अजगर की पकड़ कैसे मजबूत, देखो और समझो

अजगर की पकड़ कैसे मजबूत, देखो और समझो
Publish Date:Thu, 29 Oct 2020 03:07 AM (IST) Author: Jagran

बरेली जेएनएन: अजगर की पकड़ आखिर कैसे इतनी मजबूत होती है। चमगादड़ अपने पैरों को ही पंख कैसे बना लेता है। ये सब जानने के लिए केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं बल्कि, इन्हें देखकर समझना भी जरूरी है। इसके लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) में अजगर, चमगादड़ व एमू के कंकाल लगाए हैं। बैचलर ऑफ वेटरिनरी साइंस (बीवीएससी) के छात्र-छात्राएं इन्हें देखकर शारीरिक संचचना के बारे में जान और पढ़ सकेंगे। संस्थान के एनाटॉमी विभाग ने हड्डियों की मदद से इन तीनों का कंकाल तैयार किया है।

आइवीआरआइ में चार नवंबर 2015 में पशु शरीर संरचना विज्ञान अनुभाग की स्थापना हुई थी। बीवीएससी प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को एनॉटॉमी विषय भी पढ़ाया जाता है। जिसमें उन्हें जानवरों के शरीर की संरचना के बारे में शिक्षक बताते हैं। अभी तक यहा के संग्रहालय में बिल्ली, कुत्ता, शूकर, भेड़, भैंस, शेर, टाइगर, घोड़ा, मेंढक और गिलहरी का कंकाल सुरक्षित रखे हैं। जिनके जरिये छात्र, छात्राओं को बताया जाता है कि इनके शरीर में कौन सी हड्डी कहा होती है, इनका क्या उपयोग होता है। अब सर्जरी विभाग के हेड एवं रेफरल वेटेरिनरी पॉलीक्लीनिक के इंचार्ज डॉ. अमर पाल की निर्देशन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रूपम सिन्हा ने अजगर, एमू और चमगादड़ का कंकाल तैयार किया है।

ये है खास बातें

अजगर: इंडियन रॉक्स पायथन (अजगर) की हड्डिया आइवीआरआइ के वाइल्ड लाइफ सेक्शन को विभिन्न श्रोतों से मिलीं थीं। उसके बाद काफी दिन तक इन्हें सुरक्षित रखा गया। बीते मार्च में लॉकडाउन में अजगर के शरीर की सभी हड्डियों को कंकाल तैयार करने के लिए निकाला गया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अजगर के शरीर में 520 पसली, रीड में 260 और सिर को मिलाकर 30 हड्डी हैं। इन्हें जोड़कर कंकाल तैयार किया गया है।

चमगादड़

इंडियन फलाइंग फॉक्स प्रजाति के चमगादड़ की हड्डियों से कंकाल तैयार किया गया है। यह फरवरी में वैज्ञानिक को आइवीआरआइ परिसर में मरा हुआ मिला था।

एमू बर्ड

एमू करीब दो ऊंचाई का पक्षी है। फरवरी में सीएआरआइ परिसर में यह मरा पाया गया था। जिसके बाद पोस्टमार्टम कर एनाटॉमी विभाग के वैज्ञानिकों ने ढाई माह में इसे तैयार किया। जल्द ही हाथी और बंदर के शरीर का कंकाल भी लाने की बात चल रही है।

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एनाटॉमी विभाग में कई कंकाल हैं, अब नए तौर पर अजगर, चमगादड़ और एमू को शामिल किया गया है। इससे छात्र उनके शरीर की संरचना के बारे में अच्छे से जान सकेंगे।

डॉ. अमर पाल, विभागाध्यक्ष सर्जरी विभाग आइवीआरआइ

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