बरेली में इसलिए बैंक नहीं दे रहे हैं स्वरोजगार योजना के आवेदकों को लोन, जानिए क्या है वजह

बाकी 477 बेरोजगार लोग अभी भी बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।

एक जिला एक उत्पाद योजना की शुरुआत हुई तो हजारों बेरोजगारों ने स्वरोजगार अपनाने के सपने देखने शुरू कर दिए। योजना के लिए तीन साल में 573 लोगों ने आवेदन किए लेकिन स्वरोजगार की दिशा में मात्र 96 लोगों के ही कदम आगे बढ़ सके।

Publish Date:Fri, 04 Dec 2020 03:00 PM (IST) Author: Sant Shukla

 बरेली, जेएनएन।  एक जिला एक उत्पाद योजना की शुरुआत हुई तो हजारों बेरोजगारों ने स्वरोजगार अपनाने के सपने देखने शुरू कर दिए। योजना के लिए तीन साल में 573 लोगों ने आवेदन किए, लेकिन स्वरोजगार की दिशा में मात्र 96 लोगों के ही कदम आगे बढ़ सके। इनमें से 52 लोगों तक ही एक जिला एक उत्पाद के तहत लोन के लिए धनराशि पहुंच सकी है। बाकी 477 बेरोजगार लोग अभी भी बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। जिससे उनकी फाइल आगे बढ़े और लोन स्वीकृत हो सके।

बैंकों पर कई योजनाओं का लोन पास करने का बोझ

जिले की बैंकों के पास एक जिला एक उत्पाद योजना ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुद्रा लोन, श्रम सम्मान योजना जैसी योजनाओं के लिए भी ऋण स्वीकृत करने का बोझ है। ऐसे में ओडीओपी जैसी बड़ी योजना के लोन में उन्हीं के आवेदन स्वीकृत किए गए हैं जिनके आवेदनों की जांच पूरी हो चुकी है। जांच पूरी होने पर जो लोग अब तक सभी अर्हता पूरी करते पाए गए। उन्हीं के लोन स्वीकृत किए गए हैं। 

स्वरोजगार अनुदान में 25 से 35 फीसद तक सब्सिडी 

एक जनपद एक उत्पाद योजना के अंतर्गत औद्योगिक और निर्माण कार्य के लिए 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण दिए जा रहे हैं। उपायुक्त उद्योग ऋषि रंजन गोयल ने बताया कि योजना में सामान्य वर्ग के लाभार्थी को 25 और आरक्षित वर्ग को 35 फीसद तक लोन में सब्सिडी दी जाएगी। वहीं, बतौर निजी अंशदान सामान्य वर्ग को 10 व आरक्षित वर्ग को पांच प्रतिशत खर्च उठाना होगा। साथ ही स्थापित इकाइयों को अधिकतम 13 फीसद ब्याज की भरपाई भी तीन वर्ष तक होगी। वहीं, योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग लगाया जा सकेगा। ओडीओपी योजना के आवेदकों को वरीयता दी जाएगी। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे। 

अधिकारियों का क्या है कहना  

   जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त ऋषि रंजन गोयल का कहना है कि सभी योजनाओं में आने वाले आवेदनों की फाइल बैंक भेजी जा रही हैं। लेकिन बैंक से ओडीओपी योजना में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इसके चलते आवेदकों और विभाग को परेशानी आ रही है। अब तक ओडीओपी योजना से कुल 573 फाइलों में 96 का ही लोन स्वीकृत किया जा सका है। 

 

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