भाजपा मुख्यमंत्री से पहली बार मिला दरगाह आला हजरत का धार्मिक संगठन

CM Yogi Aditya Nath News सुन्नी बरेलवी मसलक दरगाह आला हजरत का धार्मिक संगठन पहली बार भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला है। इससे पहले भी दरगाह से जुड़े लोगों की नजदीकियां सियासतदारों के साथ रहीं हैं।

Ravi MishraSun, 01 Aug 2021 06:45 AM (IST)
भाजपा मुख्यमंत्री से पहली बार मिला दरगाह आला हजरत का धार्मिक संगठन

बरेली, जेएनएन। CM Yogi Aditya Nath News : सुन्नी बरेलवी मसलक दरगाह आला हजरत का धार्मिक संगठन पहली बार भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला है। इससे पहले भी दरगाह से जुड़े लोगों की नजदीकियां सियासतदारों के साथ रहीं, लेकिन वह राजनीतिक संगठन के बैनर तले मिलते रहे। आला हजरत की वर्षों पुरानी जमात रजा ए मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां के मुख्यमंत्री से मिलने पर मामला तूल पकड़ गया है। हालांकि वह अब भी मुस्लिम मसाइल के चलते ही मुलाकात करना बता रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर घमासान मचा हुआ है।

ईद उल अजहा से पहले काजी उल हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की अगुवाई में चलने वाली जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन के मुख्यमंत्री के साथ मिलने का फोटो वायरल होने पर सलमान मियां का जमकर विरोध हो रहा है। इस मामले को लेकर आला हजरत खानदान के सदस्य अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं। खानदान के सबसे बुजुर्ग शख्स मन्नान रजा खां उर्फ मन्नानी मियां ने आडियो वायरल कर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

इधर, बताते हैं कि दरगाह से जुड़े जमात रजा ए मुस्तफा या किसी अन्य धार्मिक संगठन से पहली बार कोई पदाधिकारी भाजपा के मुख्यमंत्री से मिला है। अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ के कुछ उलमा मुस्लिम मसाइल के चलते मिल चुके हैं। वही, पूर्व में प्रदेश में रही कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह की सरकार में भी आला हजरत दरगाह से जुड़े लोग राजनेताओं से मिले थे। उस दौरान इत्तेहाद -ए- मिल्लत कौंसिल (आइएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं। सपा की सरकार में तौकीर मियां और आबिद रजा लालबत्ती का लाभ भी ले चुके हैं।

देश-विदेश में विरोध, इंटरनेट मीडिया पर घमासान

काजी उल हिंदुस्तान और सलमान मियां के खिलाफ मन्नानी मियां के आडियो देश-विदेश में तमाम लोगों तक पहुंच गए हैं। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर घमासान मच गया है। कोई मन्नानी मियां के बयान को सही बता रहा है तो कोई काजी उल हिंदुस्तान के समर्थन में पोस्ट डाल रहा है। उलमा की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। कुछ पोस्टों में यह भी बताया जा रहा है कि भाजपा के मुख्यमंत्री से मिलने पर सपा के साथ जाने की तैयारी करने वाले परेशान हैं।

बयानबाजी को लेकर इंटेलीजेंस सक्रिय

प्रकरण में कई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इंटरनेट में तमाम बयानबाजी हो रही हैं। इनकी जांच के लिए इंटेलीजेंस और एलआइयू जुट गई है। उन्हें यह चिंता है कि कही बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री के लिए कुछ गलत न बोल या लिख दें। टीम ने शनिवार को दरगाह आला हजरत पहुंचकर लोगों से पूछताछ भी की है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने जान का खतरा बताकर एसएसपी को दिया पत्र

तंजीम उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने शनिवार को बेटे अनवर रजा कादरी उर्फ अम्मन मियां के साथ एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से मुलाकात की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को बताया। बेटे का उत्पीड़न किए जाने की जानकारी दी। मौलाना ने एसएसपी को पत्र देकर कहा है कि मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को सलमान हसन सिद्दीकी और उनके साथियों से जान का खतरा है। एसएसपी ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया।

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