जिस मेडिकल कालेज में फर्श पर मरीजों का हो रहा था इलाज, जानिये मंत्री को निरीक्षण में वहां क्यों नहीं मिली कमी

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण।

शाहजहांपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को व्यवस्थाएं बदली सी नजर आ रही थी। यहां न तड़पते मरीज थे न टेंट के नीचे विस्तर लगे थे।आक्सीजन के लिए इधर-उधर भागते तीमारदार भी नजर नहीं आ रहे थे। क्योंकि आज यहां चिकित्सा एवं शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का निरीक्षण था।

Samanvay PandeyMon, 10 May 2021 11:17 AM (IST)

बरेली, जेएनएन। शाहजहांपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को व्यवस्थाएं बदली सी नजर आ रही थी। यहां न तड़पते मरीज थे न टेंट के नीचे विस्तर लगे थे।आक्सीजन के लिए इधर-उधर भागते तीमारदार भी नजर नहीं आ रहे थे। क्योंकि आज यहां चिकित्सा एवं शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का निरीक्षण था। जब वह पहुंचे तो उन्हें भी सब चाक चौबंद व्यवस्थाएं मिली। यह देख मंत्री के मुंह से भी सब कुछ ओके होने की बात निकली। ऐसा होता भी क्यों न दरअसल अस्पताल प्रशासन को मंत्री के निरीक्षण के बारे में पहले ही जानकारी मिल गई थी। नतीजतन रातों रात यहां व्यवस्थाएं दुरस्त करा दी गई।

कोरोना संक्रमण व बुखार के बढ़ते प्रकोप की वजह से राजकीय मेडिकल कॉलेज में बीते कई दिनों से मरीजों की भीड़ उमड़ रही थी। आक्सीजन से लेकर बेड तक के लिए यहां सिफारिश करानी पड़ रही थी। जो ऐसा कराने में सक्षम नहीं थे उनके मरीजों को फर्श पर ही लिटाकर न सिर्फ आक्सीजन दी जा रही थी बल्कि अन्य उपचार भी जैसे-तैसे मिल पा रहा था। लगातार हो रही इस किरकरी के लिए अस्पताल प्रशासन ने जैसे-तैसे ट्रामा सेंटर के आगे और पीछे पंडाल लगवाया।

टेंट वाली मेज डलवाकर कुछ मरीजों को राहत देने का काम किया था। लेकिन यह व्यवस्थाएं मरीजों की भीड़ के हिसाब से पर्याप्त नहीं थी। रविवार को चिकित्सा एवं शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना राजकीय मेडिकल कॉलेज में डीएम इंद्र विक्रम सिंह व एसपी एस आनंद के साथ निरीक्षण करने पहुंच गए। मंत्री व डीएम-एसपी पीपीई किट पहनकर सबसे पहले कोविड अस्पताल पहुंचे। करीब एक घंटे के निरीक्षण के बाद जब मंत्री बाहर निकलकर आए तो उन्होंने सभी व्यवस्थाएं ठीक मिलने की बात कही। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. अभय सिन्हा, सीएमएस डॉ. एयूपी सिन्हा, डॉ. एमपी गंगवार आदि मौजूद रहे।

ट्रामा सेंटर में भी नजर नहीं आए मरीज

शनिवार तक जहां ट्रामा सेंटर में मरीजों को बैठाने तक की व्यवस्था ठीक से नहीं हो पाती थी। लेकिन रविवार को ट्रामा सेंटर में महज तीन से चार मरीज ही उपचार कराते मिले। इसके अलावा ट्रामा सेंटर की गैलरी व फर्श पर भी एक भी मरीज नहीं नजर आए।निरीक्षण करने के बाद जब मंत्री वापस जाने के लिए गाड़ी के पास पहुंचे तो तमाम मरीजों के तीमारदार अचानक उनके पास पहुंच गए। भाजपा के कई नेता भी मरीजों को बेहतर उपचार दिलाने के लिए सिफारिश कराने लगे। जिस पर मंत्री ने प्राचार्य को समस्याओं का निस्तारण कराने के निर्देश दिए।राजकीय मेडिकल कॉलेज पीआरओ डॉ. पूजा त्रिपाठी पांडेय ने बताया कि दो-तीन दिन किट खत्म होने की वजह से कोरोना की जांच मरीजों की नहीं हो पा रही थी। इस कारण भीड़ अधिक हो रही थी। इसके अलावा दूसरे जिलों से भी मरीज आना अब कम हुए है। नतीजतन मरीज रविवार को कम नजर आए।

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