Lockdown Extension News : 24 मई तक बढ़ा लाॅॅकडाउन, बरेली के काराेबारी बाेले- नुकसान सह लेंगे, लेकिन दुकान नहीं खाेलेंगे

Lockdown Extension News लॉकडाउन या कहे एहतियात और सब्र के दिन एक बार फिर बढ़े हैं। अब 24 मई तक बाजार प्रभावित होगा। संयमित होकर लोगों को भी घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है।

Ravi MishraMon, 17 May 2021 05:10 PM (IST)
Lockdown Extension News : 24 मई तक बढ़ा लाॅॅकडाउन

बरेली, जेएनएन। Lockdown Extension News : लॉकडाउन या कहे, एहतियात और सब्र के दिन एक बार फिर बढ़े हैं। अब 24 मई तक बाजार प्रभावित होगा। संयमित होकर लोगों को भी घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है। इन सबके बीच डीएम नितीश कुमार ने लॉकडाउन के दौरान कृषि उपकरण और कीटनाशकों की दुकानों को भी खोलने के निर्देश जारी कर दिए है। यह दीगर है कि सब्जी की उपज लेने वाले किसानों को मंडी से सही दाम नहीं मिल पाने की वजह से छूट के बावजूद नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मेहनत की पैदावार का पूरा फायदा किसानों तक नहीं पहुंच रहा। भले ही आम आदमी को महंगी सब्जी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हो। फुटकर दुकानदार दस गुना का मुनाफा उठाकर आपके दरवाजे तक सब्जी पहुंचा रहे है। लॉकडाउन के बावजूद आवक पूरी होने से थोक मंडी मेें सब्जी के भाव में उछाल नहीं है।

बरेली के अांवला, मीरगंज, नवाबगंज, बिथरीचैनपुर, हाफिजगंज में सब्जियों की अच्छी पैदावार होती है। अधिकांश सब्जी थोक मंडी तक पहुंचती है। लॉकडाउन में ट्रांसपोर्ट खुला हुआ है। रेस्टोरेंट और होटल भी बंद होने से किसान उन्हें आपूर्ति नहीं दे सकते। बरेली से दिल्ली, एनसीआर तक किसान सब्जी की आपूर्ति दे रहे थे।

सब्जियों के थोक और फुटकर भाव में बड़ा अंतर

सब्जी थोक फुटकर

आलू 9-11 20

टमाटर 3-5 20

शिमला मिर्च 5-6 60

भिंडी 20-22 50

लौकी 2-5 20

ब्रूकली 10-15 40

प्याज 11-15 40-50

तुरई 15-20 25-30

खीरा 5-6 10-20

गोभी 8-10 15-20

नीबू 60-65 100-120

(सब्जियों के भाव किलो में दिए गए हैं।)

सुबह 11 बजे मंडी हो रही बंद

लॉकडाउन लगने के बाद थोक मंडी में सब्जी की लोडिंग-अनलोडिंग शाम छह बजे से 12 बजे के लिए निर्धारित किया गया है। सुबह छह बजे से मंडी में कामकाज शुरू होने के बाद 11 बजे दोबारा बंद कर दी जाती है। कोविड के डर से आम लोग भी यहां अब कम सब्जी लेने पहुंच रहे है।

किसान बोले : हमें तो भाव ही नहीं मिल रहा

डीजल के रेट बढ़ने से पैदावार की लागत ज्यादा आ रही है। लेकिन मंडी में उनका भाव नहीं मिल रहा। बचत नहीं हो रही।नुकसान पर बेच रहे।- ज्ञान प्रकाश, किसान

नुकसान में सब्जी दे रहे है। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट भी बंद है। किसान को कभी पूरा भाव नहीं मिलता। - अनिल गंगवार, किसान

