नेता जी का काम आया तुरुप का इक्का, दूसरे को दिया झटका

इससे दूसरे गुट के कद्दावर नेता की पैरवी धरी रह गई।

समाजवादी पार्टी में जिले से शामिल होने वालों में दो नामों की चर्चा पहले से थी लेकिन ऐन वक्त पर सिर्फ एक को ही पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। चर्चा है कि एक नेता जी ने अपनी जमीन खिसकती देख सही समय पर तुरुप का इक्का खेल दिया।

Publish Date:Mon, 18 Jan 2021 05:00 PM (IST) Author: Sant Shukla

बरेली, जेएनएन।  समाजवादी पार्टी में जिले से शामिल होने वालों में दो नामों की चर्चा पहले से थी, लेकिन ऐन वक्त पर सिर्फ एक को ही पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। चर्चा है कि एक नेता जी ने अपनी जमीन खिसकती देख सही समय पर तुरुप का इक्का खेल दिया। इससे दूसरे गुट के कद्दावर नेता की पैरवी धरी रह गई।

शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। इससे पूर्व पार्टी में जिले से शामिल होने वालों में दो लोगों के नाम चल रहे थे, लेकिन दूसरे को सपा में शामिल नहीं किया गया। पार्टी हाईकमान की ओर से अचानक लिए गए इस फैसले ने सभी को चौंका दिया। खासकर उन्हें जो जिले के दूसरे जनप्रतिनिधि को पार्टी में शामिल कराने के लिए पैरवी कर रहे थे। दरअसल, पार्टी के स्थानीय स्तर पर जमकर गुटबाजी चल रही है। यहां दो बड़े नेताओं के बीच खींचतान चल रही है। एक गुट ने जिले के जनप्रतिनिधि को सपा में शामिल करने की पैरवी की तो, दूसरा गुट सक्रिय हो गया। पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहा व्यक्ति उस विधानसभा क्षेत्र में कुछ ज्यादा ही भारी साबित हो रहा था। इस पर दूसरे गुट ने अपनी जमीन खिसकती देखी और अपना तुरुप का इक्का इस्तेमाल कर दिया। चर्चा है कि उन्हीं ने शीर्ष नेतृत्व तक घोड़े दौड़ाए और ऐन वक्त पर पार्टी में शामिल होने वालों की लिस्ट से उनका नाम हटवा दिया। इस बाबत पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।

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