कोरोना के कारण शाहजहांपुर के वैज्ञानिक ने शिकागो में की शादी, आनलाइन शामिल हुआ परिवार, जानिए शादी के लिए किस विशेष दिन को चुना

वैज्ञानिक ने शिकांगों के इस मंदिर में की शादी, आनलाइन शामिल हुआ शाहजहांपुर का परिवार, जानिए क्या रहा खास

कोरोना काल में सात समंदर पार की अनूठी शादी... न बाराती थे न घराती। बैंडबाजा भी गायब था। वर-वधू के माता पिता भी आशीर्वाद के लिए मौजूद नहीं थे। लेकिन हर रस्म का स्वजनों ने आनंद लिया। शिकागो के जयश्री कृष्ण मंदिर में शादी के बाद ऑनलाइन आशीर्वाद दिया।

Ravi MishraSun, 16 May 2021 07:31 PM (IST)

बरेली, जेएनएन। कोरोना काल में सात समंदर पार की अनूठी शादी... न बाराती थे, न घराती। बैंडबाजा भी गायब था। वर-वधू के माता पिता भी आशीर्वाद के लिए मौजूद नहीं थे। लेकिन पल पल की रस्म का वर-वधु के स्वजनों ने पूरा आनंद लिया। शिकागो के जयश्री कृष्ण मंदिर में शादी संपन्न होने के बाद नवदंपती डा. विश्वास पांडेय व उनकी धर्मपत्नी डा. मीता को परिवारीजनों ने आशीर्वाद दिया।

शाहजहांपुर के मुहल्ला रोशनगंज निवासी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश पांडेय के तीन बेटों में डॉ. विश्वास पांडेय 2010 से अमेरिका के शिकागो में है। वर्तमान में वह पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च एसोसिएट तथा विश्व प्रसिद्ध फर्मी नेशनल एसिलेटर प्रयोगशाला,वातविया, यूएसए में विजिटिंग रिर्चसर हैं। गत वर्ष डा. विश्वास ने परिवारीजनों की सहमति से यूरोपीय यूनियन बेल्जियम में काउंसलर के रूप में कार्यरत डॉ. मीता से शादी तय कर ली। डा. मीता पिता स्लोविनिया में पोस्ट आफिस हेड के रूप में कार्यरत फ्रैंक गोरूप तथा उनकी पत्नी डिफेंस एकाउंट आफिसर नतासा गोरूप सेफिरन शाहजहांपुर आकर शादी करना चाहते थे।

गत वर्ष लॉकडाउन की वजह से शादी टल गई। इस वर्ष साल के शुरूआत में ही अक्षय तृतीय के शुभ मुहूर्त पर शादी की तिथि नियत कर दी गई। लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वजह से शाहजहांपुर में शादी का कार्यक्रम टल गया। लेकिन डा. विश्वास पांडेय ने शुभ मुहूर्त में शिकांगो के जय श्रीकृष्ण मंदिर में मंत्राेच्चारण के साथ एक दूसरे के गले में जयमाला डालकर स्वजनों को खुशियों का तोहफा दिया।

45 मिनट वीडियो कांफ्रेसिंग पर जुड़ा रहा पूरा परिवार: शनिवार शाम करीब सवा आठ बजे डा. विश्वास व डा. मीता की शादी की रस्म शुरू हुई। कोविड काल की इस अद्भूत शादी में वर-वधू पक्ष के परिवारीजन आनलाइन जुड़े रहे। विश्वास के पिता बृजेश पांडेय, मां कुसुम पांडेय समेत ताऊ व शिक्षक नेता संतोष पांडे, भाई आलोक पांडे एडवोकेट, डा. आदर्श पांडेय विभागाध्यक्ष वनस्पति विज्ञान एसएस कॉलेज, डा. विकास पांडे प्रवक्ता नेव इंस्टिट्यूट, डॉ विशाल पांडे प्रवक्ता हिस्ट्री, भाभी आराधना पांडे सहायक अध्यापिका एसकेबी फरीदपुर तथा वंदना ने 45 मिनट तक सात समंदर पार की अनूठी शादी का आनंद लिया व नवदंपत्ती को आशीर्वाद के शुभकामनाएं दी।

11 साल से शिकांगो में है शोधरत है डा. विश्वास पांडेय: आइआइअी रुड़की से एमएससी के बाद डा. विश्वास पांडेय को 2010 में यूरोपियन कमीशन से फेलोशिप मिली थी। इसी वर्ष विश्वास ने गेट यूनिवर्सिटी से बेल्जियम यूरोप में पीएचडी की। यूरोपीय सेंटर फॉर थ्योरिटिकल फिजिक्स (इटली) मे भी शोध कार्य किया। 2016 में वर्जिनियांटेक स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका में रिसर्च एसोसिएट के रूप में नियुक्ति मिल गई। विश्वास यूरोप और अमेरिका में आयोजित कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में व्याख्यान दे चुके हैं। वर्तमान में वह नोबेल पुरस्कार प्राप्त वैज्ञानिकों के साथ काम कर रहे हैं।

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