बरेली में अब निजी अस्पताल कोरोना के मरीज को भर्ती करने से इन्कार नहीं कर पाएंगे, स्वास्थ्य विभाग ने रेफरल स्लिप सिस्टम शुरू किया, जानिये क्या है रेफरल स्लिप सिस्टम, इससे कैसे मरीजों को राहत मिलेगी

हायर सेंटर या निजी कोविड अस्पताल में भर्ती के दौरान कई बार मरीजों को आती थी दिक्कत।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में केस बढ़ने के साथ और ज्यादा खतरनाक माने जा रहे हैं। इसमें भी कई बार मरीजों को रेफर करने के दौरान काफी परेशानी सामने आती है। मरीज को हायर सेंटर या निजी कोविड अस्पताल में भर्ती होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था।

Samanvay PandeyThu, 08 Apr 2021 01:13 PM (IST)

बरेली, जेएनएन। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में केस बढ़ने के साथ और ज्यादा खतरनाक माने जा रहे हैं। इसमें भी कई बार मरीजों को रेफर करने के दौरान काफी परेशानी सामने आती है। मरीज को हायर सेंटर या निजी कोविड अस्पताल में भर्ती होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब जिले में रेफरल स्लिप सिस्टम शुरू किया गया है। इससे मरीजों की परेशानी तो दूर होगी ही, कोविड अस्पतालों की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकेगी। वहीं, अस्पतालों के पास भी भर्ती हुए मरीजों का लीगल रिकार्ड नहीं होता था। इससे मरीज के भर्ती होने पर होने वाले भुगतान में भी दिक्कत आती थी। अब अस्पतालों के भुगतान की समस्या भी खत्म होगी।जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ.रंजन गौतम ने बताया कि जिले में रेफरल स्लिप सिस्टम से मरीजों को रेफर होने या निजी कोविड अस्पताल में तत्काल भर्ती किया जा सकेगा।

देर रात रेफर होने पर सामने आती थी दिक्कत

वैद्य दस्तावेज या अधिकारी के आदेश न होने पर निजी कोविड अस्पताल के मरीज को भर्ती करने से इन्कार करने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसा होने पर पीड़ित या उनके स्वजन जिला सर्विलांस अधिकारी, अन्य जिम्मेदार या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करते थे, जिसके बाद मरीज को भर्ती किया जाता था। कई बार देर रात का केस होने की स्थिति में अगर स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी का फोन न उठे तो मरीज और स्वजन की परेशानी और बढ़ जाती थी।

रेफरल स्लिप पर डीएसओ के भी होंगे हस्ताक्षर

अब रेफरल स्लिप को पीड़ित या उसके स्वजन संंबंधित अस्पताल से लेंगे। रेफर करने के दौरान हायर सेंटर या निजी कोविड अस्पताल में रेफर की जानकारी इस स्लिप पर होगी। स्लिप पर जिम्मेदार अधिकारियों मसलन, संबंधित अस्पताल और जिला सर्विलांस अधिकारी के हस्ताक्षर भी होंगे। इस रेफरल स्लिप को ही अधिकारी की अनुमति माना जाएगा। पीड़ित या स्वजन संबंधित अस्पताल को रेफरल स्लिप देंगे। इसके बाद मरीजों को भर्ती करने से निजी अस्पताल इन्कार नहीं कर सकेंगे।

डायरिया समेत सात नए लक्षणों का डर

पहले कोरोना संक्रमण होने की स्थिति में केवल बुखार, खांसी, सूंघने और स्वाद में अंतर समझने की इंद्रियों पर असर पड़ता था। वहीं, कोरोना संक्रमण के नए स्ट्रेन में सात अन्य लक्षण भी देश में सामने आए हैं। इनमें डायरिया, खुजली, सिर या पेट में दर्द, आंख में लालपन होना, गला चोक होना, हाथ-पैर की अंगुलियों में सूजन और झुनझुनाहट जैसे लक्षण प्रमुख हैं। 

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