दिल्‍ली से आने वालों की बरेली बॉर्डर पर पहले होगी जांच फिर दिया जाएगा शहर में प्रवेश

फतेहगंज पश्चिमी में टोल नाका के पास शुक्रवार से लगी कोविड हेल्प डेस्क

देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना का कहर बढ़ गया है। महज 280 किलोमीटर दूर दिल्ली से संक्रमण की आंच बरेली यानी हमारे जिले तक भी आ सकती है। जिला एक बार फिर कोरोना की व्यापक चपेट में न आए इसलिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।

Samanvay PandeyFri, 20 Nov 2020 10:09 PM (IST)

बरेली, जेएनएन : देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना का कहर बढ़ गया है। महज 280 किलोमीटर दूर दिल्ली से संक्रमण की आंच बरेली यानी हमारे जिले तक भी आ सकती है। जिला एक बार फिर कोरोना की व्यापक चपेट में न आए इसलिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बदले हुए मौसम में कोरोना के पलटवार की आशंका कितनी तेज है, इसका अंदाजा यूं लगा सकते हैैं कि इस बार फतेहगंज पश्चिमी बॉर्डर पर टोल नाकेे के पास विशेष कोविड कैंप लगाया गया है। इस कैंप में कॉमर्शियल और निजी वाहनों से आने वाले लोगों का एंटीजन टेस्ट किया जा रहा। पहले दिन रैैंडम सैैंपलिंग की गई। जल्द आवश्यक रूप से भी जांच होंगी। जबकि मार्च-अप्रैल के दौरान कोरोना के पहले दौर में भी इस तरह का कैंप नहीं लगा था।

केवल जिले के लोगों की सैैंपलिंग

दिल्ली से आने वाले वाहन रोकने के बाद पहले जानकारी ली जा रही है कि आने वाला व्यक्ति बरेली का निवासी है या फिर कहीं और का। रिकॉर्ड दर्ज कर बरेली वालों का ही कोरोना टेस्ट हो रहा है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीजों को सीधे भर्ती किया जा रहा। जिससे अन्य लोग संक्रमित न हों। यह जांच तीन शिफ्टों में बार्डर पर हो रही है।

पहले दिन 292 जांच, दो पॉजिटिव मिले

प्रशासन के आदेश पर शुक्रवार दोपहर से कोविड हेल्प डेस्क हाईवे किनारा लगाई गई। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ.रंजन गौतम खुद पूरे अभियान की निगरानी कर रहे थे। देर शाम तक करीब दो दर्जन वाहन रोके गए। इनमें 292 लोगों की एंटीजन जांच हुई। इनमें दो कोरोना पॉजिटिव केस मिले। इन्हें पास के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आज से आरटी-पीसीआर सैैंपलिंग भी शुरू

शुक्रवार को जहां केवल एंटीजन टेस्ट लिये गए। वहीं, शनिवार से स्वास्थ्य महकमा आरटीपीसीआर जांच भी कोविड हेल्प डेस्क पर शुरू करेगा। इसके तहत एंटीजन निगेटिव आने वाले बरेली से संबंधित राहगीरों की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैैंपल लिया जाएगा। इसके साथ ही उनका सारा ब्योरा दर्ज कर क्रॉस चेक भी किया जाएगा। ताकि अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती या होम आइसोलेट किया जा सके। वहीं, मौके पर भी होम आइसोलेट करने की हिदायत दी जाएगी।

रोज 120 रोडवेज बसों का दिल्ली आना-जाना

बरेली और दिल्‍ली के बीच व्यावसायिक गतिविधियां काफी हैैं। वहीं, बरेली और रुहेलखंड डिपो की करीब 60 बसें रोज दिल्ली जाती और करीब इतनी ही बसें आती हैैं। इन 120 बसों के अलावा निजी बसें और प्राइवेट वाहन अलग हैैं। यानी करीब छह हजार लोगों का रोज दिल्ली आना-जाना होता है। केवल रोडवेज की ही रोजाना औसत कमाई प्रतिदिन एक लाख है। इसके अलावा रेडीमेड और फर्नीचर से जुड़ा ट्रांसपोर्ट भी होता है।

तीन करोड़ रुपये का रोज आता रेडीमेड गारमेंट

त्योहार के बाद अब सहालग का सीजन है। रेडीमेड व्यापारी अनुपम कपूर बताते हैैं कि फिलहाल दिल्ली से करीब तीन करोड़ रुपये का रेडीमेड गारमेंट आ रहा है। इसके लिए शहर के रिटेल शोरूम व्यापारी रोडवेज बस या फिर निजी वाहन से दिल्ली जाते रहे हैैं। दिल्ली के बिगड़ते माहौल और कोविड को लेकर सतर्कता के चलते फिलहाल व्यापारियों को वाट्सएप के जरिए सप्लाई पसंद करनी होगी या फिर शहर के होलसेल मार्केट पर निर्भर होना होगा। इसके अलावा फर्नीचर व्यापार भी बड़े स्तर पर होता है।

जिले में कोरोना वायरस को नियंत्रित रखने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। खासकर दिल्ली या उस दिशा से आने वाले लोगों का एंटीजन टेस्ट कराया जा रहा है।

- डॉ.रंजन गौतम, जिला सर्विलांस अधिकारी, बरेली

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