बरेली में सड़काें पर उतरे बीएससी एग्रीकल्चर के फेल छात्र, विश्वविद्यालय में किया हंगामा, जाम लगाने की काेशिश

Rohilkhand University रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध दर्जन भर महाविद्यालयों में फेल हुए बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों ने विवि में जमकर हंगामा किया। गुस्साए सैकड़ों छात्र विवि पहुंचे और मुख्य गेट के आगे धरना दे दिया। छात्रों की तादाद बढ़ती गई तो पीलीभीत बाईपास जाम करने की कोशिश की।

Ravi MishraSat, 13 Nov 2021 06:52 AM (IST)
बरेली में सड़काें पर उतरे बीएससी एग्रीकल्चर के फेल छात्र, विश्वविद्यालय में किया हंगामा

बरेली, जेएनएन।  : रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध दर्जन भर महाविद्यालयों में फेल हुए बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों ने शुक्रवार सुबह विवि में जमकर हंगामा किया। करीब 10.30 बजे गुस्साए सैकड़ों छात्र विवि पहुंचे और मुख्य गेट के आगे धरना दे दिया। छात्रों की तादाद बढ़ती गई तो पीलीभीत बाईपास जाम करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने छात्रों को हटाया। इसके बाद प्रशासनिक भवन पहुंचकर छात्रों ने विश्वविद्यालय पर मूल्यांकन में घोर लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। वहीं कुलपति को बाहर बुलाने व समस्या का निराकरण करने की मांग की। विश्वविद्यालय प्रशासन के बुलावे पर पहुंचे पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कुलसचिव के साथ शाम सात बजे तक बातचीत के बाद छात्र विवि से हटे। रुविवि ने बीते मंगलवार बीएससी कृषि आनर्स प्रथम सेमेस्टर का परिणाम घोषित किया था। इसमें संबद्ध 11 महाविद्यालयों के 2300 में से 1700 छात्र फेल हुए थे।

जानबूझकर फेल करने का लगाया आरोप 

प्रशासनिक भवन के गेट के बाहर धरना देते हुए छात्रों का आरोप था कि उनको जानबूझकर फेल किया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा का समय घटाया गया था। पेपर का प्रारूप समय पर नहीं बताया गया था और अब मूल्यांकन में लापरवाही कर उनको फेल कर दिया गया है। हालांकि देर शाम कुलसचिव के समझाने पर छात्र किसी तरह शांत हुए। छात्रों ने अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की मांग की। विवि प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक प्रतिनिधि को बुलाया, लेकिन सभी हंगामा जारी रखते हुए अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की मांग पर अड़े रहे।

गार्ड के साथ मारपीट, दौड़ाया 

विश्वविद्यालय में पुलिस को आता देख प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विवि के मुख्य प्रवेश द्वार का गेट ही अंदर से बंद कर दिया। जिसका विरोध कर रहे गार्ड को छात्रों ने पीट दिया। किसी तरह उन्हें अपने से छुड़ाकर भाग रहे गार्ड को छात्रों ने दुबारा दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की। उधर विवि पहुंची पुलिस ने गार्ड को छात्रों से बचाया। विवि के गेट नंबर तीन की ओर भी छात्रों ने प्रदर्शन किया। जिसका विरोध करने पर छात्र भड़क उठे। छात्रों के हाथों में लाठी डंडे देख विवि के लोग भी लाठी-डंडा लेकर आ गए। हालांकि लाठी पटककर छात्रों को किसी तरह वहां से हटाया गया।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं की भी नहीं सुनी 

प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ता व पदाधिकारी कुलसचिव डा.राजीव कुमार के पास लेकर पहुंचे। यहां कुलसचिव द्वारा समस्या के निस्तारण के लिए बैठक आदि किए जाने व फेल होने का कारण आदि की जानकारी दी गई। जिस पर भी प्रदर्शनकारी छात्र शांत नहीं हुए।

निकलवाई गई कापी, अधिकांश फेल 

हंगामा शांत न होता देख कुलसचिव ने आनन-फानन में 50 से अधिक फेल छात्रों की कापी निकलवा उसकी जांच कराई। जिसमें लागू फार्मूले के तहत सभी छात्र फेल पाए गए। जिसके चलते तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया जा सका।

आइसीएआर के नियमों के तहत 50 फीसद अंक जरूरी 

प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कुलसचिव डा.राजीव कुमार ने बताया बीएससी कृषि आनर्स इसी सत्र से विश्वविद्यालय में लागू हुआ था। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) के नियमों के तहत परीक्षा में पास होने के लिए 50 फीसद अंक होना जरूरी है। जबकि बीएससी कृषि में 35 फीसद अंक पाकर ही छात्र पास हो जाते थे। प्रारूप में 50, 30 और 20 अंकों के आधार पर प्रश्नपत्र होते हैं। तीनों में ही 50 फीसद अंक से पास होना जरूरी है। एक में भी न्यूनतम अंक कम होने पर फेल माना जाएगा।

एडीएम, एसपी के साथ पहुंचा तीन थानों की फोर्स 

मामला बढ़ने की जानकारी होने पर अपर जिलाधिकारी नगर डा. राम दुलारे पांडेय के साथ एसपी सिटी रविंद्र कुमार, एएसपी साद मियां खान व सीओ प्रथम श्वेता यादव व तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। सभी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाने की काफी कोशिश की।

तीन बैठकों में शनिवार को लिया जाएगा फैसला 

कुलसचिव डा. राजीव कुमार ने बताया कि छात्र हित को लेकर शनिवार को कुलपति की अध्यक्षता में एग्रीकल्चर कालेजों के प्राचार्यों की बैठक बुलाई गई है। इसके अलावा बोर्ड आफ स्टडीज की भी बैठक बुलाई गई है। साथ ही मामले का निस्तारण किए जाने के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जो सभी से वार्ता कर अपने प्रस्ताव तैयार करेगी। जिसमें आइसीएआर की गाइडलाइन का पालन करते हुए छात्रों को राहत देने का रास्ता निकाला जाएगा।

बीएससी एग्रीकल्चर में पहले बच्चे 36 अंक पर पास होते थे। जबकि अब नए फार्मूले में पास होने के लिए अलग-अलग प्रारूप में न्यूनतम नंबरों के साथ कुल 50 अंक जरूरी हैं। विश्वविद्यालय ने आइसीएआर की पांचवी डीन कमेटी की सिफारिश लागू करते हुए परीक्षा कराई व परिणाम जारी किया है। जिसमें अधिकांश बच्चे फेल हुए हैं। छात्र हित में फैसला लिए जाने कि लिए शनिवार को तीन बैठक होनी है। - डा. राजीव कुमार, कुलसचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय

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