Mask Protection News : मास्क ने घटाया टीबी एंड चेस्ट विभाग का लोड, चिकित्सक बोले- कम हुए अस्थमा और टीवी के मरीज

Mask Protection News जिले में पिछले कुछ दिनों में अस्थमा के मरीज घटे हैं। यही नहीं टीबी और खांसी का असर बढ़ने के मामलों में भी तेजी से कमी आई है। जिला अस्पताल की बात करें तो कोविड काल से पहले आने संख्या 300 के करीब थी।

Ravi MishraTue, 27 Jul 2021 10:00 AM (IST)
Mask Protection News : मास्क ने कोरोना ही नहीं अस्थमा, बुखार और खांसी से भी बचाया

बरेली, जेएनएन। Mask Protection News : बरेली में पिछले कुछ दिनों में अस्थमा के मरीज घटे हैं। यही नहीं, टीबी और खांसी का असर बढ़ने के मामलों में भी तेजी से कमी आई है। जिला अस्पताल की बात करें तो कोविड काल से पहले तक जहां वाह्यरोगी विभाग (ओपीडी) में रोजाना इन बीमारियों को लेकर पहुंचने वाले लोगों की संख्या 300 के करीब थी। वहीं, पिछले कुछ दिनों में ओपीडी खुलने के बाद अब अस्थमा, टीबी और खांसी के मरीजों की ओपीडी करीब एक तिहाई यानी 100 के करीब रह गई है। किसी-किसी दिन तो अब इनकी संख्या 50 से भी कम हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कोविड काल से अब तक लगातार मास्क लगाने की वजह से शुरूआती समस्या के ऐसे कई केस तेजी से कम हुए हैं।

मास्क लगाने से नाक और मुंह के जरिए कम दाखिल हुआ प्रदूषण 

फिजीशियन डा.राहुल वाजपेयी बताते हैं कि पिछले करीब एक साल से अधिकांश लोग मास्क लगा रहे हैं। वहीं, लंबे समय से शहरों में ट्रैफिक भी पहले की तुलना में काफी कम है। इससे धूल व वायु प्रदूषण के अधिकतर कण मास्क होने की वजह से मुंह या नाक के रास्ते शरीर में दाखिल नहीं हो रहे हैं। इससे शुरुआती अस्थमा के मरीजों को काफी आराम मिलता है। वरिष्ठ फिजीशियन बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों की ओपीडी के दौरान रेगुलर मरीजों में से कई के फेफड़े पहले से ज्यादा मजबूत मिले। पूछने पर पता चला कि दवाई के अलावा लगातार मास्क पहनने से उन्हें राहत मिली है।

बुखार और जुकाम के मरीज भी हुए कम 

लगातार मास्क पहनने से कोरोना संक्रमण से बचाव तो हुआ ही, बुखार और जुकाम के मरीज भी कम हुए। दरअसल बुखार या जुकाम जैसे मर्ज छींक या खांसी के बाद वायरस और बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करने की वजह से फैलते हैं। ऐसे में मुंह और नाक पर मास्क होने से इन मर्ज का खतरा भी काफी कम हो गया। यही नहीं, कोरोना कर्फ्यू खुलने के बावजूद शनिवार और रविवार को पाबंदी है। ऐसे में अवकाश के दिनों में बंदी के चलते पिछले कुछ समय में बाहरी खानपान में भी काफी कमी आई है। इससे भी बीमारी पर रोकथाम लगी है।

मास्क पहनने के दौरान ये सावधानी जरूरी 

मास्क कोविड संक्रमण समेत कुछ अन्य बीमारियों से भी बचाव में सहायक रहा है। हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि मास्क पहनने में लापरवाही फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती है। सबसे ज्यादा जरूरी है कि मास्क ठीक तरह से पहना जाए। ऐसा न होने पर बाहर से आने वाली धूल या अन्य गैस चेहरे और नाक के पास जमा हो जाती हैं। सांस लेने के साथ ही ये सीधे शरीर के अंदर प्रवेश करती हैं। जो बिना मास्क के शरीर में दाखिल होने से ज्यादा खतरनाक होती है। इसी तरह डिब्बी वाले मास्क में भी धूल के कण ज्यादा खतरनाक होते हैं। इसके अलावा कपड़े से बने मास्क रोज बदलकर या धोकर पहनें। सर्जिकल मास्क का उपयोग आठ घंटे से ज्यादा न करें।

पिछले कुछ समय में जिला अस्पताल की ओपीडी में अस्थमा, खांसी के केस कम हुए हैं। घर से बाहर निकलने पर लगातार मास्क पहनना इसकी बड़ी वजह है।- डा.सुबोध शर्मा, मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल

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