दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

Health : सावधान ! बरेली में डाॅक्टर बाेले- अगर इससे ऊपर है शुगर लेवल तो वैक्सीन लगवाने से बचें

Health : सावधान ! बरेली में डाॅक्टर बाेले- अगर इससे ऊपर है शुगर लेवल तो वैक्सीन लगवाने से बचें

Hello Doctor News कोरोना संक्रमण के दौर में स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। शुरूआती दौर में संक्रमण का इलाज कर इससे आराम से निजात मिल सकता है। दैनिक जागरण के हेलो डॉक्टर में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.रवीश अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के लक्षण कैसे पहचानें।

Ravi MishraThu, 06 May 2021 07:17 AM (IST)

बरेली, जेएनएन। Hello Doctor News : कोरोना संक्रमण के दौर में स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। शुरूआती दौर में संक्रमण का इलाज कर इससे आराम से निजात मिल सकता है। दैनिक जागरण के हेलो डॉक्टर में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.रवीश अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के लक्षण कैसे पहचानें, क्या-क्या सावधानी बरतें या क्या इलाज लें।

प्रश्न : वैक्सीन लग रही है, इसे कितने शुगर लेवल पर करा सकते हैं? - देवेंद्र, उमरसिया 

उत्तर : सरकार ने डायबिटिक लोगों को वरीयता दी है। लेकिन 250 तक शुगर लेवल है, तो वैक्सीन लगवा सकते हैं। 300 से ऊपर शुगर लेवल है तो वैक्सीन लगवाने से बचें। पहले शुगर लेवल कंट्रोल करें।

प्रश्न : कोरोना संक्रमण होने का मूल कारण क्या है? और यह लोगों को क्यों हो रहा है? - अजय सक्सेना, शास्त्री नगर

उत्तर : यह वायरस है, जो दूसरे देशों से केरल के जरिए देश में दाखिल हुआ। क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है, इसलिए तेजी से दूसरों में फैल गया। बचाव के लिए वैक्सीन लगवाएं और कोविड गाइडलाइन का पालन करें। वैक्सीन लगाने के बावजूद एहतियात जरूरी है। क्योंकि वैक्सीन से असर कम होता है, पूरी तरह बचाव नहीं है।

प्रश्न : वैक्सीन लगाने के बावजूद लोगों में संक्रमण क्यों हो रहा है? - राजेंद्र सागर, कुतुबखाना

उत्तर : वैक्सीन लगाने से वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।हालांकि इससे संक्रमण से पूरी तरह नहीं बचा जा सकता है। लेकिन ये जरूर है कि दोनों त संक्रमण का असर काफी हद तक कमजोर हो जाता है।

प्रश्न: कोरोना की दवा अब तक नहीं बन सकी है। अस्पतालों में लंबी कतार है, कैसे बचें?- विनोद राणा, गंगापुर 

उत्तर: लॉकडाउन के नियमों का पालन करें, वैक्सीनेशन कराएं। इसके अलावा कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें।

प्रश्न : क्या हर तरह की खांसी कोरोना है? - अंकित त्रिपाठी, राजेंद्र नगर

उत्तर : यदि खांसी या बुखार चार या पांच दिन से है तो कोरोना हो सकता है। इसलिए तत्काल जांच कराएं। ज्यादा परेशानी है तो सीटी स्कैन करा सकते हैं।

प्रश्न : आसपास कोविड के मरीज हैं, ये न मास्क लगाते हैं। और न ही घर में रहते हैं, क्या करें? - विजय शर्मा, सिविल लाइंस

उत्तर : कोविड कमांड कंट्रोल रूम पर इसकी शिकायत दे सकते हैं। या फिर एसडीएम या जिला सर्विलांस अधिकारी को फोन करें, ताकि ऐसे अराजक लोगों को नियंत्रित किया जा सके।

प्रश्न : चार-पांच दिन पहले बुखर आया, वो ठीक हो गया। अब हल्का सीने में दर्द व खांसी है। आक्सीजन लेवल 95-96 फीसद है। - पवन कुमार, कांधरपुर

उत्तर : हाल में आए खांसी-बुखार के लक्षण को कोविड मानते हुए होम आइसोलेट करें। दिन में दो से तीन बार पल्स आक्सीमीटर से आक्सीजन लेवल चेक करें। कोविड गाइडलाइन की आरंभिक दवाई लें।

