बरेली में चिकित्सक बोले, बच्चों पर न दिया ध्यान तो 25 साल बाद ढाई गुना होंगे मधुमेह रोगी

मधुमेह रोगियों के मामले में हम दुनिया में चीन के बाद दूसरे स्थान पर हैं। इसकी सबसे प्रमुख वजह है कि वर्तमान पीढ़ी के बच्चों के खानपान और दिनचर्या पर ध्यान नहीं देना। अगर इस पर अभी से नकेल नहीं कसी गई तो आने वाले 25 सालों में देश में डायबिटीज रोगी ढाई गुना तक बढ़ जाएंगे।

JagranSun, 05 Dec 2021 05:14 AM (IST)
बरेली में चिकित्सक बोले, बच्चों पर न दिया ध्यान तो 25 साल बाद ढाई गुना होंगे मधुमेह रोगी

जागरण संवाददाता, बरेली: उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन का बरेली में दो दिवसीय यूपीडेकान-2021 शनिवार से शुरू हो गया। आइएमए हाल में शनिवार से शुरू हुई वर्कशाप में देश के जाने-माने डायबेटोलाजिस्ट ने हिस्सा लिया। सीनियर साइंटिफिक चेयरमैन डा.आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मधुमेह का जांच और इलाज होने के बावजूद यह मर्ज तेजी से बढ़ रहा है। मधुमेह रोगियों के मामले में हम दुनिया में चीन के बाद दूसरे स्थान पर हैं। इसकी सबसे प्रमुख वजह है कि वर्तमान पीढ़ी के बच्चों के खानपान और दिनचर्या पर ध्यान नहीं देना। अगर इस पर अभी से नकेल नहीं कसी गई तो आने वाले 25 सालों में देश में डायबिटीज रोगी ढाई गुना तक बढ़ जाएंगे। मधुमेह मित्र जमीन पर उतारने की जरूरत :

वर्कशाप के दौरान डा.गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1920 से डायबिटीज का इंसुलिन है, लेकिन अभी तक हम इस मर्ज पर काबू नहीं पा सके हैं। उन्होंने कहा कि हर गांव में मधुमेह मित्र की जरूरत है। इसका प्रस्ताव भी शासन के पास भेजा गया, जिसके मुताबिक जो सभी ग्रामीणों में शुगर की जांच करता, इसके लिए एसोसिएशन सभी को प्रशिक्षण देती। हालांकि जरूरी ग्लूकोमीटर व स्ट्रिप सरकार को मुहैया कराना होता। इससे मधुमेह रोगियों की समय पर जांच व इलाज होता, लेकिन कई कारणों की वजह से यह प्रस्ताव कभी पास नहीं हो सका। आम जनता के लिए भी एक घंटे सेशन :

डा.नर सिंह वर्मा ने बताया कि डायबिटीज के बारे में लोगों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो और लोग समय पर जांच और इलाज करा सकें। इसके लिए रविवार सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक एक घंटे का विशेष सेशन होगा। इसमें लोग डायबिटीज से जुड़े भ्रम दूर करन सकेंगे। वहीं चिकित्सकों को डायबिटिक फुट वर्कशाप में घाव की जांच व इलाज की जानकारी दी जाएगी। दो दिन में कुल बीस सेशन होंगे। प्रदेश के 1600 डाक्टरों तक पहुंचेगी जानकारी :

साइंटिफिक चैयरमेन आफ यूपीडेकान डा.सुदीप सरन ने बताया कि यह वर्कशाप मधुमेह पर नई-नई जानकारियां सभी डाक्टरों तक पहुंचाने के लिए आयोजित की गई है। शुगर पीड़ित मरीजों में कोरोना का कितना असर पड़ता है के बारे में भी वर्कशाप के दौरान विस्तार से बताया गया। यूपीकेकान के सचिव डा.राजीव गोयल ने बताया कि शुगर पीड़ित मरीजों को समय समय पर अपनी शुगर चेक करते रहना चाहिए क्योंकि शुगर कम या ज्यादा होना दोनों ही शरीर पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। जिसकी वजह से ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक आदि और बीमारियां भी होने लगती हैं।

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