पहले करवाचौथ को लेकर उत्साहित रहीं नवविवाहिताएं, जानें दिनभर महिलाओं ने क्या-क्या किया

Newlyweds were excited about first Karwa Chauth सुबह आठ बजे से ही बाजार भी सज कर तैयार हो गया। नवविवाहित सुहागिन दिन भर खरीदारी कर रात को चांद के दीदार के बाद पति से मिलने वाले सरप्राइज उपहार का इंतजार करती रहीं।

Samanvay PandeyMon, 25 Oct 2021 09:40 AM (IST)
दिन भर शापिंग और रात को सरप्राइज उपहार देख खिले सुहागिनों के चेहरे

बरेली, जेएनएन। Newlyweds were excited about first Karwa Chauth : सुबह आठ बजे से ही बाजार भी सज कर तैयार हो गया। बाजार में दुल्हन की सजी दुकान पर सुहागिनों की भीड़ करवाचौथ का एहसास कराती रही। वहीं नवविवाहित सुहागिन दिन भर खरीदारी कर रात को चांद के दीदार के बाद पति से मिलने वाले सरप्राइज उपहार का इंतजार करती रहीं। पहले करवाचौथ को लेकर सुहागिन बहुत उत्साहित दिखीं। दंपतियों ने अपने पहले करवाचौथ को यादगार बनाया। इसे खास बनाने के लिए उन्होंने हर प्रयत्न किया।

राजेंद्र नगर निवासी शिवेन और शिवांगी की शादी पिछले वर्ष दिसंबर में हुई थी। ऐसे में पहले करवाचौथ को यादगार बनाने के लिए शिवेन ने बनारसी साड़ी के साथ ही ज्वैलरी और एक एक्टिवा सरप्राइज उपहार में में शिवांगी को देकर करवाचौथ मनाया। शिवांगी ने बताया कि उपहार को देख जैसे खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं शिवांगी ने पति को गिफ्ट में सोने की रिंग दी। कहा कि यह हमारे लिए यादगार पल था।

रामपुर गार्डन निवासी हर्षिता और चेतन 16 फरवरी को शादी के बंधन में बंधे। हर्षिता ने बताया कि उनका यह पहला करवाचौथ था। इसीलिए खूब खरीदारी की थी। चेतन ने उन्हें सोने का मंगल सूत्र और अंगूठी उपहार स्वरूप दी। कहा कि यह करवाचौथ हमेशा याद रहेगा। रामपुर गार्डन निवासी अनमोल और शुभि की शादी पिछले वर्ष नवंबर में हुई। अनमोल ने बताया कि पहले करवाचौथ को यादगार बनाने के लिए उन्होंने थाली, लोटे पर शादी की फोटो छपवाई थी। इससे यह पल यादगार बन गया है।

पत्नी की स्मृति में कृष्ण स्वरुप ने भी रखा निर्जला व्रत : भारत सेवक समाज के जिला चेयरमैन कृष्ण स्वरुप ने पत्नी स्वर्गीय नीरज बाला की स्मृति में निर्जला रहकर करवाचाैथ का व्रत रखा। बताया कि वह पत्नी की आत्मा की शांति के लिए हर वर्ष करवाचौथ का व्रत रखते हैं। बताया कि रात को चांद के दर्शन करने के बाद अर्घ्य दिया और फिर छोटे बच्चों को फल, धार्मिक पुस्तकें भेंट कर जल ग्रहण किया। कहते हैं कि यह व्रत रखकर उन्हें शांति, शारीरिक बल मिलता है। वह पत्नी के निधन के बाद वर्ष 2009 से लगातार उपवास रख रहे हैं।

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