प्रधान और सचिव ने किया शौचालय की राशि का गबन, दोनों को नोटिस जारी

शहर से सटे विकास खंड क्यारा की ग्राम पंचायत चौबारी में शौचालय निर्माण में घोटाला सामने आया है।

शहर से सटे विकास खंड क्यारा की ग्राम पंचायत चौबारी में शौचालय निर्माण में घोटाला सामने आया है। प्रधान और सचिव ने मिलीभगत कर नौ शौचालयों की धनराशि निकाल ली जबकि अब तक शौचालय नहीं बनवाए गए। मामले की शिकायत हुई तो जांच में सच सामने आया।

Sant ShuklaWed, 24 Feb 2021 09:10 PM (IST)

 बरेली, जेएनएन। शहर से सटे विकास खंड क्यारा की ग्राम पंचायत चौबारी में शौचालय निर्माण में घोटाला सामने आया है। प्रधान और सचिव ने मिलीभगत कर नौ शौचालयों की धनराशि निकाल ली जबकि अब तक शौचालय नहीं बनवाए गए। मामले की शिकायत हुई तो जांच में सच सामने आया। डीपीआरओ ने प्रधान और सचिव को नोटिस जारी करते हुए सात दिनों में जवाब मांगा है।

 क्यारा विकास खंड की ग्राम पंचायत में करीब 309 लाभार्थियों के शौचालय बनवाए जाने के लिए पंचायत राज विभाग द्वारा 37 लाख 70 हजार रुपये की धनराशि ग्राम निधि के खाते में भेजी गई थी। इसमें एमआइएस की सूची में दर्ज लाभार्थियों के शौचालय बनवाने के लिए प्रति लाभार्थी 12000 रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायत की एक एक कर अलग अलग मामलों की कई शिकायतें विकास भवन पहुंची। इस पर डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार के निर्देशन में एक जांच कमेटी गठित कर चौबारी में हुए विकास कार्याें की जांच के आदेश दिए गए। इसमें शौचालयों की गुणवत्ता, सीसी रोड, कायाकल्प के कार्य का स्थलीय सत्यापन किया गया। जिसमें पाया गया कि वर्ष 2018-19 में 119800 रुपये का भुगतान लेखा परीक्षा के लिए सीए को दर्शाया गया। जबकि लेखा परीक्षा कार्य सीए द्वारा कराया ही नहीं जाता है। वहीं नौ लाभार्थियों के शौचालयों का निर्माण भी धरातल पर नहीं पाया गया, जबकि शौचालय निर्माण की धनराशि 119800 रुपये खाते से अनियमित रूप से निकाली जा चुकी है। जांच कमेटी द्वारा 19 जनवरी 2021 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में बताया कि 119800 रुपये की धनराशि का गबन किया जाना प्रतीत होता है। बुधवार को मामले में ग्राम प्रधान रीता देवी व सचिव उदयवीर सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब करते हुए सात दिनों में स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

क्या कहना है डीपीआरओ का

कई शिकायतें मिलने पर ग्राम पंचायत चौबारी के विकास कार्यों की हकीकत परखी गई। उसमें पाया गया कि नौ लाभार्थियों के शौचालय न बनाकर उनकी 119800 रुपये की धनराशि गलत तरह से निकाली गई। यह गबन प्रतीत होता है। इसके चलते प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अन्यथा कड़ी कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति, रिकवरी व मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ

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