बरेली के श्मशान में कम पड़ गई जमीन, चिता सजाई गई किसी के लिए और अंतिम संस्कार हुआ किसी और का

श्मशान में बने चबूतरों से ज्यादा शव पहुंच रहे हैं।

श्मशान घाटों का दृश्य हर दिन दर्दभरा होता जा रहा है। आए दिन बढ़ रहे मौत के आंकड़े के कारण श्मशान में भी शवों को जगह नहीं मिल रही है। आलम यह है कि चिता किसी के लिए सज रही है और अंतिम संस्कार किसी का हो रहा है।

Samanvay PandeyWed, 21 Apr 2021 02:07 PM (IST)

बरेली, जेएनएन। श्मशान घाटों का दृश्य हर दिन दर्दभरा होता जा रहा है। आए दिन बढ़ रहे मौत के आंकड़े के कारण श्मशान में भी शवों को जगह नहीं मिल रही है। आलम यह हो चला है कि चिता किसी के लिए सज रही है और अंतिम संस्कार किसी का हो रहा है। मंगलवार को सिटी श्मशान भूमि में भी यह हुआ कि चिता सजी किसी के लिए और अंतिम संस्कार किसी और का हुआ। इस दौरान शव को लेकर पहुंचे दोनों के परिवार वालों के बीच कुछ नोकझोंक भी हुई।

दरअसल, सिटी श्मशान भूमि में मंगलवार को 33 चबूतरों में से एक चबूतरा किसी के शव का इंतजार कर रहा था। इंतजार पूरा हुआ तो कालीबाड़ी के रहने वाले कुछ युवक चिता की तैयारी के लिए पहुंचे। लेकिन, अभी शव को आने में देरी थी और तैयारी पूरी हो चुकी थीं। इसी बीच सुभाष नगर से शव को लेकर कुछ लोग पहुंचे और चिता को सजा देख शव को उस पर रख दिया। इस बीच दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। लेकिन कुछ ही देर में चिता सजाने वाले ने हमदर्दी दिखाई और कहा कि जब तुमने शव चिता पर रख ही दिया है तो पहले तुम ही संस्कार करा लो। हम जमीन पर कर लेंगे। स्थिति यह हो चली है कि श्मशान में बने चबूतरों से ज्यादा शव पहुंच रहे हैं। जिस वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रबंधन के पास कोई तरीका न होने की वजह से उसने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।

पीएनजी मशीन ने भी तोड़ा दम

सिटी श्मशान भूमि में लगी पीएनजी गैस मशीन ने भी मंगलवार को दम तोड़ दिया। पंडित त्रिलोकी नाथ ने बताया कि शवों का लोड होने की वजह से मशीन खराब हो गई। प्रबंधन की ओर से काफी मशक्कत की गई। लेकिन, कोई सफलता हाथ न लगी। इस दौरान कई लोगों को मजबूरन जमीन पर ही संस्कार करना पड़ा।

श्मशान घाट समेत रामगंगा तट पर 38 शवों का हुआ अंतिम संस्कार

संक्रमण के चलते मौतों का आंकड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज कोई न कोई इसकी चपेट में आकर श्मशान पहुंच रहा है। मंगलवार को भी शहर के श्मशान घाट समेत रामगंगा तट पर 38 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। सिटी श्मशान भूमि में छह कोविड शव पहुंचे और 15 सामान्य शव पहुंचे। संजय नगर स्थित श्मशान घाट में आठ कोविड और छह सामान्य शव पहुंचे। वहीं रामगंगा तट पर तीन शवों का अंतिम संस्कार हुआ।

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