विशेषज्ञाें ने किसानाें काे समझाया तकनीक से खादों का प्रयोग, बाेले- भविष्य की जरूरत

कृषि विज्ञान केंद्र बरेली ने भोजीपुरा विकासखंड के गांव हमीरपुर में विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आइवीआरआइ के प्रसार शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डा.महेश चंद्र ने उपस्थित 205 कृषक एवं कृषक महिलाओं के संबोधन में नवीन तकनीक के सही प्रयोग पर बल दिया।

Ravi MishraPublish:Mon, 06 Dec 2021 11:52 AM (IST) Updated:Mon, 06 Dec 2021 11:52 AM (IST)
विशेषज्ञाें ने किसानाें काे समझाया तकनीक से खादों का प्रयोग, बाेले- भविष्य की जरूरत
विशेषज्ञाें ने किसानाें काे समझाया तकनीक से खादों का प्रयोग, बाेले- भविष्य की जरूरत

बरेली, जेएनएन।  : कृषि विज्ञान केंद्र बरेली ने भोजीपुरा विकासखंड के गांव हमीरपुर में विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि आइवीआरआइ के प्रसार शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डा.महेश चंद्र ने उपस्थित 205 कृषक एवं कृषक महिलाओं के संबोधन में नवीन तकनीक के सही प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीक देश में बहुत हैं, लेकिन कृषि विज्ञान केंद्र के साथ मिलकर उन तकनीकों का सही प्रयोग करने से ही उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने मृदा स्वास्थ्य के लिए खेतों में प्रयोग किए जाने वाले उर्वरकों के स्थान पर जैविक उर्वरकों के प्रयोग पर बल दिया।

कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न प्रसार गतिविधियों से नियमित रूप से जुड़े रहने का आह्वान किसानों से किया। जिससे उनकी फसलों एवं पशुओं के उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही मृदा स्वास्थ्य के लिए इन तकनीकों के प्रयोग का आग्रह किया। कृषि विज्ञान केंद्र के विषय विशेषज्ञ रंजीत सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं सभी कृषकों को बताया कि किस प्रकार मिट्टी क्षारीय होती जा रही है, आगे चलकर ऐसी मिट्टियां अन उपजाऊ हो जाती हैं। नैनो तकनीक से खादों का प्रयोग भविष्य की जरूरत है।

इससे खर्चा भी कम होगा, फसलों में टिकाऊ उत्पादन में वृद्धि होगी और मृदा स्वास्थ्य भी बना रहेगा। कृषि विज्ञान केंद्र की वाणी यादव ने भी खेतों से मिट्टी का नमूना लेने और ऊसर जमीन के सुधार पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र विशेषज्ञ शार्दुल विक्रम लाल, प्रसार शिक्षा विभाग के तकनीकी अधिकारी वीर सिंह उपस्थित थे। कार्यक्रम में कृषक महिलाओं को सब्जियों की पौध बांटी गई एवं उपस्थित सभी कृषकों को पशुओं के लिए खनिज मिश्रण दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र नेे हमीरपुर के पांच कृषकों को मिर्च की फसल में पोषक तत्वों के प्रदर्शन हेतु आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गयी।