीन साल पहले करोड़ों का बजट जारी हुआ था। ऐसे में कहा जा रहा है कि कहीं बजट को खपाने की वजह से हैंडओवर की फाइल गायब करने का तो खेल नहीं खेला जा रहा है। 

 

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