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बरेली के तीन सौ बेड अस्पताल में एक और ट्रांसफार्मर लगने के बाद भी बिजली की समस्या रहेगी बरकरार, जानें क्या है वजह

हॉटलाइन न होने से बिजली कटौती होने पर समस्या रहेगी बरकरार।

300 बेड कोविड अस्पताल में ढाई गुना क्षमता का एक और ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा हो लेकिन इससे केवल एक ट्रांसफार्मर फुंकने पर बिजली आपूर्ति का इंतजाम होगा। किसी वजह से अगर सिंधु नगर फीडर से ही फाल्ट हुआ तो यहां की बिजली आपूर्ति प्रभावित ही रहेगी।

Samanvay PandeyTue, 04 May 2021 03:42 PM (IST)

बरेली, जेएनएन। 300 बेड कोविड अस्पताल में भले ही बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए ढाई गुना क्षमता का एक और ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा हो, लेकिन इससे केवल एक ट्रांसफार्मर फुंकने पर बिजली आपूर्ति का इंतजाम होगा। किसी वजह से अगर सिंधु नगर फीडर से ही फाल्ट हुआ तो यहां की बिजली आपूर्ति प्रभावित ही रहेगी।दरअसल, 300 बेड कोविड अस्पताल को मिलने वाली बिजली सिंधु नगर फीडर से है। 250 केवीए क्षमता रे दूसरे ट्रांसफार्मर को भी इसी फीडर से बिजली आपूर्ति होगी। ऐसे में फीडर में फाल्ट होने पर आपूर्ति प्रभावित होगी। ऐसे में फाल्ट ठीक होने तक जनरेटर के भरोसे ही बिजली व्यवस्था रहेगी।

हॉटलाइन से ही मिल सकता है स्थाई हल

जानकार बताते हैं कि इतने बड़े अस्पताल के लिए हॉटलाइन (सेपरेट लाइन) होनी चाहिए थी, इसमें फाल्ट बेहद कम होते हैं। लेकिन अस्पताल अभी तक हस्तांतरित न होने की वजह से हॉटलाइन नहीं ली गई। हालांकि जानकार यह भी बताते हैं कि अस्पताल स्थानांतरित होने और कोविड जैसी आपदा के दौर में मानसिक अस्पताल की हॉटलाइन से एक लाइन देकर अस्थाई व्यवस्था की जा सकती थी।

फाल्ट पहले भी बन चुके हैं परेशानी का सबब

इससे पहले दस मार्च और 17 मार्च को फाल्ट की वजह से 300 बेड अस्पताल की बिजली घंटों गुल रह चुकी है। हालांकि तब इतने मरीज भर्ती नहीं थे, इसलिए ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। दस मार्च को जल निगम की टीम ने खोदाई करते समय 33 केवी हाईटेंशन लाइन काट दी थी। शाहदाना उपकेंद्र से संबंधित इस लाइन से संबंधित इलाके के साथ ही 300 बेड अस्पताल की भी बिजली चार घंटे से ज्यादा समय के लिए गुल हुई थी। तब कोविड अस्पताल में नौ कोरोना संक्रमित भर्ती थे, जिनकी मानीटिरंग भी बंद हो गई थी। वहीं 17 मार्च को भी करीब डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही थी।बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (शहर) एनके मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली डिमांड के अनुसार ज्यादा क्षमता का एक और ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। हालांकि हॉटलाइन की मांग होती, तो वो कनेक्शन भी किया जा सकता है।

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