Oil Chori Game : बरेली में गांवों से निकल हाईवे पर शिफ्ट हुए तेल चोरी के अड्डे, आइओसी अफसरों तक पहुंचा ऑयल शार्ट होने का मामला

Oil Chori Game 30 दिन में औसतन एक लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री करने वाले बरेली के 225 पेट्रोल पंपों में आपूर्ति के टैंकरों में कम मिलने वाले तेल का खेल करोड़ों का है। पेट्रोल पंप मालिकों ने आइओसी तक टैंकर में तेल कम होने की समस्या पहुंचाई है।

Ravi MishraThu, 16 Sep 2021 09:52 AM (IST)
Oil Chori Game : बरेली में गांवों से निकल हाईवे पर शिफ्ट हुए तेल चोरी के अड्डे

बरेली, जेएनएन। Oil Chori Game: 30 दिन में औसतन एक लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री करने वाले बरेली के 225 पेट्रोल पंपों में आपूर्ति के टैंकरों में कम मिलने वाले तेल का खेल करोड़ों का है। आंवला डिपाे से निकलने वाले टैंकरों में भरे तेल के घनत्व से लेकर ड्राइवर-हेल्पर की सेटिंग पेट्रोल मालिकों के मुनाफे पर भारी साबित हो रही है। यही वजह है कि पेट्रोल पंप मालिकों ने आइओसी के आइओसी के महाप्रबंधक संजीव कुमार तक टैंकर में तेल कम होने की समस्या पहुंचाई है।

वहीं दूसरी तरफ जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने भी आंवला डिपाे से निकलने वाले टैंकरों की घेराबंदी शुरू की है। सामने आया है कि एक वक्त पर भमोरा के गांव कुड्ढा में टैंकरों से तेल डीजल-पेट्रोल चोरी को अंजाम देने वाला गिरोह ठिकाना बदल चुका है। अब मुरादाबाद, रामपुर से लेकर उत्तराखंड तक जाने वाले टैंकरों से तेल निकालने के लिए हाईवे पर नए ठिकाने तैयार हो चुके हैं। चूंकि जीपीएस लगा टैंकर रूट बदल नहीं सकता है, इसलिए माफिया टैंकरों से तेल निकालने के दौरान रूट का भी ख्याल रखते हैं। इस मामले की एक रिपोर्ट शासन तक भी भेजी जा चुकी है।

सिरौली के पेट्रोल संचालक राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक तेल का खेल दोतरफा है। पेट्रोल-डीजल के टैंकर में लदा तेल का गर्म माहौल में घनत्व बढ़ता है। डिपो से निकलने से पहले ऐसे माहौल में खड़े टैंकरों से मांपने के दौरान तेल पूरा आता है। जबकि कही छांव में खड़े किए जाने पर यही टैंकर तेल कम बताते हैं। जिसकी भरपाई पेट्रोल पंप मालिकों को करनी पड़ती है।

वहीं दूसरी तरफ आंवला डिपो से निकलने वाले पेट्रोल-डीजल की चोरी का बड़ा रैकेट कई वर्षों से सक्रिय है। वर्ष 2015 और वर्ष 2017 में भमोरा, इज्जतनगर, आंवला में तेल टैंकरों से होने वाली चोरी की धरपकड़ भी हुई। वर्ष 2017 में आंवला-भमोरा मार्ग पर कुड्ढा गांव के पास दो टैंकरों से तेल चोरी पकड़ी थी। मौके से रिठौरा निवासी ड्राइवर विशन यादव और नेकपुर का चुन्नीलाल पकड़ा था। वर्ष 2015 में भमोरा क्षेत्र के ही मकरंदपुर में भी टैंकरों से तेल चोरी होते पकड़ने के बाद एफआइआर दर्ज कराई गई थी। लेकिन तेल माफिया तक पूर्ति विभाग और पुलिस विभाग कभी नहीं पहुंच सका।

वर्जन

जानकारी मिलने के बाद टीमों को लगाया गया है। आंवला-भमोरा मार्ग के पुराने ठिकानों पर अब रैकेट सक्रिय नहीं। नए ठिकानों के लिए मुखबिर काम कर रहे हैं।

- नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी बरेली

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.