प्रश्न : मेरी उम्र 44 साल तीन महीने है, क्या वैक्सीन लग जाएगी? - दिलीप जायसवाल, ग्रीन पार्क

उत्तर : 45 साल की रनिंग एज में वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए टीकाकरण केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराने के बाद वैक्सीन लगवा सकते हैं।

प्रश्न : वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। लेकिन घर में लाइब्रेरी साफ करने में कोरोना संक्रमण का कोई खतरा तो नहीं?इंद्रदेव त्रिवेदी, बिहारीपुर

उत्तर : सेकेंड डोज लगने के दो हफ्ते बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। हालांकि घर पर लाइब्रेरी में किताब या किसी अन्य तरह की सफाई करने में कोई खतरा नहीं है। हां, एहतियातन डबल मास्क जरूर लगाएं, इससे सफाई के दौरान उठने वाले धूल कण से भी बचेंगे।

प्रश्न : वैक्सीन लगवा चुका हूं। खांसी हो रही है, कोविड जांच पहले कराई थी, रिपोर्ट निगेटिव आई है। आंख लाल हो रही हैं? राकेश, उमरसिया 

उत्तर : कोरोना की जांच जरूर कराएं। रिपोर्ट आने तक खुद को आइसोलेट रखें। आंखों में लालपन है तो इन्हें समय-समय पर ठंडे पानी से धोएं। नॉन स्टेरायडल आईड्रॉप डालें। आंखों को बिलकुल मसलें नहीं।

प्रश्न : दोनों वैक्सीन लग चुकी हैं। चार पांच दिन से बुखार है, कोविड जांच में रिपोर्ट निगेटिव रही है। हालांकि अब खांसी नहीं है। दीपक दास, सद्भावना कालोनी

उत्तर : ऐसा लगता है, कोविड संक्रमण ने आप पर अटैक किया है। हालांकि वैक्सीन लगने की वजह से आप पर वायरल लोड का असर कम रहा, निमोनिया नहीं हुआ। खूब ठंडा पानी पियें और सभी एहतियात बरतें।

प्रश्न : मेरी बहन में कोरोना के लक्षण लगे, जो काफी ठीक हुए। हालांकि अभी हल्का बुखार है। थकान जल्दी हो जाती है, खांसी अभी है, हल्का कफ आ रहा है, क्या करें? - आशू शर्मा, कर्मचारी नगर

उत्तर : अभी केवल दस दिन हुए हैं, अगले कुछ दिन तक हल्का बुखार रह सकता है। आक्सीजन लेवल जांचते रहें। अगर बुखार 100 के ऊपर जाए तो चिंता का विषय है। निमोनिया है या नहीं यह सीटी स्कैन से ही पता चल सकेगा। छह मिनट वाक से फेफड़ों की स्थिति देखें।

प्रश्न : नाक बार-बार बंद हो रही है, घर में कोविड हिस्ट्री रही है, क्या कोविड हो सकता है?-ऊषा अग्रवाल, राजेंद्र नगर

उत्तर : कोरोना की जांच समय-समय पर कराएं। नाक में कोई भी लक्षण आएं तो कोविड की जांच कराएं और कोविड से बचाव संबंधी बेसिक दवाएं लें।

प्रश्न : 11 अप्रैल को वैक्सीन की पहली डोज लगी थी। 18 अप्रैल को कोविड-19 वायरस का शिकार हुआ। क्या अब वैक्सीन कब लगवा सकते हैं? - पंकज द्विवेदी, सैनिक कालोनी

उत्तर : कोरोना संक्रमित होने के बाद एंटी बाडीज रहते हैं। ऐसे में तीन महीने बाद ही दूसरी डोज लगवाएं। निगेटिव आने के 28 दिन बाद प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं।

प्रश्न : आइसोलेशन की अवधि कितने समय तक चलती है? - अशोक डुडेजा, कचहरी

उत्तर : आइसोलेशन 14 दिन का इसलिए होता है, क्योंकि फिर आप संक्रमण फैलाने की स्थिति में नहीं होते हैं। हां, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए फिलहाल घर में ही रहें।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.