Swachh Survekshan 2021 : बरेली में गूंजी जनता की आवाज, 24 हजार से अधिक ने दिया फीडबैक, जानिए कितने प्रतिशत रहा परिणाम

Swachh Survekshan 2021 स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में शहर को सबसे अधिक अंक लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के ही मिले हैं। नगर निगम ने अपने स्तर से ही कई माध्यमों से लोगों की प्रतिक्रियाएं एकत्रित की। केंद्र की टीम ने करीब ढाई सौ लोगों को फोन कर उनकी प्रतिक्रिया ली।

Ravi MishraWed, 24 Nov 2021 06:55 AM (IST)
Swachh Survekshan 2021 : बरेली में गूंजी जनता की आवाज, 24 हजार से अधिक ने दिया फीडबैक

बरेली, जेएनएन। Swachh Survekshan 2021: स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में शहर को सबसे अधिक अंक लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया के ही मिले हैं। नगर निगम ने अपने स्तर से ही कई माध्यमों से लोगों की प्रतिक्रियाएं एकत्रित की। इनमें से केंद्र की टीम ने करीब ढाई सौ लोगों को फोन कर उनकी प्रतिक्रिया ली। इस आधार पर नगर निगम को सबसे अधिक अंक मिले। लोगों ने समस्याएं दूर करने के सुझाव भी दिए।

1800 की प्रतियोगिता में मिले 1100 अंक 

स्वच्छ सर्वेक्षण में एक श्रेणी जनता की आवाज की रखी गई थी। इस प्रतियोगिता के अधिकतम अंक 1800 थे। प्रतियोगिता में नगर निगम को 1100 अंक प्राप्त हुए हैं। करीब 61 फीसद अंक पाकर यह तीनों श्रेणी में सबसे अधिक प्राप्तांक है। अधिकारियों के अनुसार केंद्र की टीम ने सर्वेक्षण के दौरान करीब ढाई सौ लोगों को फोन करके प्रतिक्रिया ली है। उसके आधार पर ही इतने अंक नगर निगम को मिल पाए हैं।

सात चैनलों के जरिए लोगों से लिया गया फीडबैक

शहरवासियों से साफ-सफाई, निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का फीडबैक लेने के लिए सात चैनल दिए गए थे। सिटीजन फीडबैक एक जनवरी से 31 मार्च तक लिया गया। इसमें सात सवाल लोगों से पूछे गए। इसके साथ ही फेस टू फेस यानी लोगों से मिलकर केंद्र की टीम ने मार्च में फीडबैक लिया। अन्य माध्यमों में माई जीओवी पर वोट फीर माई सिटी, 1969 हेल्पलाइन नंबर, आउटबाउंड काल, एसएस2021 पोर्टल, स्वच्छता एप पर भी जनता की प्रतिक्रिया ली गई।

यह मुहल्ले सबसे गंदे, लोग परेशान

शहर में अगर गंदे मुहल्लों की बात करें तो कई प्रमुख नाम सामने आ जाएंगे। इन मुहल्लों में निर्माण कार्य हो रहे हैं, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है, सफाई भी होती है, लेकिन यहां सफाई ज्यादा ठहरती नहीं है। अक्सर गलियों व मुहल्लों के नुक्कड़ पर कूड़ा-कचरा बिखरा पड़ा दिख जाता है। इसके साथ ही कई मुहल्लों में रिसती सीवर लाइन और जल निकासी के अभाव में हो रहा जलभराव प्रमुख समस्या है। ऐसे मुहल्लों में चौपुला की गिहार बस्ती, नेकपुर, गंगापुर, फाल्तूनगंज, कालीबाड़ी, सिकलापुर, हजियापुर, बाकरगंज, संजय नगर, एजाज नगर गौटिया, रहपुरा चौधरी, गढ़ी चौकी, बानखाना समेत अन्य मुहल्ले शामिल हैं।

कूड़ा निस्तारण और एसटीपी से ही होगा सुधार

शहरवासियों के अनुसार यहां की सबसे बड़ी समस्या कूड़ा निस्तारण नहीं होना है। इस कारण शहर में कूड़ा ही कूड़ा दिखाई देता है। रोजाना सैकड़ों टन कूड़ा शहर से निकल रहा है, लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो रहा है। बाकरगंज खड्ड में कूड़ा फेंकने तक के लिए जगह नहीं बची है। इस समस्या का निदान सिर्फ सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित कर कूड़ा का निस्तारण करना ही है। इसके साथ ही शहर से निकलने वाले सीवर व नाले के पानी को साफ करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की भी सख्त आवश्यकता है। वही, सफाई व्यवस्था का मजबूत खाका खींचा जाना चाहिए।

शहर एक नजर में 

वार्ड - 80

आबादी : करीब नौ लाख

सफाई कर्मचारी : 1800

मकान - 1.42 लाख

सफाई में लगे वाहन - 225

लोगों से बातचीत

- घर के सामने ही कूडे का ढेर लगा रहता है। इसकी शिकायत नगर निगम में की थी तो उठा था। फिर वही हाल हो गया है। फीडबैक नहीं लिया गया। गीता देवी, तिलक कालोनी

- शहर में कूड़े की समस्या बनी हुई है। गलियों व मुहल्लों की सड़कों पर कूड़ा बिखरा मिलता है। सफाई व्यवस्था को और पुख्ता किया जाना चाहिए। अमन, नेकपुर

- स्वच्छ सर्वेक्षण के बारे में जानकारी तो थी, लेकिन किसी ने हमसे फीडबैक लेने के लिए फोन नहीं किया। जब भी समस्या होती है तो निगम में फोन करते हैं। देशराज, सिविल लाइंस

- निगम दिन और रात सफाई की बात कर रहा है, लेकिन ऐसा दिखाई नहीं देता है। शहर में जहां भी निकल जाओ कूड़ा पड़ा नजर आता है। आशीष त्रिपाठी, राजेंद्र नगर

शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। जल्द कूड़ा निस्तारण शुरू किया जाएगा। चार एसटीपी भी बनाए जा रहे हैं। आने वाले समय में समस्या नहीं रहेगी। अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त

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