दारोगा बनने के लिए जालौन SSP से मिलने आई PCS की छात्रा, हुलिया देख चौंकी, किया पुलिस को फोन, जानिए आगे क्या हुआ

दस हजार रुपये में दारोगा। सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी लेकिन यह सच है। पीसीएस की तैयारी कर रही एक अभ्यर्थी को जालसाज ने फोन पर पुलिस विभाग में दारोगा पद पर भर्ती का झांसा दिया। खुद को जालौन का एसएसपी बताया।

Ravi MishraMon, 20 Sep 2021 03:56 PM (IST)
दारोगा बनने के लिए जालौन SSP से मिलने आई PCS की छात्रा, हुलिया देख चौंकी, किया पुलिस को फोन

बरेली, जेएनएन।  : दस हजार रुपये में दारोगा। सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी, लेकिन यह सच है। पीसीएस की तैयारी कर रही एक अभ्यर्थी को जालसाज ने फोन पर पुलिस विभाग में दारोगा पद पर भर्ती का झांसा दिया। खुद को जालौन का एसएसपी बताया। कहा कि मुख्यालय में रह चुका हूं। आसानी से भर्ती करा दूंगा। नौकरी के लिए पेटीएम के जरिये दस हजार रुपये हड़प लिये। बरेली में मिलने के लिए पहुंचे जालसाज को शक होने पर पीड़िता ने ही गिरफ्तार करवा दिया।

इज्जतनगर के करमपुर चौधरी के रहने वाले भीम भास्कर ने बताया कि बहन विशाखा आनलाइन पीसीएस की तैयारी कर रही है। आनलाइन पढ़ाई के चलते वह कोचिंग ग्रुप में जुड़ी हैं। इसी ग्रुप से आरोपित राजतिकल यादव भी जुड़ा हुआ है। राजतिलक ने बहन के पास मैसेज किया। बाद में फोन करके कहा कि एसएसपी जालौन बोल रहा हूं। पुलिस विभाग में दारोगा के पद पर नौकरी लगवा दूंगा। यह बात विशाखा ने भाई भीम भास्कर को बताई।

भीम भास्कर ने राजतिलक को फोन कर मिलने की बात कही। इस पर राजतिलक ने खाते में दस हजार रुपये डालने की बात कही। दस हजार रुपये मिलने पर राजतिलक ने शनिवार शाम करमपुर चौधरी पहुंच गया। राजतिलक के हुलिए को देखकर भीम भास्कर समझ गया कि युवक जालसाज हैं। उसने कोतवाली पुलिस को सूचना दी जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने राजतिलक को गिरफ्तार कर लिया।

खुद को बता रहा था एसएसपी, पहनकर आया दारोगा की वर्दी

जालसाज बिल्कुल नया-नवेला था। अंदाजा लगा सकते हैं कि खुद को एसएसपी बताने वाले राजतिलक जब भीम भास्कर से बरेली मिलने आया तब वह दारोगा की वर्दी में आया। वर्दी भी एनसीसी की थी जिसमें उसने अलग से कंधे पर दो स्टार लगा रखे थे। उसके हुलिए को देखकर जब भीम भास्कर ने सवाल किया तो वह भागने लगा। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तब उसने वर्दी बैग में रख रखी थी। कोतवाली पुलिस आरोपित के पूरे कनेक्शन को खंगाल रही है।

बीएससी पास है जालसाज, बोला-फेसुबक से हुई दोस्ती

पूछताछ में जालसाज राजतिलक ने बताया कि वह बीएससी पास है। फेसबुक के जरिए उसकी विशाखा से दोस्ती हुई थी। एक मुकदमे में उसने विशाखा द्वार मदद मांगे जाने की बात कही। इसके बाद राजतिलक ने मुदकमे में मदद के साथ-साथ नौकरी लगवाने का भी झांसा दे दिया और दस हजार रुपये हड़प लिये। उसके रकम वापसी का भी दावा किया। तीन भाई और एक बहन में राजतिलक तीसरें नंबर पर है।

नौ साल पहले पिता ने छोड़ दिया घर, बन गए साधु

राजतिलक ने पूछताछ में कोतवाली पुलिस को बताया कि नौ साल पहले उसके पिता सालिगराम घर छाेड़कर चले गए और साधु बन गए। घरवालों ने उन्हें लाने की तमाम कोशिशें की लेकिन, वह वापस नहीं लौटे।

आरोपित के खिलाफ लोकसेवक की पोशाक पहनने व छल करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसके द्वारा दस हजार रुपये लेने की बात कुबूली गई है। - पंकज पंत, इंस्पेक्टर, कोतवाली

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