Fever in Shahjahanpur : शाहजहांपुर में नही थम रहा बुखार का कहर, झोलाछापों से उपचार कराने पर बिगड़ रहे हालात, जानिए क्या है हालात

Fever in Shahjahanpur शाहजहांपुर में बुखार का प्रकोप जिले में कम नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह सबसे ज्यादा जानलेवा बन रहा है। सितंबर माह में जो 14 लोगों की बुखार से मौतें हुई है उनमे शहर का एक भी व्यक्ति नहीं है।

Ravi MishraWed, 15 Sep 2021 04:27 PM (IST)
Fever in Shahjahanpur : शाहजहांपुर में नही थम रहा बुखार का कहर, झोलाछापों से उपचार कराने पर बिगड़ रहे हालात

 बरेली, जेएनएन। Fever in Shahjahanpur : शाहजहांपुर में बुखार का प्रकोप जिले में कम नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह सबसे ज्यादा जानलेवा बन रहा है। सितंबर माह में जो 14 लोगों की बुखार से मौतें हुई है उनमे शहर का एक भी व्यक्ति नहीं है। इसी तरह तहसील क्षेत्र के कस्बों में भी बुखार का प्रकोप गांवों के मुकाबले कम है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में भी सबसे ज्यादा बुखार व मलेरिया के मरीज ग्रामीण क्षेत्र में निकल रहे है। वहां उपचार के नाम पर यहां खानापूर्ति करने से चिकित्सक बाज नहीं आ रहे है। सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से मरीज सीधे राजकीय मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिए जा रहे है। मंगलवार को भी राजकीय मेडिकल कालेज की ओपीडी में करीब 350 मरीज बुखार से पीड़ित पहुंचे थे। हालांकि मलेरिया के मरीज मेडिकल कालेज में सिर्फ तीन ही निकले। जिससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यहां कुछ राहत की सांस ली।

यह बन रही वजह

ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार आने पर लोग विशेषज्ञ चिकित्सक से उपचार कराने के बजाय झोलाछापों के पास ही दवा लेते रहते है। जिस वजह से सुधार होने के बजाय स्थिति बिगड़ती चली जाती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है।

38 मरीज मिले बुखार से पीड़ित

रोजा : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भावलखेड़ा पर मंगलवार को 117 मरीजों का उपचार किया गया। जिसमे 38 मरीज बुखार से पीड़ित निकले। हालांकि यहां मलेरिया के मरीज नहीं मिले है।

220 मरीजों की हुई जांच

जलालाबाद : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. ओमेंद्र राठौर ने बताया कि बुखार का प्रकोप अब कम होने लगा है। मंगलवार को 220 मरीजों की जांच हुई। जिसमे 23 मरीज ही बुखार से पीड़ित मिले। जबकि अन्य खांसी, जुखाम की दवा लेने आए थे।

22 बुखार व दो मलेरिया के मरीज

जैतीपुर : स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को भी गांवों में सर्व किया। 317 लोगों की जांच में 22 बुखार व दो मलेरिया से पीड़ित मिले। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. लईक अहमद अंसारी ने बताया कि सभी मरीजों को दवा दे दी गई है।

अब तक हाे चुकी इनकी माैत 

13 सितंबर को अल्हागंज के मंझा पश्चिम गांव निवासी महावीर के 11 वर्षीय बेटे शोभित की बुखार से मौत हो गई।

- 08 सितंबर को विकासखंड कलान के दसिया गांव में दो बच्चों की बुखार से मौत

- 10 सितंबर को विकासखंड कलान के दसिया गांव निवासी वागेश कुमार के आठ वर्षीय बेटे संदेश की बुखार से मौत।

- 9 सितंबर को सिंधौली क्षेत्र के बाजपुर गांव निवासी छंगा की 14 वर्षीय बेटी कोमल की भी बुखार से मौत हो गई थी।

- 7 सितंबर को विकासखंड जैतीपुर के अवा गांव निवासी भाजपा नेता उदय सिंह की बुखार से मौत

- 6 सितंबर को पीलीभीत जिले के बीसलपुर निवासी सुनील के ढाई वर्षीय बेटे अंकुर की मौत निगोही के गौटिया गांव में हो गई

- 5 सितंबर को खुदागंज क्षेत्र के बखौरा गांव निवासी विपिन कुमार की 12 वर्षीय बेटी तान्या की बुखार से मौत

- 5 सितंबर को विकासखंड सिंधौली के गोरा रायपुर गांव निवासी कोटेदार श्रीपाल की बुखार से मौत

- कांट के रसेम गांव में बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

बुखार के मरीज पहले से कम हो रहे है। राजकीय मेडिकल कालेज समेत सभी अस्पतालों में इंतजाम पर्याप्त करा दिए गए है। अब किसी तरह की परेशानी मरीजों को उपचार कराने में नहीं हो रही है। डा. एसपी गौतम, सीएमओ

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