बरेली में चोरोंं का दुस्साहस, कलैक्ट्रेट के तीन कार्यालयों का ताला तोड़ लेखपाल का लैपटॉप व मोबाइल किया चोरी

बरेली में चोरो का दुस्साहस, कलैक्ट्रेट के तीन कार्यालयों का ताला तोड़ लेखपाल का लैपटॉप व मोबाइल किया चोरी

आमजन के घर तो छोड़िए अब कलक्ट्रेट भी सुरक्षित नहीं है। 24 घंटे सुरक्षा घेरे में रहने वाले कलक्ट्रेट में भी चोरों ने सेंधमारी कर दी। एक नहीं तीन-तीन कार्यालय के ताले तोड़े। भूलेख कार्यालय में रखा लैपटॉप व मोबाइल फोन चुराया। एक डेस्कटॉप से भी छेड़छाड़ हुई है।

Ravi MishraSun, 28 Feb 2021 09:08 AM (IST)

बरेली, जेएनएन। आमजन के घर तो छोड़िए, अब कलक्ट्रेट भी सुरक्षित नहीं है। 24 घंटे सुरक्षा घेरे में रहने वाले कलक्ट्रेट में भी चोरों ने सेंधमारी कर दी। एक नहीं, तीन-तीन कार्यालय के ताले तोड़े। भूलेख कार्यालय में रखा लैपटॉप व मोबाइल फोन चुराया। एक डेस्कटॉप से भी छेड़छाड़ हुई है। हालांकि कामर्शियल कोर्ट व मालगोदाम में ताला तोड़ने के बावजूद किसी सामान को हाथ नहीं लगाया। पड़ताल करने पहुंची कोतवाली पुलिस को छत पर बीयर की खाली केन व तमंचा पड़ा मिला। साफ है कि बेखौफ चोर लंबे वक्त तक कलक्ट्रेट में रुके थे।

राजस्व निरीक्षक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शुक्रवार को सरकारी अवकाश के चलते कलक्ट्रेट बंद था। दूसरे तल पर स्थित भूलेख कार्यालय में शनिवार को जब कर्मचारी पहुंचे तो ऑफिस का ताला टूटा पड़ा था। कमरे के अंदर से एक लैपटॉप व मोबाइल गायब था। कलक्ट्रेट कर्मियों के मुताबिक, भूलेख कार्यालय पहुंचने के लिए नीचे लगे चैनल शटर का ताला खोलकर सीढि़यों से जाना पड़ता है। चैनल शटर का ताला नहीं टूटा था। छत पर स्थित ऑफिस का ताला टूटा था।

छत पर पड़ा मिला बीयर केन व तमंचा     

कोतवाली पुलिस कॉमर्शियल कोर्ट की छत पर पहुंची। जहां एक तराजू, बीयर की केन, तमंचा, लैपटॉप व मोबाइल के पैकेट पड़े मिले। कोर्ट के स्टाफ ने कल ही पुलिस को ताला टूटे होने की सूचना दे दी थी। चोरों द्वारा परिसर स्थित मालगोदाम का भी ताला तोड़ा गया गया। कॉमर्शियल कोर्ट में कल छुट्टी नहीं थी लिहाजा, साफ है कि गुरुवार की रात ही चोरी को अंजाम दिया गया। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। बहेड़ी के लेखपाल के नाम था लैपटॉप व मोबाइल चोरी हुआ।

बहेड़ी के लेखपाल का लैपटॉप चोरी 

लैपटॉप व मोबाइल बहेड़ी के लेखपाल के नाम था। छत पर लैपटॉप व मोबाइल का जो पैकेट मिला, उस पर बहेड़ी में तैनात रहे लेखपाल वरुण कांत का नाम लिखा था। वरुण कांत को सरकारी शिक्षक की नौकरी मिल गई तो उन्होंने मोबाइल और लैपटॉप विभाग में जमा कर दिया था, जिसे चोर उड़ा ले गए। चोरों को थी सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की जानकारी थी।

यहां नहीं लगे है सीसीटीवी कैमरे

चोरों ने कलक्ट्रेट परिसर के जिस हिस्से के तीन कार्यालयों के ताले तोड़े हैं, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। लिहाजा, साफ है कि चोरों को इस बात की जानकारी पहले से ही थी। इसके बाद शक यह भी बढ़ गया है कि कलक्ट्रेट से जुड़ा ही कोई शख्स इसमें शामिल है। जानकारी में यह भी आया है कि जो कैमरे कलक्ट्रेट में लगे भी हैं, उनमें से ज्यादातर खराब हैं।

सुरक्षा में तैनात रहते हैं चार होमगार्ड

कलक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा में चार गार्ड तैनात रहते हैं। बावजूद यह घटना तमाम सवाल खड़े कर रही है। सामने आया है कि गार्ड मुख्य द्वार पर थे और चोर पिछले हिस्से से घुसे। हैरत की बात यह भी रही कि जिस हिस्से में चोरों ने तीन कार्यालयों के ताले चटकाए हैं, उस हिस्से में अंधेरा रहता है। लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है।

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