बरेली में तालाब पर रहने को मजबूर सात हजार से अधिक लाेग, जानिए क्या है वजह

हार्टमैन कालेज के पास रामलीला गौटिया व सिद्धार्थ नगर में अब लोग आने से भी बचने लगे हैं। लोगों को तीव्र दुर्गंध बैठने नहीं दे रही। घर के आगे खाली भूमि पर जलभराव में आए दिन बच्चे-बुजुर्ग गिर रहे हैं।

Ravi MishraMon, 27 Sep 2021 12:57 PM (IST)
बरेली में तालाब पर रहने को मजबूर सात हजार से अधिक लाेग, जानिए क्या है वजह

बरेली, जेएनएन।  : हार्टमैन कालेज के पास रामलीला गौटिया व सिद्धार्थ नगर में अब लोग आने से भी बचने लगे हैं। लोगों को तीव्र दुर्गंध बैठने नहीं दे रही। घर के आगे खाली भूमि पर जलभराव में आए दिन बच्चे-बुजुर्ग गिर रहे हैं। पूरे जिले में डेंगू, मलेरिया फैला है, फिर भी यहां के हालात से किसी को लेना-देना नहीं। निकासी के अभाव में दो मुहल्लों के सात हजार से अधिक लोग तालाब पर रहने को मजबूर हैं। उनके घरों की दीवारें पानी ने गलानी शुरू कर दी हैं।

जागरण आपके द्वार अभियान के तहत रविवार को जागरण की टीम शहर के वार्ड 46 गांधीपुरम पहुंची थी। वहां कच्चे रास्ते, गड्ढों से भरीं सड़कें, टूटे नाले, जल निकासी समेत अन्य समस्याएं दिखाई दीं। लोग समस्याओं से जूझते मिले। कई जगह पानी भरा मिला, जिससे निकलने में लोगों को परेशानी हो रही थी। गड्ढों में भरा पानी और रास्तों पर कीचड़ से लोग परेशान मिले। सफाई व्यवस्था में फिर भी ठीक थी। इसके साथ ही डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन भी वार्ड में चलता पाया गया।

दो साल से स्वीकृत मार्ग नहीं बना

हार्टमैन कालेज से गुप्ता नर्सरी की ओर राधा कुंज तक मार्ग काफी खराब व कच्चा है। इस पर कूड़ा-कचरा और जानवरों के अवशेष फेंके जा रहे हैं। बड़ा बाग मंदिर आने के लिए यह कई मुहल्लों का प्रमुख मार्ग है। नगर निगम ने सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2019 में 12 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया। कार्य स्वीकृत भी हो गया, लेकिन आज तक इस मार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है।

स्वीकृत मार्ग को कर दिया गया निरस्त 

वार्ड में ग्रेटर आकाश कालोनी के मुख्य मार्ग से सरकारी ट्यूबवेल तक का मार्ग आज भी बदहाल है। यह कच्चा होने के कारण मिट्टी और कीचड़ बनी हुई है। पानी भरने से वहां मच्छर पनप रहे हैंं। इतना ही नहीं इसका पानी आसपास के घरों की नींव में जा रहा है। इस सड़क के निर्माण के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा था। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद जुलाई में निरस्त कर दिया गया।

बदहाल पड़ा पार्क, रकम होने पर कार्य नहीं 

रामलीला मैदान आसपास के इलाके में काफी बड़ा पार्क है। अमृत योजना के तहत इस पार्क के सुंदरीकरण के लिए वर्ष 2019 में 1.29 करोड़ रुपये मंजूर भी हो चुके हैं। इस पार्क में ठेकेदार ने पाथ-वे का अधूरा निर्माण भी किया हुआ है, लेकिन लंबे समय से कार्य बंद है, जिस कारण यहां के लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

नालों की कमी व टूटे नाले बना रहे जलभराव 

रानी लक्ष्मीबाई स्कूल से हार्टमैन पुलिया तक नया नाला बनाए जाने की जरूरत है। वहां पुराना नाला टूट चुका है। इसके निर्माण के लिए एक साल पहले 88 लाख रुपये की फाइल तैयार की गई थी, लेकिन नाला नहीं बनाया गया। बसंत विहार चौराहा से हार्टमैन पुलिया तक भी करीब 1.17 करोड़ रुपये की फाइल एक साल पहले बनी, लेकिन नाला नहीं बना।

सरकारी जमीन पर निकाल रहे रास्ता 

रामलीला गौटिया के पीछे सरकारी जमीन पड़ी है। वहां कुछ बिल्डर आवासों का निर्माण करा रहे हैं। इसके लिए सरकारी जमीन पर रास्ता बनाने की तैयारी कर ली गई है। स्थानीय पार्षद व वहां रहने वाले लोगों के विरोध के बावजूद जबरन रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

वार्ड एक नजर

वार्ड संख्या - 46

वार्ड नाम - गांधीपुरम

मुहल्ले - 32

वोटर - करीब 14 हजार

आबादी - करीब 50 हजार

सफाई कर्मचारी - प्राइवेट 28

- रामलीला मैदान पर अधूरा काम छोड़ दिया गया है। इससे लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।-राम कुमार कोली

- रास्ता टूटा हुआ है। बारिश में भीषण जलभराव हो जाता है। लोगों का निकलना मुश्किल होता है। दौलत राम गंगावर

- खाली प्लाटों में पानी भर जाता है। करीब चार फीट गहरा पानी भरने से हादसे का डर रहता है। सत्यवीर

- इतना अधिक जलभराव है कि उसमें आए दिन लोग गिर रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं होती है। आशा

- दूसरे मुहल्ले से कचरा बहकर आता है। पानी में गोबर व अन्य गंदगी आकर जमा हो रही है। रूपा देवी

- घरों में पानी बैक मारता है। बारिश में घुटने तक पानी भर जाता है। बदबू व मच्छर बहुत हैं। पूजा सक्सेना

- रास्ता काफी खराब है। हर वक्त कीचड़ व पानी भरा रहता है। दूसरे रास्ते से निकलते हैं। राकेश शर्मा

- घर के आगे ही कच्चा रास्ता होने से गंदगी रहती है, जिसे खुद साफ करवाते हैं। सीलन आ रही है। लक्ष्मी गंगवार

- सरकारी जमीन पर रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पेड़ भी काटे गए हैं। पूनम वाजपेयी

- बिल्डर जबरन सरकारी भूमि पर रास्ता बना रहा है। इसका विरोध करने पर काफी हंगामा हुआ। नरेंद्र पाठक

वार्ड के एक हिस्से में जलभराव की सबसे बड़ी समस्या है। इसके साथ ही कई सड़कों के निर्माण के लिए एस्टीमेट बनवाए, लेकिन उनका निर्माण नहीं किया जा रहा है। स्वीकृत काम भी नहीं हो पा रहे हैं। पार्क के सुंदरीकरण का काम भी रोका गया है। पूनम गंगवार, पार्षद

वार्ड में जलभराव की जानकारी नहीं है। निगम की टीम से वहां सर्वे कराया जाएगा। इससे पहले वहां एंटी लार्वा का छिड़काव व फागिंग करा देंगे। जलभराव की समस्या का कारण पता लगाकर उसे दूर करने का प्रयास होगा। डा. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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