थोक विक्रेता बोले - हम तो सस्ती ही बेच रहे

सब्जी के भाव बहुत सस्ते चल रहे है। आवक पूरी है। खपत थोड़ी कम हुई है। लेकिन थोक मंडी में भाव बिल्कुल नहीं बढ़ है। - सुभान, सब्जी के थोक विक्रेता

आवक अच्छी होने से सब्जी इस वक्त बहुत सस्ती है। लोगों को किस भाव मिल रही है। ये फुटकर वाले जाने, हम सस्ती ही बेच रहे हैं। - सुजाउर रहमान, सब्जी के थोक विक्रेता

कंप्यूटर बाजार : दिल्ली, लखनऊ से माल नहीं आता, सेकेंड हैंड एसेसरीज की मांग बढ़ी

वर्क फ्राॅम होम हो या बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई। लोगों को कंप्यूटर एसेसरीज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बड़ी आपूर्ति दिल्ली और लखनऊ से आती है। बटलर के दुकानदारों के पास कस्टमर बेस डिमांड भी है। दुकान में माल भी है। लेकिन आपूर्ति नहीं दे सकते है। क्योंकि इस वक्त सेकेंड हैंड लैपटॉप और टैब की मांग भी अधिक है। 20 मई से ऑनलाइन क्लासेज का अनुमोदन भी सरकार ने दिया है। बरेली कंप्यूटर डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामकृष्ण कहते हैं कि किराना वालों की तरह कंप्यूटर थोक और फुटकर दुकानदारों को भी एक से दो घंटे का समय आपूर्ति का दिया जाना चाहिए।

कपड़ा व्यापार: नुकसान सह लेंगे, लेकिन दुकान नहीं खाेलेंगे

सहालग और ईद बीत गई। बरेली की अर्थव्यवस्था में बड़ा हिस्सा कपड़ा व्यापार का है। अप्रैल से ही प्रभावित चले कपड़े के व्यापार में एक हजार करोड़ का नुकसान होने का आकलन है। बरेली में सूरत, कोलकाता, लुधियाना, दिल्ली, कोयंबटूर से कपड़ा और रेडीमेंट गारमेंट आता है। कपड़ा कारोबारी नरेंद्र गुप्ता कहते हैं कि बरेली में करीब 500 थोक और 1000 फुटकर कारोबारी है। बरेली के बाजार में कुमायूं, अल्मोड़ा, रानीखेत और पिथौरागढ़ तक से ग्राहक आते हैं। वह कहते है कि इस वक्त व्यापारी समझदार है, वह जान है तो जहान है, समझते हुए दुकानों को बंद रखे हुए हैं।

उद्यम : 40 फीसद उद्यमियों ने यूनिट बंद की

सरकार ने कहा कि उद्यम एहतियात के साथ चलते रहेंगे। बरेली के तीन औद्योगिक क्षेत्रों में फूड, केमिकल, प्लाईवुड की तकरीबन एक हजार इकाइयां है। स्कूल, ऑफिस और बाजार बंद होने से फूड इंडस्ट्री के ज्यादातर उद्यमियों ने कारोबार को बंद किया है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक तक जाने वाली बरेली की प्लाई के आर्डर भी फिलहाल रुके हुए हैं। एआइआइ के अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल कहते हैं कि छूट के बावजूद इस वक्त लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। क्रेडिट की वजह से कई फूड, प्लाईवुड, केमिकल समेत 40 फीसद इंडस्ट्री बंद चल रही है।

खाद्य : कुछ देर खुलने वाली थोक दुकानों से कमी हो रही पूरी

आटा, दाल, चावल और तेल समेत पैक्ड फूड आपूर्ति का बड़ा हिस्सा वाया दिल्ली बरेली तक पहुंचता है। लॉकडाउन की वजह से आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद स्थानीय थोक कारोबारियों ने बाजार की जरूरतों को संभाला हुआ है। सुबह छह बजे से 11 बजे के बीच एहतियात के साथ खुलने वाले थोक बाजार ने फुटकर दुकानों तक लोगों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनाया हुआ है। 

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