किसानों के रेल रोको अभियान का बरेली में नहीं दिखा असर, पार्क में किसानों ने किया प्रदर्शन

शांति पूर्वक सभी कार्य हो जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।

किसानों के रेल रोको आह्वान के चलते पुलिस और आरपीएफ सुबह से ही सक्रिय रहीं। जिसके चलते किसानों को रेल पटरियों तक पहुंचने नहीं दिया गया। किसान एकता संघ के सदस्यों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में प्रदर्शन किया।

Sant ShuklaFri, 19 Feb 2021 12:04 AM (IST)

बरेली, जेएनएन। किसानों के रेल रोको आह्वान के चलते पुलिस और आरपीएफ सुबह से ही सक्रिय रहीं। जिसके चलते किसानों को रेल पटरियों तक पहुंचने नहीं दिया गया। किसान एकता संघ के सदस्यों ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में प्रदर्शन किया। गुरुवार की सुबह 11 बजे एक बजे तक रेल रोको प्रदर्शन किसानों को करना था। जिसके लिए रेलवे का खुफिया तंत्र भी सक्रिय था। जिले में रेल रोको अभियान की जानकारी डीएम नितीश कुमार अधिकारियों से पल-पल लेते रहें। वहीं शांति पूर्वक सभी कार्य हो जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।

 पूर्व नियोजित प्लानिंग आयी काम

जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील स्तर पर एसडीएम जबकि नगर में सिटी मजिस्ट्रेट को किसानों को रेलवे ट्रैक पर जाने से रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी। सभी अधिकारियों को पर्याप्त पुलिस बल भी उपलब्ध कराया गया था। वहीं रेल पटरियों के किनारे जीआरपी व आरपीएफ के जवान नजर बनाए रखे थे। जिसके चलते जिले व बरेली सेक्शन में एक भी ट्रेन नहीं रोकी गई।

 सवा घंटा देरी ले पहुंची श्रमजीवी एक्सप्रेस

आंदोलन के चलते दिल्ली से ही देरी से चली श्रमजीवी स्पेशल अपने निर्धारित समय से एक घंटा 25 मिनट  देरी से शाम साते बजे जंक्शन पहुंची।

 आंवला स्टेशन अधीक्षक को किसानों ने दिया ज्ञापन

आंवला स्टेशन पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने मौजूद फोर्स को देख स्टेशन के बाहर स्टेशन अधीक्षक को बुलाकर अपनी मांगों का ज्ञापन देकर वापस लौट गए।

 सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से किसानों को बढ़ने नहीं दिया आगे

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान एकता संघ के मंडल प्रभारी डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में एकत्र हुए। किसानों की संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पार्क की घेराबंदी कर ली थी। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार किसान जंक्शन के लिए निकलने वाले ही थे कि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गीतेश कपिल की अगुवाई में सभी को रोक लिया गया। जिससे नाराज किसानों ने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसान नेता डॉ रवि नागर व कुछ अन्य की पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। सभी ने कहा कि केंद्र सरकार लाठी के दम पर किसानों की आवाज को दबाकर आंदोलन को तोड़ना चाहती है। लेकिन देश का किसान अब अपने अधिकारों के प्रति जागरुक हो चुका है और आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। सरकार को तीनों कानून वापस लेने होंगे। प्रदर्शन के दौरान श्रीपाल सिंह गुर्जर, जगपाल पाल सिंह यादव, राजेश शर्मा, मधु मिश्रा, पद्मावती राजपूत, मुकेश सिंह, सुरेंदर काका, रविशंकर, विवेक नागर, धनेश्वर सिंह, विकास प्रजापति आदि मौजूद रहे।

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