शौहर ने तीन तलाक बोला, निदा ने दी माफी

जागरण संवाददाता, बरेली : हजियापुर की निदा ने तीन तलाक देने की शौहर की खता (गलती) माफ कर दी है। वह तलाक का मुकदमा दर्ज नहीं कराएंगी। पंचायत के फैसले के बाद उन्होंने कानूनी कार्रवाई का इरादा बदल दिया। हालांकि उनके शौहर के साथ रहने पर शरई पेच फंस गया है। इसके लिए उलमा-ए-कराम से राय ली जा रही है। वहीं, उलमा का तर्क है कि अगर तलाक हो गया है, तो बीवी को किसी दूसरे शख्स से शादी करनी होगी। तब उससे तलाक लेकर वह पहले शौहर के साथ दोबारा निकाह कर सकती हैं।

मुहल्ला हजियापुर निवासी निदा को तीन दिन पहले ही उनके शौहर शहदाब ने तीन तलाक दे दिया था। निदा बारादरी थाने पहुंचीं। तीन तलाक की तहरीर दी। शनिवार को पुलिस ने उनके शौहर को थाने बुलाया। दोपहर चार बजे तक पंचायत चली। शौहर ने तलाक देने की बात कुबूल कर माफी मांगी। निदा को दोबारा साथ रखने की बात कही। रविवार को फिर दोनों पक्षों के लोग बैठे। पंचायत हुई। शौहर के गलती मानने के बाद निदा भी पसीज गई। इसके बाद उन्होंने मुकदमा दर्ज न कराने पर हामी भर दी। उनके भाई इमरान ने बताया कि समझौता हो गया है। मुकदमा दर्ज नहीं कराएंगे। समझौते में दोनों ने साथ रहने की इच्छा जाहिर की है।

तलाक के बाद पछतावा

बीवी को तलाक देने के बाद शाहदाब ने पछतावा भी किया। पुलिस को बताया कि मैं बीवी को बहुत चाहता हूं। गुस्से में गलती हुई है। भविष्य में ऐसी खता नहीं होगी। पंचायत के सामने भी उन्होंने माफी मांगी।

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तलाक के बाद जो शरई तरीका है। उसके मुताबिक बीवी को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ निकाह करना होगा। अगर दूसरे शौहर के साथ न रहना चाहें तो उनसे तलाक लेकर पहले शौहर से निकाह कर सकती हैं।

- मुफ्ती इंतेजार अहमद कादरी, अध्यक्ष राष्ट्रीय सुन्नी उलमा कौंसिल

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