बरेली मेें जानिए पोस्टमार्टम हाउस के हालात, रात में रहता है चौकीदार के हवाले, तय नहीं हाेता ड्यूटी चार्ट

Bareilly Postmortem House सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम के निर्देश भले ही केंद्र सरकार से होते हुए शासन के जरिए जिलों में पहुंच गए हों लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में फिलहाल नियमों के मुताबिक पोस्टमार्टम करने की कोई व्यवस्था नहीं है।

Ravi MishraThu, 25 Nov 2021 06:57 AM (IST)
बरेली मेें जानिए पोस्टमार्टम हाउस के हालात, रात में चौकीदार के हवाले रहता है पोस्टमार्टम हाउस

बरेली, जेएनएन। Bareilly Postmortem House : सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम के निर्देश भले ही केंद्र सरकार से होते हुए शासन के जरिए जिलों में पहुंच गए हों, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में फिलहाल नियमों के मुताबिक पोस्टमार्टम करने की कोई व्यवस्था नहीं है। शासन के निर्देश के बाद बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस की हकीकत की पड़ताल की गई तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम की व्यवस्था के निर्देश के बाद भी अब तक ड्यूटी चार्ट तक तय नहीं है। पुरानी पद्धति के हिसाब से अब भी महज दो डाक्टरों की ड्यूटी तय है। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक नाइट शिफ्ट ही तय नहीं, ऐसे में रात के समय पोस्टमार्टम हाउस केवल चौकीदार के हवाले होता है।

शासन के नए निर्देश के मुताबिक, सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउसों पर प्रकाश की व्यवस्था, रात के समय स्टाफ समेत तमाम बुनियादी जरूरतें हर हाल में पूरी कर ली जाएं। हकीकत पता करने पर सामने आया कि पोस्टमार्टम हाउस पर दो फार्मासिस्टों की तैनाती हैं। दोनों रोटेशन वार ड्यूटी करते हैं। दोनों के अतिरिक्त नियमित रूप से दिन में एक डाक्टर की ड्यूटी है। इसके अलावा डाक्टरों के सहयोग के लिए एक तीन स्वीपर, दो वार्ड ब्वाय हैं। इनमे दो वार्ड ब्वाय और दो स्वीपर तो संविदा पर कार्यरत हैं। रात में पोस्टमार्टम के लिए प्रकाश की व्यवस्था तो दूर स्टाफ तक की व्यवस्था नहीं है। यह तब है जब रात में आकस्मिक स्थिति में जिलाधिकारी के आदेश में स्पष्ट लिखा होता है कि प्रकाश की समुचित व्यवस्था हो।

आठ फ्रीजर, 12 की दरकार 

पोस्टमार्टम हाउस में आठ फ्रीजर हैं। इसमे भी कोई न कोई फ्रीजर तकनीकी दिक्कत के चलते खराब हो जाता है। सुधार में वक्त लगता है। फ्रीजर अलग-अलग कमरों में रखे हैं। पोस्टमार्टम हाउस से जुड़े लोगों के मुताबिक, यहां कम से कम 12 फ्रीजर की दरकार है। साथ ही ऐसी व्यवस्था हो कि सभी फ्रीजर एक कमरे में रखे जाए। बेहतर प्रकाश व्यवस्था के साथ जेनरेटर भी ओवरहालिंग मांग रहा है।

पानी और बैठने की नहीं है कोई व्यवस्था 

पोस्टमार्टम हाउस पर दूर-दराज से लोग आते हैं। बावजूद यहां न तो बैठने की कोई व्यवस्था है और न ही पानी की। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सड़क किनारे खड़े होकर लोगों को इंतजार करना पड़ता है। साथ ही पानी की जरूरत पड़ने पर खरीदकर लाना पड़ता है।

संविदाकर्मियों के सहारे, फिर भी काट दे रहे वेतन 

पोस्टमार्टम हाउस में तैनात चार कर्मी संविदा पर हैं। जानकारी के मुताबिक, इन चारों संविदाकर्मियों के वेतन में से हर माह एक हजार रुपये की धनराशि काट ली जाती है। यह राशि किस मद में कटती है ,आज तक जानकारी नहीं दी गई। यहीं नहीं बीते तीन माह से कर्मियों को वेतन तक नहीं मिला है।

डीएम के आदेश पर 17 नंवबर को रात में हुआ था पोस्टमार्टम 

17 नवबंर को डीएम के आदेश पर रात में पोस्टमार्टम हुआ था। मृतक बदायूं के बिल्सी स्थित जिनौरा गांव का रहने वाला था। सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। बारादरी पुलिस ने मृतक का पंचनामा भरने की कार्रवाई की थी। हर दिन करीब पांच शरीरों का पोस्टमार्टम किया जाता है।

डाक्टर के लिए अलग ठहरने की हो व्यवस्था 

व्यवस्था से जुड़े जानकारी के मुताबिक, रात में पोस्टमार्टम की दशा में ड्यूटी पर रहने वाले डाक्टर के ठहरने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए। जिला अस्पताल परिसर इसके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

शासन की ओर से हाल में पत्र जारी हुआ है। जल्द ही पोस्टमार्टम हाउस में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। डाक्टरों की भी तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगेंगी। वहीं अन्य जरूरी साधन-संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। - डा.बलवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बरेली

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