Leopared Attack News : शाहजहांपुर में मालिक की जान बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ा कुत्ता, जानिए आगे क्या हुआ

Leopared Attack News खेत पर गए ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। पालतू कुत्ते ने तेंदुए के सामने आकर अपने मालिक की जान बचाई। ग्रामीण के भागने के बाद तेंदुए ने कुत्ते को अपना निवाला बना लिया।

Ravi MishraTue, 27 Jul 2021 08:21 AM (IST)
शाहजहांपुर में मालिक की जान बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ा कुत्ता, जानिए फिर क्या हुआ

बरेली, जेएनएन। Leopared Attack in Shahjahanpur : खेत पर गए ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। पालतू कुत्ते ने तेंदुए के सामने आकर अपने मालिक की जान बचाई। ग्रामीण के भागने के बाद तेंदुए ने कुत्ते को अपना निवाला बना लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर काबिंग कर पिंजरा व इंफ्रारेड कैमरे लगाकर उसकी तलाश शुरू कर दी।

क्षेत्र के शाहजहांपुर पलिया मार्ग स्थित नत्थापुर जंगल से सटे दिउरिया गांव के पास अक्सर तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। रविवार शाम को गांव के ही अखिलेश कुमार अपने पालतू कुत्ते को लेकर खेत पर धान की पौध देखने के लिए गए थे। जहां झाड़ियों में छिपा तेंदुआ उनके सामने आ गया। जैसे ही अखिलेश पर वह हमलावर हुआ तो उनका कुत्ता सामने आ गया।

जिस वजह से वह मौका पाकर अपनी जान बचाते हुए वहां से भागने में कामयाब हो गए। शोर मचाने पर खेतों में काम कर रहे तमाम ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर माैके प र पहुंच गए। इस बीच तेंदुआ कुत्ते को अपना निवाला बनाकर वहां से चला गया। कुत्ते की वजह से अखिलेश की जान बच सकी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर खेतों में काबिंग शुरू कर दी।

खेत में तेंदुए के पगमार्क मिले है। टीम लगातार क्षेत्र में काबिंग कर रही है। ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वह अकेले खेत पर न जाए।आदर्श कुमार, डीएफओ 

यहां भी दहशत में ग्रामीण नहीं ट्र्रेस हाे पा रही लाेकेशन 

शाहजहांपुर-पलिया हाईवे स्थित गुटैया फार्म के पास तेंदुआ की दहशत बनी हुई है। ग्रामीण दूसरे दिन भी खेतों पर काम करने नहीं गए। वन विभाग की ओर से लगाए गए इंफ्रारेड कैमरों में लोकेशन ट्रेस नहीं हुई। पिंजरा भी खाली रहा। नत्थापुर जंगल से सटे गुटैया फार्म के पास रविवार सुबह तेंदुआ ने किसान अखिलेश पर हमला किया था, लेकिन उनके पालतू श्वान आगे आ गया था। जिस पर तेंदुए ने हमला कर उसकी जान ले ली और शव लेकर जंगल की ओर भाग गया था।

ग्रामीणों ने बाघ देखे जाने की सूचना दी, जिस पर इसके बाद वन विभाग की टीम वहां पहुंची। कांबिंग के बाद चार इंफ्रारेड कैमरे लगवा दिए थे। अखिलेश व अन्य ग्रामीण बाघ होने की बात कह रहे थे, लेकिन पगमार्क के आधार पर टीम ने तेंदुए की पुष्टि की। घटनास्थल से कुछ दूरी पर पिंजरा भी लगवा दिया गया, पर चौबीस घंटे बाद भी न तो तेंदुआ पिंजरे में आया और न ही कैमरों में उसकी लोकेशन ट्रेस हुई।

सोमवार को दिन भर आसपास के ग्रामीण तेंदुए की दहशत में रहे। वन विभाग की टीम ने कांबिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। टीम को जंगल में पांच सौ मीटर तक पगचिह्न मिले। कैमरे चेक किए उनमें भी तेंदुआ ट्रेस नहीं हुआ था। वन रेंजर देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कांबिंग जारी है। लोगों को घरो में रहने की हिदायत दी गई है। करीब एक सप्ताह पहले नत्थापुर निवासी पपिंदर सिंह व इसी गांव के शमशेर सिंह ने बाघ देखे जाने की सूचना दी थी। हालांकि उसे ट्रेस नहीं किया जा सका था।

तेंदुआ दो सप्ताह से जंगल के आसपास खेतों में घूम रहा है। उसने कई पशुओं पर हमला किया है। वन विभाग को जल्द उसे पकड़ना चाहिए। निर्मल सिंह

वन विभाग की टीम को कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। तेंदुआ न पकड़े जाने से गांव के लोग सहमे हुए हैं। दलप्रीत सिंह, प्रधान

ग्रामीणों ने बाघ की सूचना दी थी, लेकिन पगमार्क तेंदुए के लग रहे हैं। चार कैमरे लगवाए थे, दो और बढ़ाए जाएंगे। हमारी टीम लगातार कांबिंग कर रही है। आदर्श कुमार, डीएफओ

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