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Mehta Surgical Case News : मेहता सर्जिकल साल भर से बेच रहा था एक्सपायर पीपीई किट, जानिये ड्रग विभाग क्यों रहा खामोश

ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में पीपीई किट नहीं आती, इसलिए ड्रग विभाग लाइसेंस नहीं देता।

Mehta Surgical Case News मेहता सर्जिकल घटिया गुणवत्ता की पीपीई किट को बाजार में सालभर से खपाते रहे। लेकिन ड्रग विभाग ने कभी सुध नहीं ली।पीपीई किट में खेल पर ड्रग विभाग ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट में पीपीई किट नहीं आने की नियमावली की आड़ ले रहा है।

Samanvay PandeyTue, 18 May 2021 11:01 AM (IST)

बरेली, जेएनएन।Mehta Surgical Case News : मेहता सर्जिकल घटिया गुणवत्ता की पीपीई किट को बाजार में सालभर से खपाते रहे। लेकिन ड्रग विभाग ने कभी सुध नहीं ली। छापमारी भी एसडीएम सदर के दबाव के बाद हुई। कोविड संक्रमण से डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ को बचाने के लिए ढाल बनी पीपीई किट में खेल पर ड्रग विभाग ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट में पीपीई किट नहीं आने की नियमावली की आड़ ले रहा है। इस तरह से लाइसेंस की बाध्यता से पीपीई किट विक्रेता बाहर हो जाते हैं।

सीधे शब्दों में उन्हें संवेदनशील उत्पाद को बेचने के लिए किसी अनुमति की जरूरत नहीं होती। इसका नतीजा ये है कि बरेली में 20 से 25 जगह पर मेहता सर्जिकल की तरह ही पीपीई बन रही है, उन्हें पैक किया जा रहा है। लेकिन ड्रग विभाग के रिकार्ड में एक भी प्रतिष्ठान नहीं है। न ही कोई जांच हो रही है। मीडिया में मामला उछलने के बाद अब मेहता सर्जिकल से पीपीई किट किन केमिस्ट स्टोर और अस्पताल तक पहुंची, इसकी जानकारी ड्रग विभाग जुटा रहा है।

पुलिस को अब तक नहीं मिला लाइसेंस : दूसरी तरफ प्रेमनगर थाने के विवेचक मनोज वर्मा ने ड्रग विभाग से मेहता सर्जिकल प्रतिष्ठान का लाइसेंस मांगा है। ताकि लाइसेंस लेने का वाले यानी अजय मेहता की पत्नी का नाम विवेचना में खोला जा सके। सोमवार देर शाम तक लाइसेंस के दस्तावेज थाने नहीं पहुंचे थे। असफलता ये भी है कि मेहता सर्जिकल के मालिक और साझेदार अब इतने शातिर हो गए हैं कि दबिशों से बचते जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक रिश्तेदार और दोस्तों के घरों पर दबिशें देकर आरोपितों को जल्द पकड़ा जाएगा।

अजय मेहता को दस दिन की और मोहलत : मेहता सर्जिकल को सर्जिकल आइटम की खरीदफरोख्त के दस्तावेज देने के लिए ड्रग विभाग से मिली मोहलत सोमवार को खत्म हो रही थी। अजय मेहता के वकील ने ड्रग विभाग से दस दिन का समय और मांगा है। ताकि वह दस्तावेज प्रस्तुत कर सके। ड्रग आयुक्त संजय कुमार के मुताबिक नियमानुसार अजय मेहता को समय दिया गया है।ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा ने बताया कि ड्रग विभाग ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट पर चलता है। एक्ट में पीपीई किट नहीं आने से हम इसका लाइसेंस और अनुमति नहीं जारी करते हैं। 

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